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माइनर को कब्जा मुक्त करवाने की प्रशासनिक कार्रवाई से बचने की जुगत में सबूत जुटा रहे लोग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jun 2022 02:15 AM IST
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People gathering evidence trying to avoid administrative action to free the minor
पानीपत। मॉडल टाउन से लेकर जाटल रोड होते हुए शुगर मिल तक बने रजबाहे की जमीन को कब्जामुक्त करने का प्रशासन का अभियान दो दिन के लिए रुक गया है। वहीं, लोग इस कार्रवाई से अपने आशियानों को बचाने की जुगत में सबूत जुटा रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन अपनी निशानदेही दिए बिना ही एकतरफा कार्रवाई कर रहा है। जबकि मानइर के अंश आज भी वहां मौजूद हैं, जहां प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए लेकिन इसके विपरीत दूसरी जगह से कब्जा हटवाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे काफी लोग बेवजह बेघर हो जाएंगे।
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यहां के लोगों ने बताया कि इस माइनर ने पुुराने समय में 88 साल तक खेतों में नहरी पानी दिया। जो अब पिछले 44 साल से बंद है। आसपास रहने वाले लोगों ने इसकी जमीन पर कब्जा कर लिया। जिसे अब छुड़वाया जा रहा है। इस कार्रवाई में सही निशानदेही न होने के आरोप लग रहे हैं, जिससे रजबाहे की जमीन को छोड़कर प्रशासन दूसरों के मकानों की ओर अपनी मशीनों को मुंह किए खड़ा है।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि ये रजबाहा 1890 में अंग्रेजी हुकूमत ने पानी का लगान वसूलने के लिए बनवाया था। उस समय जमीन का अधिग्रहण करने का कानून नहीं था। ये कानून 1894 में बना। उस समय यहां के लोगों ने रजबाहे की जमीन इस शर्त पर ली थी कि जब तक रजबाहा पानी देता रहेगा वे लगान देते रहेंगे। इसके बाद यह रजबाहा 1978 में बंद हो गया। इसी दौरान यहां कॉलोनियां बस गईं। आज भी इस माइनर के अंश यहां मौजूद है। शुगर मिल से पहले जहां माइनर बंद होती थी, यहां से माइनर की सब ब्रांच निकलती थी। जो आज भी यहां मौजूद है।
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स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस जमीन की अक्स सीजरा और निशानदेही लोहे की जरीन से एक्सपर्ट माल अधिकारी से करवाई जाए। यहां एक रकबा नंबर 2617 है। इस रकबे की कहीं लंबाई चौड़ाई 40 फुट है तो कहीं 50 फुट है। जिसकी पैमाइश अक्स सीजरा से करवाई जाए।

नियमानुसार कर रहे कार्रवाई
जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए नियम और पैमाइश अनुसार ही कार्रवाई की जा रही है। किसी को संदेह है तो वह अपनी रजिस्टरी दिखाकर तहसील से पैमाइश करवा सकता है। अब दो दिन के लिए लोगों को समय दिया है, ताकि वे मकान खाली कर दें। शुक्रवार को फिर से कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- राजेश कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग।
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