फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   People are becoming aware about consumer rights, getting justice

Panipat News: उपभोक्ता अधिकारों को लेकर लोग हो रहे जागरूक, मिल रहा न्याय

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Dec 2024 02:35 AM IST
विज्ञापन
People are becoming aware about consumer rights, getting justice
पानीपत। बदलते ट्रेंड में लोगों को सामान या फिर पॉलिसी में जरूरत पड़ने पर न्याय नहीं मिल पाता। वे न्याय के लिए चक्कर काटते रहते हैं। जिला उपभोक्ता आयोग के गठन और यहां न्याय मिलने के बाद लोगों में जागरूकता आई है। अब उपभोक्ता किसी किसी भी विवाद को आयोग के सामने रखने में नहीं हिचकते। वे सामने आकर शिकायत करते हैं और संघर्ष कर अपने विवाद को सुलझाने में कामयाब हो रहे हैं।
विज्ञापन

उपभोक्ता आयोग का भी मानना है कि उपभोक्ता अपने अधिकारों के उल्लंघन के मामले में यहां न्याय पा सकते हैं। आयोग विवादों को सही तरीके से सुलझाने का काम करता है। दिन-प्रतिदिन लोगों का इसके प्रति विश्वास बढ़ रहा है।
विज्ञापन

उपभोक्ता दिवस हर साल 24 दिसंबर को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मकसद उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक करना है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और जरूरतों के प्रति जागरूक करना है। जिला के उपभोक्ता आयोग में हर महीने लगभग 40 केस आ रहे है। इनमें ज्यादातर बीमा, मेडिकल, फोन, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और वाॅशिंग मशीन आदि से संबंधित केस आ रहे हैं। हाल ही में एक केस बीमा कंपनी का सामने आया है।
विज्ञापन
विज्ञापन



----मामला नंबर एक---
साईं बाबा चौक निवासी रमेश कुमार ने एक व्यक्ति से 3.75 लाख रुपये में एक पुरानी कार खरीदी थी। जिसका बीमा यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में मई 2017 से मई 2018 तक था। 29 दिसंबर 2017 की रात ढाई बजे दिल्ली से आते समय ट्रक ने कार को टक्कर मार दी । जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। कार चालक को भी चोंटें आई। क्षतिग्रस्त कार की फोटो बीमा कंपनी को भेजी गई लेकिन क्लेम न देकर कंपनी बहाना बनाने की बात कहकर पल्ला झाड़ती रही। जिसके बाद शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग का सहारा लिया। तब बीमा कंपनी ने शिकायतकर्ता को क्लेम की राशि दी।



मामला नंबर-दो
बाल जाटान गांव निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उसने आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से ग्रुप एक्टिव हेल्थ बीमा करवाया था। इसी बीच उसके पेट में दर्द हुआ तो उसे निजी अस्पताल में पांच दिन दाखिल कराया गया । उसका बिल 83,862 रुपये आया। कंपनी ने क्लेम देने से इंकार कर दिया। तब शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग की शरण ली। आयोग के फैसले के बाद ही कंपनी ने 83862 रुपये छह प्रतिशत ब्याज और 10500 रुपये कानूनी खर्च के तौर पर देने के आदेश दिए।

वर्जन :
उपभोक्ता आयोग के माध्यम से लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं। यहां उनका समाधान किया जा रहा है। लोगों को उपभोक्ता आयोग के प्रति विश्वास बढ़ रहा है।
डॉ. आरके डोगरा, अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता आयोग।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed