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Panipat News: क्षतिग्रस्त कार का क्लेम न देने पर बीमा कंपनी पर लगाया जुर्माना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 11 Jun 2025 01:59 AM IST
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Penalty imposed on insurance company for not paying claim for damaged car
पानीपत। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने क्षतिग्रस्त कार का क्लेम देने के एक मामले में उपभोक्ता के पक्ष में फैसला दिया है। बीमा कंपनी के लॉकडाउन में कार का प्रयोग करने पर पाबंदी के दावे को आयोग ने खारिज कर दिया है। बीमा कंपनी को कार की कीमत के चार लाख रुपये छह प्रतिशत ब्याज के साथ देने के आदेश दिए हैं। साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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शाहपुर गांव के सुरेंद्र ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में वाद दायर किया था। उनका कहना था कि उसने नवंबर 2014 में एक िस्वफ्ट डिजायर कार खरीदी थी। जिसका पंजीकरण सोनीपत के गन्नौर में कराया था। उसने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी से कार का बीमा करवाया था। जिसकी पॉलिसी अवधि 30 जनवरी 2019 से 29 दिसंबर 2020 तक थी। उसके भाई प्रेमदत्त अप्रैल 2020 में कार में दो मजदूरों को लेकर गन्नौर से शाहपुर आ रहे थे। जैसे ही वह गांव पूठर के पास पहुंचे तो अचानक खेत से एक गाय कार के सामने आ गई। जिसे बचाने के दौरान कार खाई में गिर गई और एक पेड़ से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई थी। 15 अप्रैल 2020 को वह कार को लेकर शोरूम में पहुंचा। कार खर्च का अनुमान 7.26 लाख रुपये आंका गया। उस समय कार की बाजार कीमत करीब चार लाख रुपये थे। सुरेंद्र ने बीमा कंपनी से कार की कीमत बतौर क्लेम दिए जाने की मांग की थी।
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कंपनी ने लॉकडाउन का दावा कर खारिज किया क्लेम
जब कंपनी के पास क्लेम की फाइल पहुंची तो कंपनी ने उस पर आपत्ति लगा दी। कंपनी ने दावा किया कि जिस समय हादसा हुआ उस समय लॉकडाउन लगा हुआ था। जिस कारण वाहन चालक ने सरकार की गाइडलाइन का पालन नहीं किया था। कंपनी ने क्लेम के आवेदन को निरस्त कर दिया था। जिसके बाद सुरेंद्र आयोग की शरण में पहुंचा। आयोग ने दोनों पक्षों के दावे और आपत्ति सुनी। आयोग के अध्यक्ष डॉ. एके डोगरा ने बीमा कंपनी के दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने कंपनी को क्लेम के चार लाख रुपये छह प्रतिशत ब्याज के साथ देने के आदेश दिए। साथ ही पांच हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और 5500 रुपये वाद खर्च के रूप में वादी को देने के आदेश दिए।
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