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ब्लड कंपोनेंट के लिए रोगियों को नहीं जाना पड़ेगा अस्पताल
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पानीपत। ब्लड कंपोनेंट वितरण मशीन का रिबन का काटकर शुभारंभ करते हुए राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, ?
- फोटो : Panipat
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पानीपत। अब डेंगू, बर्न एवं थैलेसीमिया के मरीजों को प्लेटलेट्स एवं प्लाज्मा के लिए निजी अस्पतालों में धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। निजी ब्लड बैंकों में मिलने वाली महंगी प्लेटलेट्स एवं प्लाज्मा से छुटकारा मिलेगा। बुधवार को हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने रेडक्रॉस ब्लड सेंटर में फीता काटकर रक्त घटकों के वितरण का शुभारंभ किया।
तीन वर्ष के प्रयासों के बाद जिला रेडक्रॉस सोसायटी ने अपने ब्लड बैंक में रक्त घटकों का वितरण शुरू कर दिया है। रेडक्रॉस को रक्त घटकों के वितरण का लाइसेंस 24 मार्च को मिल चुका है। अब रेडक्रॉस के ब्लड बैंक में रोगियों को सरकारी दरों पर होल ब्लड, पैक्ड रेड सेल, फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा, प्लेटलेट्स कंसट्रेट और एफरेसिस मुहैया करा सकेगी।
इस मौके पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि रेडक्रॉस संस्था ने रिफाइनरी और आईएसआरएल की मदद से ब्लड कंपोनेंट अलग करने की मशीन ली है। इससे पानीपत के थैलेसीमिया, बर्न केस और डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स लेने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। जरूरतमंद लोगों के लिए यह एक वरदान साबित होगा। रेडक्रॉस संस्था ने हमेशा से ही सामाजिक कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाई है। यही कारण रहा कि कोरोनाकाल में रक्तदान शिविरों को लगाने में रेडक्रॉस संस्था की अभूतपूर्व भूमिका रही। राज्यपाल ने युवाओं से अपील की कि रक्तदान करने के लिए हमेशा आगे रहें।
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सेवा के लिए जीसी सिकदर और भूवेश पांडे को किया गया सम्मानित
रक्त घटकों को अलग करने की मशीन रिफाइनरी और इंडियन सिंथेटिक बूटाडाइन रबर प्लांट ने उपलब्ध कराई है। इस सेवा के लिए राज्यपाल ने रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक जीसी सिकदर और आईएसपीआरएल के एमडी भूवेश पांडे को प्रशंसापत्र देकर सम्मानित भी किया।
90 लाख रुपये का आया खर्च
अपग्रेडेशन में करीब 90 लाख रुपये का खर्च आया है। आईएसआरएल (इंडियन सिंथेटिक बूटाडाइन रबर प्लांट) ने 27 लाख 63 हजार 483, आईओसीएल (इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड) 22 लाख 97 हजार, श्री सीमेंट ने 46 हजार 400 रुपये की मशीनरी खरीदकर दान दी है। इनमें डीप फ्रीजर, प्लेटलेट्स एग्रीगेटर, प्लाज्मा थाविंग बाथ, डोनर काउच, ब्लड कलेक्शन मॉनीटर, कंपोस्केल, प्लाज्मा एक्सप्रेशर, ट्यूब सीलर, एफरेसिस मशीन, सेल काउंटर, एलाइजा रीडर, एलाइजा वाशर, पोर्टेबल डोनर टेबल, ब्लड ट्रांसपोर्टेशन बाक्स, लेमिनर एयरफ्लो शामिल हैं।
- सिविल अस्पताल से निराशा
सिविल अस्पताल में बनने वाले ब्लड सेंटर में भी सभी ब्लड कंपोनेंट मिलने की घोषणा की गई थी। बाद में पता चला कि सेंटर खुलेगा भी तो वहां सिर्फ होल ब्लड ही मिलेगा। यह योजना परवान नहीं चढ़ रही है। रक्त सेंटर के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए छह लाख रुपये सरकार से मिले हैं। कुछ मशीनरी भी आ चुकी है। पैथोलॉजिस्ट न होने के कारण फाइल आगे नहीं बढ़ रही है।
- मल्टी स्पेशलिटी एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाई
हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से प्रदान की गई मल्टी स्पेशलिटी एंबुलेंस को राज्यपाल ने झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने दिव्यांगों को ई-रिक्शा भेंटकर उन्हें हेलमेट भी प्रदान किए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 179 सरकारी स्कूलों में हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से आरओ दिए गए हैं। जिससे बच्चों को पीने के लिए स्वच्छ पानी मिलेगा।
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तीन वर्ष के प्रयासों के बाद जिला रेडक्रॉस सोसायटी ने अपने ब्लड बैंक में रक्त घटकों का वितरण शुरू कर दिया है। रेडक्रॉस को रक्त घटकों के वितरण का लाइसेंस 24 मार्च को मिल चुका है। अब रेडक्रॉस के ब्लड बैंक में रोगियों को सरकारी दरों पर होल ब्लड, पैक्ड रेड सेल, फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा, प्लेटलेट्स कंसट्रेट और एफरेसिस मुहैया करा सकेगी।
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इस मौके पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि रेडक्रॉस संस्था ने रिफाइनरी और आईएसआरएल की मदद से ब्लड कंपोनेंट अलग करने की मशीन ली है। इससे पानीपत के थैलेसीमिया, बर्न केस और डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स लेने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। जरूरतमंद लोगों के लिए यह एक वरदान साबित होगा। रेडक्रॉस संस्था ने हमेशा से ही सामाजिक कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाई है। यही कारण रहा कि कोरोनाकाल में रक्तदान शिविरों को लगाने में रेडक्रॉस संस्था की अभूतपूर्व भूमिका रही। राज्यपाल ने युवाओं से अपील की कि रक्तदान करने के लिए हमेशा आगे रहें।
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सेवा के लिए जीसी सिकदर और भूवेश पांडे को किया गया सम्मानित
रक्त घटकों को अलग करने की मशीन रिफाइनरी और इंडियन सिंथेटिक बूटाडाइन रबर प्लांट ने उपलब्ध कराई है। इस सेवा के लिए राज्यपाल ने रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक जीसी सिकदर और आईएसपीआरएल के एमडी भूवेश पांडे को प्रशंसापत्र देकर सम्मानित भी किया।
90 लाख रुपये का आया खर्च
अपग्रेडेशन में करीब 90 लाख रुपये का खर्च आया है। आईएसआरएल (इंडियन सिंथेटिक बूटाडाइन रबर प्लांट) ने 27 लाख 63 हजार 483, आईओसीएल (इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड) 22 लाख 97 हजार, श्री सीमेंट ने 46 हजार 400 रुपये की मशीनरी खरीदकर दान दी है। इनमें डीप फ्रीजर, प्लेटलेट्स एग्रीगेटर, प्लाज्मा थाविंग बाथ, डोनर काउच, ब्लड कलेक्शन मॉनीटर, कंपोस्केल, प्लाज्मा एक्सप्रेशर, ट्यूब सीलर, एफरेसिस मशीन, सेल काउंटर, एलाइजा रीडर, एलाइजा वाशर, पोर्टेबल डोनर टेबल, ब्लड ट्रांसपोर्टेशन बाक्स, लेमिनर एयरफ्लो शामिल हैं।
- सिविल अस्पताल से निराशा
सिविल अस्पताल में बनने वाले ब्लड सेंटर में भी सभी ब्लड कंपोनेंट मिलने की घोषणा की गई थी। बाद में पता चला कि सेंटर खुलेगा भी तो वहां सिर्फ होल ब्लड ही मिलेगा। यह योजना परवान नहीं चढ़ रही है। रक्त सेंटर के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए छह लाख रुपये सरकार से मिले हैं। कुछ मशीनरी भी आ चुकी है। पैथोलॉजिस्ट न होने के कारण फाइल आगे नहीं बढ़ रही है।
- मल्टी स्पेशलिटी एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाई
हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से प्रदान की गई मल्टी स्पेशलिटी एंबुलेंस को राज्यपाल ने झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने दिव्यांगों को ई-रिक्शा भेंटकर उन्हें हेलमेट भी प्रदान किए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 179 सरकारी स्कूलों में हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से आरओ दिए गए हैं। जिससे बच्चों को पीने के लिए स्वच्छ पानी मिलेगा।