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Panipat News: पानीपत की हवा प्रदेश से सबसे अधिक प्रदूषित, 283 पहुंचा एक्यूआई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Oct 2024 05:55 AM IST
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Panipat's air is the most polluted in the state
पानीपत। औद्योगिक नगरी पानीपत की हवा तेजी से बिगड़ रही है। शुक्रवार को पानीपत प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां का एक्यूआई 283 दर्ज किया गया, वीरवार के मुकाबले शुक्रवार को एक्यूआईए एक दम 57 अंक बढ़ गया। पानीपत का एक्यूआई लगातार दूसरे दिन भी ऑरेंज जोन में है। यह सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। पानीपत के बाद फरीदाबाद और तीसरे नंबर पर सोनीपत सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। नारनौल की हवा सबसे शुद्ध रही। नारनौल का एक्यूआई 88 दर्ज किया गया है।
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एसीक्यूएम एक अक्तूबर से एनसीआर में ग्रैप लागू कर चुका है। ग्रैप के तहत अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। शहर की मुख्य सड़कें टूटी हुई हैं। वहां धूल उड़ रही है। धूल के कारण पीएम-10 और धुएं के कारण पीएम- 2.5 बढ़ रहा है। दोनों की मात्रा शुक्रवार को 500 तक पहुंच गई। प्रदूषण का केंद्र गोहाना रोड व टोल प्लाजा है। टोल प्लाजा पर जाम लगता है। वहीं पर एक्यूआई मापने का संयंत्र है। इसलिए एक्यूआई दूसरे जिलों के मुकाबले अधिक दर्ज होता है। सितंबर में प्रदेश का औसतन एक्यूआई 85 से कम था। प्रदूषण मामलों के विशेषज्ञों की मानें तो अक्तूबर व नवंबर में एक्यूआई बढ़ने का मुख्य कारण हवा का दबाव है। दवाब के कारण धुआं व धूल के कण ऊपर नहीं उठ पाते। इसलिए पीएम-10 बढ़ता है।
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प्रदेश के इन शहरों का सबसे अधिक रहा एक्यूआई

शहर एक्यूआई
पानीपत 283

फरीदाबाद 243

सोनीपत 239

यमुनानगर 212

गुरुग्राम- 205
जींद- 202
फतेहबाद- 195
चरखीदादरी 186
भिवानी 174
करनाल 161

शहर की हवा जानिये:

हवा में धूल की मात्रा- 500
हवा में धुएं की मात्रा-500
हवा में नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा- 32
हवा में कार्बन की मात्रा- 67
हवा में ऑजोन की मात्रा-30


इन विभागों की यह होगी जिम्मेदारी-
पीडब्ल्यूडी : स्टेट हाईवे के किनारे पानी का छिड़काव करने की जिम्मेदारी दी गई है। गोहाना रोड, बरसत रोड, सनौली रोड व असंध रोड पर पानी का छिड़काव करने की जिम्मेेदारी यहां पीडब्ल्यूडी की है।
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एनएचएआई : जीटी रोड पर पानी का छिड़काव करना है ताकि धूल न उड़े। गांजबड़ गांव से समालखा तक पानी का छिड़काव किया जाएगा।
नगर निगम : नगर निगम की जिम्मेदारी शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव करने की है। इसके लिए पेड़ पौधों पर भी छिड़काव करना है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड : प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को फैक्टरियों, होटल, रेस्टोरेंट व बैंक्वेट हॉल का निरीक्षण करना है। जेनरेटर सेट चलते मिलने पर कार्रवाई करनी है। फैक्टरियों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सीपीसीबी को देनी है।

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शहर की हवा और होगी खराब - डॉ. राजेंद्र
पर्यावरण मामलों के विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि आने वाले दिनों में हवा का दबाव अधिक बढ़ेगा। धूल के कण हवा में नहीं उठ पाएंगे। स्मॉग का खतरा गहराएगा। हवा में कार्बन व नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा भी बढ़ेगी। फिलहाल एक्यूआई 300 के करीब पहुंच चुका है। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद खराब है। प्रशासन को इसे लेकर गंभीर कदम उठाने चाहिए।



कार्रवाई शुरू : क्षेत्रीय अधिकारी

फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया जा रहा है। 200 से अधिक एक्यूआई होने पर सभी विभागों को अपनी-अपनी जिम्मेदारी संभालनी है। जहां धूल उड़ रही है, वहां पानी के छिड़काव के लिए पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई से तालमेल बैठाया जाएगा। आने वाले दिनों में ग्रैप सख्ती से लागू होगा।

- भूपेंद्र चहल, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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