फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   panipat, water, fresh, plan,

अब शहरवासियों को मिलेगा स्वच्छ पानी

Tue, 03 Jun 2014 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत Updated Tue, 03 Jun 2014 11:23 PM IST
विज्ञापन
panipat, water, fresh, plan,
शहरवासियों को अब पहले से और भी ज्यादा स्वच्छ पानी मिलेगा। जनस्वास्थ्य विभाग ने लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिक्विड क्लोरीन सिलेंडर तकनीक का इस्तेमाल करने की योजना बनाई है।
विज्ञापन


विभागीय अधिकारियाें का दावा है कि तकनीक का प्रयोग पूरा होने के बाद पानी के कारण फैलने वाली बीमारियों के भय से छुटकारा मिल जाएगा। चिकित्सकों की मानें तो गंदा और बैक्टीरिया युक्त पानी पीने के कारण शरीर में कई बीमारियां घर कर जाती हैं।
विज्ञापन


ट्यूबवेलों पर रखे जाएंगे सिलेंडर
लिक्विड क्लोरीन सिलेंडरों को पेयजल सप्लाई उपलब्ध कराने वाले ट्यूबेवलों पर रखा जाएगा। इससे ट्यूबवेलाें से सप्लाई होने वाले पानी में लिक्विड क्लोरीन मिलता रहेगा। यह विधि सरल और बढ़िया मानी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ब्लीचिंग पॉउडर के झंझट से मिलेगा छुटकारा
तकनीक शुरू हो जाने के बाद ब्लीचिंग पॉउडर रखने के झंझटों से छुटकारा मिलेगा। ब्लीचिंग पॉउडर का प्रयोग कर्मचारियों के लिए सुविधाजनक नहीं होता था। इसका नियमित प्रयोग करने से भी कर्मचारी कतराते थे।

पानी में नहीं होगी गंध
लिक्विड क्लोरीन युक्त पानी में गंध नहीं होगी। इससे पहले साधारण क्लोरीन औरव ब्लीचिंग पॉउडर की गंध होती थी। पानी का रंग भी सफेद हो जाता था। पानी की दुर्गंध और रंग देखकर लोग इसे पीना भी पसंद नहीं करते थे। जब पानी में क्लोरीन या ब्लीचिंग आना बंद होती थी तो ही लोग पानी भरते थे।

10 लाख लीटर पानी के लिए दो किलो क्लोरीन पर्याप्त
विशेषज्ञाें की मानें तो 10 लाख लीटर पानी को स्वच्छ करने के लिए दो किलोग्राम क्लोरीन पर्याप्त होगी। इसका प्रयोग करते समय कई तरह की सावधानी बरतना जरूरी होगा। लिक्विड क्लोरीन विषैली गैस होती है। किसी कारण से सिलेंडर या अन्य स्थान का कोई प्वाइंट लीकेज रह जाता है तो यह खतरा पैदा कर सकता है। गैस के संपर्क में आने पर व्यक्ति बेहोश हो सकता है। गैस के संपर्क में आने वाले व्यक्ति की किसी कारण से लंबे समय तक संभाल न हो पाए तो यह उसके लिए खतरा पैदा कर सकती है।

शहर में हैं करीब 180 ट्यूबवेल
शहरवासियों को पेयजल सप्लाई उपलब्ध कराने के लिए करीब 180 ट्यूबवेल हैं। योजना के तहत सभी ट्यूबवेलों पर लिक्विड क्लोरीन सिलेंडर रखे जाएंगे। अधिकारियाें की मानें तो योजना को पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा। कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। सिलेंडराें का नियमित प्रयोग हो रहा है, कहीं पर काम मेें कोताही तो नहीं बरती जा रही, इन सब बातों को ध्यान में रख समय-समय पर ट्यूबवेलाें की जांच होती रहेगी।


गर्मियोें में पानी के कारण रहती है बीमारी की आशंका
गर्मियों के मौसम में गंदा पानी पीनेे के कारण बीमारी की आशंका बनी रहती है। शहर मेें कई बार गंदे पानी के कारण लोग पहले बीमार भी हो चुके हैं। अधिकारियों का दावा है कि विधि का प्रयोग होने पर कम से कम पानी के कारण बीमारी फैलने की आशंका तो खत्म ही हो जाएगी।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed