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पांच डिग्री से नीचे तापमान, रैन बसेरे नशेड़ियों के हाथ में
amar ujala beuro panipat
Updated Wed, 11 Jan 2017 11:35 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि के बाद तापमान पांच डिग्री तक आ गया है और सर्द हवाओं के चलने से कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। सर्द रातों में बाहर रहना बहुत ही मुश्किल है। ऐसे में रैन बसेरों की जरूरत बढ़ जाती है। ताकि ठंड के कारण सड़कों पर रात गुजारने वाले बेमौत ना मर सकें। पानीपत में सनौली रोड और बस स्टैंड के सामने रैन बसेरे तो बना दिए गए हैं। लेकिन सनौली रोड पर बना रैन बसेरा दूर है और बस स्टैंड के सामने बनाए गए रैन बसेरे नशेडिय़ों के हाथ में हैं। ऐसी दशा में बेसहारा लोगों को हाड़ कंपकंपाने वाली ठंड के बीच सड़क पर रात बिताने को मजबूर हैं।
अमर उजाला टीम ने सर्द रातों में सड़कों पर रात बीताने वालों की स्थिति का जायजा लिया। यहां हालात बहुत खराब दिखे। बस अड्डा चौकी से चंद कदमों की दूरी पर एलिवेडिट हाईवे के नीचे दो कंडम बसों में बनाए गए रैन बसेरों की सुरक्षा ही रामभरोसे नजर आई। यहां नशेड़ी नशा कर हुड़दंग मचाते रहते हैं, नशे की लत को पूरा करते हैं। लेकिन पुलिस व प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान ही नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के भी आदेश हैं कि लोग सड़कों पर रात ना गुजारें, हर जिले में रैन बसेरा होना चाहिए। लेकिन पानीपत में प्रशासनिक अधिकारियों का इस तरफ ध्यान नहीं है।
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प्रशासन द्वारा गत दिनों दो बसों में शुरू किए थे रैन बसेरे
रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर दूरदराज से शहर में आने वालों के लिए इस ठंड के मौसम में रात काटनी मुश्किल हो रही है। प्रशासन की तरफ से एलिवेटिड हाइवे के नीचे कंडम सरकारी बसों में वैकल्पिक रैन बसेरा बनाया है। लेकिन इनमें किसी प्रकार की सुविधा न होने के कारण यह व्यवस्था महज शो पीस बनकर रह गई है। रात के समय इनमें शराबियों व नशेडिय़ों का जमघट लगा रहता है। उस वक्त डीसी ने रैन बसेरे में सुरक्षा व व्यवस्था पर्याप्त होने का दावा किया था।
बस स्टेंड व रेलवे स्टेशन से करीब तीन किलोमीटर दूर है ओल्ड ऐज होम
सनौली रोड माटा चौक पर नगर निगम की तरफ से ओल्ड एज होम बनाया गया है। लेकिन यह बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिसके बारे में अधिकतर लोगों को जानकारी तक नहीं है। अधिक दूर होने के कारण आज तक यहां कोई भी सोने के लिए नहीं पहुंचा। ओल्ड ऐज होम में चार महिलाएं व चार पुरुष ही रह रहे हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि इसे बनाकर रेडक्रास सोसायटी के हैंडओवर कर दिया था।
सड़कों पर सोने को मजबूर
रैन बसेरा में सुविधा न होने के कारण बेसहारा लोगों को सड़कों, धर्मशालाओं और रेलवे स्टेशनों पर रात काटनी पड़ रही है। सड़कों पर रात काटने वालों का कहना है कि अगर सरकार व प्रशासन उनके लिए रैन बसेरे की व्यवस्था ही करना चाहती है तो स्टेशन के आसपास कोई जुगाड़ करें। इससे स्टेशन पर रात को आने वाले हर यात्री को फायदा होगा। यही नहीं बस स्टेंड के सामने बनाए गए रेन बसेरे में भी रहने की व्यवस्था की जाए और इसे नशेडिय़ों के चंगुल से मुक्त करवाया जाए ताकि सर्द रातों में वे ठंडी हवाओं से बच सके।
रैन बसेरों में मांगा जाता है आईडी प्रूफ
सड़क पर रात बीताने वालों से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि पानीपत में बेसहारा लोगों के लिए रेन बसेरे की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नहीं। सनौली रोड पर बनाया गया रेन बसेरा दूर है और बस स्टेंड के सामने बनाए रेन बसेरों में नशेडिय़ों का जमावड़ा लगा रहता है। वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। रैन बसेरों में आईडी प्रूफ मांगा जाता है। अगर किसी के पास आईडी प्रूफ नहीं है तो उसे रैन बसेरों में ठहरने की परमिशन नहीं दी जाती।
शहर में सनौली रोड पर रैन बसेरा बनाया गया है, बस स्टेंड के सामने भी दो कंडम बसों में रैन बसेरा बनाकर रेडक्रास सोसायटी के हैंडओवर कर दिया गया था। आगे की व्यवस्था रेडक्रास सोसायटी द्वारा ही की जानी थी।
अंकित लोहान, एमई, नगर निगम
सड़कों पर रात बीताने वालों के लिए शहर में दो स्थानों पर रैन बसेरा की व्यवस्था की गई है। बस स्टैंड के सामने बनाए गए रैन बसेरों में नशेडिय़ों के रहने जैसी कोई बात है तो उसकी जांच करवाई जाएगी। इस मामले में संबंधित अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी पानीपत।
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अमर उजाला टीम ने सर्द रातों में सड़कों पर रात बीताने वालों की स्थिति का जायजा लिया। यहां हालात बहुत खराब दिखे। बस अड्डा चौकी से चंद कदमों की दूरी पर एलिवेडिट हाईवे के नीचे दो कंडम बसों में बनाए गए रैन बसेरों की सुरक्षा ही रामभरोसे नजर आई। यहां नशेड़ी नशा कर हुड़दंग मचाते रहते हैं, नशे की लत को पूरा करते हैं। लेकिन पुलिस व प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान ही नहीं है।
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सुप्रीम कोर्ट के भी आदेश हैं कि लोग सड़कों पर रात ना गुजारें, हर जिले में रैन बसेरा होना चाहिए। लेकिन पानीपत में प्रशासनिक अधिकारियों का इस तरफ ध्यान नहीं है।
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प्रशासन द्वारा गत दिनों दो बसों में शुरू किए थे रैन बसेरे
रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर दूरदराज से शहर में आने वालों के लिए इस ठंड के मौसम में रात काटनी मुश्किल हो रही है। प्रशासन की तरफ से एलिवेटिड हाइवे के नीचे कंडम सरकारी बसों में वैकल्पिक रैन बसेरा बनाया है। लेकिन इनमें किसी प्रकार की सुविधा न होने के कारण यह व्यवस्था महज शो पीस बनकर रह गई है। रात के समय इनमें शराबियों व नशेडिय़ों का जमघट लगा रहता है। उस वक्त डीसी ने रैन बसेरे में सुरक्षा व व्यवस्था पर्याप्त होने का दावा किया था।
बस स्टेंड व रेलवे स्टेशन से करीब तीन किलोमीटर दूर है ओल्ड ऐज होम
सनौली रोड माटा चौक पर नगर निगम की तरफ से ओल्ड एज होम बनाया गया है। लेकिन यह बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिसके बारे में अधिकतर लोगों को जानकारी तक नहीं है। अधिक दूर होने के कारण आज तक यहां कोई भी सोने के लिए नहीं पहुंचा। ओल्ड ऐज होम में चार महिलाएं व चार पुरुष ही रह रहे हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि इसे बनाकर रेडक्रास सोसायटी के हैंडओवर कर दिया था।
सड़कों पर सोने को मजबूर
रैन बसेरा में सुविधा न होने के कारण बेसहारा लोगों को सड़कों, धर्मशालाओं और रेलवे स्टेशनों पर रात काटनी पड़ रही है। सड़कों पर रात काटने वालों का कहना है कि अगर सरकार व प्रशासन उनके लिए रैन बसेरे की व्यवस्था ही करना चाहती है तो स्टेशन के आसपास कोई जुगाड़ करें। इससे स्टेशन पर रात को आने वाले हर यात्री को फायदा होगा। यही नहीं बस स्टेंड के सामने बनाए गए रेन बसेरे में भी रहने की व्यवस्था की जाए और इसे नशेडिय़ों के चंगुल से मुक्त करवाया जाए ताकि सर्द रातों में वे ठंडी हवाओं से बच सके।
रैन बसेरों में मांगा जाता है आईडी प्रूफ
सड़क पर रात बीताने वालों से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि पानीपत में बेसहारा लोगों के लिए रेन बसेरे की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नहीं। सनौली रोड पर बनाया गया रेन बसेरा दूर है और बस स्टेंड के सामने बनाए रेन बसेरों में नशेडिय़ों का जमावड़ा लगा रहता है। वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। रैन बसेरों में आईडी प्रूफ मांगा जाता है। अगर किसी के पास आईडी प्रूफ नहीं है तो उसे रैन बसेरों में ठहरने की परमिशन नहीं दी जाती।
शहर में सनौली रोड पर रैन बसेरा बनाया गया है, बस स्टेंड के सामने भी दो कंडम बसों में रैन बसेरा बनाकर रेडक्रास सोसायटी के हैंडओवर कर दिया गया था। आगे की व्यवस्था रेडक्रास सोसायटी द्वारा ही की जानी थी।
अंकित लोहान, एमई, नगर निगम
सड़कों पर रात बीताने वालों के लिए शहर में दो स्थानों पर रैन बसेरा की व्यवस्था की गई है। बस स्टैंड के सामने बनाए गए रैन बसेरों में नशेडिय़ों के रहने जैसी कोई बात है तो उसकी जांच करवाई जाएगी। इस मामले में संबंधित अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी पानीपत।