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बंदर पकड़ने की नहीं मिली परमिशन, अब मेयर खुद जाएंगी पंचकूला
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शहर में बंदरों का उत्पात जारी है और अभी तक निगम को टेंडर और वर्क आर्डर जारी करने के बाद भी वन्य जीव संरक्षण विभाग से बंदर पकड़कर जंगल में छोड़ने की अनुमति तक नहीं मिली है। इस बारे में आयुक्त कई बार विभाग अधिकारियों से बातचीत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक विभाग की तरफ से कोई अनुमति प्रदान करने का पत्र नहीं प्राप्त हुआ है। अब मेेयर अवनीत कौर खुद पंचकूला जाकर विभाग अधिकारियों से मिलेंगी और अनुमति लेंगी। इस बारे में आयुक्त से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि वे लगातार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं। निगम की तरफ से पहले ही अनुमति के लिए पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अभी तक निगम का अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि इस बारे में मेयर से भी बातचीत की गई है, वे खुद पंचकूला जाने के लिए तैयार हैं।
वहीं, मेयर अवनीत कौर का कहना है कि उन्होंने विभाग अधिकारियों से मुलाकात का समय ले लिया है। वे बुधवार को पंचकूला वन्य जीव संरक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से स्वयं मुलाकात करेंगी और शहर में बंदरों के उत्पात से लोगों को मुक्ति दिलवाने की अपील कर उनसे बंदरों को जंगल में छोड़ने की परमिशन लेंगी। मेयर के आश्वासन के बाद माना जा रहा है कि निगम को अनुमति मिल जाएगी।
बता दें कि बंदरों को पकड़ने का टेंडर हुए दो सप्ताह हो चुके हैं। वहीं, अभी तक निगम अधिकारियों को बंदर पकड़ने के बाद उन्हें यमुनानगर के कलेसर के जंगल में छोड़ने की परमिशन नहीं मिली है। माना जा रहा है कि जंगल में बंदरों की तादाद बढ़ चुकी है, क्योंकि प्रदेश के अधिकतर निगम और नगर पालिकाएं कलेसर के जंगल में ही बंदरों को छोड़कर आते हैं, जिससे अन्य जीवों के लिए खतरा बढ़ गया है।
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अन्य मुद्दों पर भी मिल सकती है हरी झंडी : मेयर
मेयर अवनीत कौर ने बताया कि वे पंचकूला स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों से भी बात कर शहर के कई मुद्दों पर वार्ता करेंगी। उन्होंने बताया कि ब्रांडेड एलईडी लाइटों के लिए भी निगम को अनुमति की जरूरत है, जिस पर वे खुद अधिकारियों से बातचीत कर इसका समाधान करवाने की कोशिश करेंगी। वहीं, सेक्टर 25 के कई रास्तों के हालात बेहद खस्ता हाल में हो चुके हैं। इनके टेंडरों को भी काफी समय हो गया है। इनकी एक्सटेंशन के लिए भी वे चीफ इंजीनियर से बात करेंगी, जिससे इन रास्तों पर काम फिर से चालू हो पाए और लोगों को टूटे रोड से छुटकारा मिल सके। वहीं, जनहित के कुछ अन्य मुद्दों को भी रखा जाएगा।
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वहीं, मेयर अवनीत कौर का कहना है कि उन्होंने विभाग अधिकारियों से मुलाकात का समय ले लिया है। वे बुधवार को पंचकूला वन्य जीव संरक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से स्वयं मुलाकात करेंगी और शहर में बंदरों के उत्पात से लोगों को मुक्ति दिलवाने की अपील कर उनसे बंदरों को जंगल में छोड़ने की परमिशन लेंगी। मेयर के आश्वासन के बाद माना जा रहा है कि निगम को अनुमति मिल जाएगी।
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बता दें कि बंदरों को पकड़ने का टेंडर हुए दो सप्ताह हो चुके हैं। वहीं, अभी तक निगम अधिकारियों को बंदर पकड़ने के बाद उन्हें यमुनानगर के कलेसर के जंगल में छोड़ने की परमिशन नहीं मिली है। माना जा रहा है कि जंगल में बंदरों की तादाद बढ़ चुकी है, क्योंकि प्रदेश के अधिकतर निगम और नगर पालिकाएं कलेसर के जंगल में ही बंदरों को छोड़कर आते हैं, जिससे अन्य जीवों के लिए खतरा बढ़ गया है।
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अन्य मुद्दों पर भी मिल सकती है हरी झंडी : मेयर
मेयर अवनीत कौर ने बताया कि वे पंचकूला स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों से भी बात कर शहर के कई मुद्दों पर वार्ता करेंगी। उन्होंने बताया कि ब्रांडेड एलईडी लाइटों के लिए भी निगम को अनुमति की जरूरत है, जिस पर वे खुद अधिकारियों से बातचीत कर इसका समाधान करवाने की कोशिश करेंगी। वहीं, सेक्टर 25 के कई रास्तों के हालात बेहद खस्ता हाल में हो चुके हैं। इनके टेंडरों को भी काफी समय हो गया है। इनकी एक्सटेंशन के लिए भी वे चीफ इंजीनियर से बात करेंगी, जिससे इन रास्तों पर काम फिर से चालू हो पाए और लोगों को टूटे रोड से छुटकारा मिल सके। वहीं, जनहित के कुछ अन्य मुद्दों को भी रखा जाएगा।