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डीसी के खुले दरबार पर खर्च दिखाए डेढ़ लाख
amar ujala beuro panipat
Updated Thu, 15 Dec 2016 11:54 PM IST
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सनौली ब्लाक के अंतर्गत आने वाले छाजपुर कलां गांव में निजी सबमर्सिबलों को सरकारी रिकार्ड में चढ़ा सांठगांठ कर राशि हड़पने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि गत पंचायत के कार्यालय में हुए शमशान, कब्रिस्तान, पशु अस्पताल, गली निर्माण के कार्यों में प्रशासन के साथ मिलीभगत कर धांधली कर राशि हड़पने का आरोप लगाया है। यहीं नहीं गांव में डीसी के खुले दरबार पर डेढ़ लाख रुपये तक खर्च कर दिए गए। आरटीआई से मिली सूचना पर करीब पचास लाख रुपये का घोटाला सामने आया है। आरटीआई कार्यकर्ता ने सीएम विंडो में मामले की शिकायत कर गांव में सभी कार्यों में हुए घोटाले की बारीकि से जांच करके रिकवरी व कानूनी कारवाई की मांग की है।
सीएम विंडो से शिकायत खंड कार्यालय पहुंच चुकी है। अधिकारी शिकायत के आधार पर जांच पड़ताल में जुट गए है। गांव में अधिकारी पहुंचने पर हलचल शुरू हो गई है।
आरटीआई कार्यकर्ता एवं पूर्व सरपंच ताराचंद ने बताया कि छाजपुर कलां गांव में वर्ष 2010 से 2015 तक सीमा देवी सरपंच रही। आरोप है कि सरपंच ने कार्यालय में ग्राम पंचायत की विभिन्न स्कीमों में अनेक तरह के गबन, फर्जीवाड़ा, भ्रष्टाचार व सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया गया। सरकारी पैसे को निजी संपति समझकर जमकर घोटाला किया। आरोप लगाते हुए बताया कि पीएसएस स्कीम में कब्रिस्तान की चारदीवारी रिकार्ड में बनी हुई है, लेकिन चारदीवारी के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी। जबकि अलग अलग तारीख में ईंट, सीमेंट, रेत, मजदूर, मिस्त्री के नाम पर रुपये निकाले गए है। ग्रामीण ओमप्रकाश ने अपने घर के सामने निजी कोष से गली का निर्माण करवाया।
लेकिन सरचार्ज आन वैट स्कीम के तहत गली को प्रस्ताव में दिखाकर टाइल, सीमेंट, रेत, मजदूरी चढ़ाकर कर गबन किया गया है। उन्होंने बताया कि सबमर्सिबल मामले में फर्जीवाड़ा करने में गत पंचायत भी पीछे नहीं रही है। गांव में कई जगह पहले से लगे निजी सबमर्सिबलों को बाप की जगह बेटे का नाम पंचायत रिकार्ड में चढ़ाकर इसकी पूरी राशि हड़प ली गई। उन्होंने बताया गत पंचायत के कार्यकाल में गांव में उपायुक्त के खुले दरबार में लगाया गया था। यह कार्यक्रम बिल्कुल साधारण था, लेकिन पंचायत ने कार्यक्रम में करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च दिखाया गया है, जिसकी जांच की जाएं। आरोप है कि गत पंचायत ने गांव में विभिन्न स्कीमों के तहत विकास कार्यों के नाम पर कई दुकानों व कंपनी से फर्जी बिल तैयार करवाकर पंचायत खाते से लाखों रुपये को गबन किया है।
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सीएम विंडो से उनके पास शिकायत आ चुकी है, मामले की गहनता के साथ जांच की जा रही है।
बिजेंद्र सिंह, बीडीपीओ, सनौली खुर्द।
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सीएम विंडो से शिकायत खंड कार्यालय पहुंच चुकी है। अधिकारी शिकायत के आधार पर जांच पड़ताल में जुट गए है। गांव में अधिकारी पहुंचने पर हलचल शुरू हो गई है।
आरटीआई कार्यकर्ता एवं पूर्व सरपंच ताराचंद ने बताया कि छाजपुर कलां गांव में वर्ष 2010 से 2015 तक सीमा देवी सरपंच रही। आरोप है कि सरपंच ने कार्यालय में ग्राम पंचायत की विभिन्न स्कीमों में अनेक तरह के गबन, फर्जीवाड़ा, भ्रष्टाचार व सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया गया। सरकारी पैसे को निजी संपति समझकर जमकर घोटाला किया। आरोप लगाते हुए बताया कि पीएसएस स्कीम में कब्रिस्तान की चारदीवारी रिकार्ड में बनी हुई है, लेकिन चारदीवारी के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी। जबकि अलग अलग तारीख में ईंट, सीमेंट, रेत, मजदूर, मिस्त्री के नाम पर रुपये निकाले गए है। ग्रामीण ओमप्रकाश ने अपने घर के सामने निजी कोष से गली का निर्माण करवाया।
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लेकिन सरचार्ज आन वैट स्कीम के तहत गली को प्रस्ताव में दिखाकर टाइल, सीमेंट, रेत, मजदूरी चढ़ाकर कर गबन किया गया है। उन्होंने बताया कि सबमर्सिबल मामले में फर्जीवाड़ा करने में गत पंचायत भी पीछे नहीं रही है। गांव में कई जगह पहले से लगे निजी सबमर्सिबलों को बाप की जगह बेटे का नाम पंचायत रिकार्ड में चढ़ाकर इसकी पूरी राशि हड़प ली गई। उन्होंने बताया गत पंचायत के कार्यकाल में गांव में उपायुक्त के खुले दरबार में लगाया गया था। यह कार्यक्रम बिल्कुल साधारण था, लेकिन पंचायत ने कार्यक्रम में करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च दिखाया गया है, जिसकी जांच की जाएं। आरोप है कि गत पंचायत ने गांव में विभिन्न स्कीमों के तहत विकास कार्यों के नाम पर कई दुकानों व कंपनी से फर्जी बिल तैयार करवाकर पंचायत खाते से लाखों रुपये को गबन किया है।
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सीएम विंडो से उनके पास शिकायत आ चुकी है, मामले की गहनता के साथ जांच की जा रही है।
बिजेंद्र सिंह, बीडीपीओ, सनौली खुर्द।