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बंदियों को दिखाया धर्म का मार्ग
amar ujala beuro panipat
Updated Sat, 10 Dec 2016 11:39 PM IST
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- फोटो : amar ujala
जिला उप कारागार में बंदियों को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव पर धर्म का मार्ग दिखाया और उनको अधर्म का रास्ता त्यागने की सलाह दी।
जिला उप कारागार में शनिवार को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के मानवाधिकार दिवस भी मनाया गया। बंदियों को अधर्म के मार्ग से हटाकर धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। और उनको मानव अधिकारी के बारे भी जागरूक किया। जेलर कुलबीर सिंह ने बंदियों को गीता के महत्व व उनके अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि उच्चाधिकारियों के नेतृत्व में सभी जेलों में छह से दस दिसंबर तक गीता जयंती महोत्सव मनाया गया। उन्होंने बंदियों को गीता के उपदेशों के बारे बताया और सच की राह कितनी भी मुश्किल हो उनका सामना करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को कभी भी अधर्म के मार्ग पर नहीं चलना चाहिए।
डिप्टी जेलर संदीप ने बताया की गीता जयंती के पांच दिन के समारोह में सीजीएम ने शिरकत की। इस अवसर पर सहायक अधीक्षक यश कुमार ने भी अपने विचार रखें।
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जिला उप कारागार में शनिवार को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के मानवाधिकार दिवस भी मनाया गया। बंदियों को अधर्म के मार्ग से हटाकर धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। और उनको मानव अधिकारी के बारे भी जागरूक किया। जेलर कुलबीर सिंह ने बंदियों को गीता के महत्व व उनके अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि उच्चाधिकारियों के नेतृत्व में सभी जेलों में छह से दस दिसंबर तक गीता जयंती महोत्सव मनाया गया। उन्होंने बंदियों को गीता के उपदेशों के बारे बताया और सच की राह कितनी भी मुश्किल हो उनका सामना करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को कभी भी अधर्म के मार्ग पर नहीं चलना चाहिए।
डिप्टी जेलर संदीप ने बताया की गीता जयंती के पांच दिन के समारोह में सीजीएम ने शिरकत की। इस अवसर पर सहायक अधीक्षक यश कुमार ने भी अपने विचार रखें।