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ईश्वर को लिखा इसवर, नाम के आगे नहीं लगाना जानते ‘श्री’

Sat, 18 Feb 2017 12:16 AM IST
पानीपत/अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 18 Feb 2017 12:16 AM IST
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स्कूल टेस्ट - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सरकारी स्कूलों में नॉन बोर्ड कक्षाओं की परीक्षा 25 फरवरी और बोर्ड कक्षाओं की परीक्षा सात मार्च से हैं, लेकिन स्कूलों में विद्यार्थियों का लर्निंग लेवल बहुत ही खराब है। एक कक्षा के बच्चे को अपने विषय तो दूर दो क्लास पीछे के पाठ्यक्रम का भी जवाब नहीं आ रहा।
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शिक्षा अधिकारी भी बच्चों की खराब स्थिति देख परीक्षा परिणाम को लेकर चिंतित हो उठे हैं। कहीं बच्चों ने ईश्वर को इसवर लिखा तो कहीं पर बच्चों को नाम के आगे ‘श्री’ और पीछे ‘जी’ लगाना नहीं आया। शिक्षा निदेशालय के निर्देश के बाद शुक्रवार को जिले के करीब दस स्कूलों में स्कूली बच्चों का लर्निंग एसेस्मेंट किया गया।
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शिक्षा निदेशालय से उप निदेशक जोगेंद्र सिंह हुड्डा जिले में पहुंचे। जिले के दस शिक्षा अधिकारी एक-एक स्कूल में पहुंचे और सुबह से लेकर छुट्टी तक स्कूल में रहे। विषय संख्या में आने वाली कक्षाओं के विद्यार्थियों से विषय से संबंधित पांच-पांच प्रश्न पूछे गए।
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स्कूलों में लिखित के साथ मौखिक प्रश्न भी पूछे गए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बच्चों की शिक्षा का स्तर बेहद खराब मिला। कई अधिकारियों ने स्कूल टीचर और प्रमुख से नाराजगी जताई। साथ ही उन्हें बच्चों का प्रदर्शन सुधारने की हिदायत भी दी। 

इस तरह से आया रिजल्ट 
जिला शिक्षा अधिकारी उदय प्रताप सिंह ने राजकीय मिडिल स्कूल शुगर मिल कॉलोनी में पहुंचकर लर्निंग लेवल जांचा। उन्होंने विषम कक्षाओं के साथ सम संख्या की कक्षाओं में भी जाकर सवाल पूछे। आठवीं कक्षा में पहुंचकर ध्वनि कविता सुनाने की कहा।

कक्षा का एक भी विद्यार्थी कविता सुनाने के लिए आगे नहीं आया। अधिकारियों ने लिखित टेस्ट में ईश्वर लिखने को दिया तो विद्यार्थियों ने ईश्वर को इसवर लिख दिया। बच्चों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का नाम पूछने पर उनके नाम तो बता दिए,

लेकिन उनके नाम के आगे या पीछे श्री या जी नहीं लगाया। शिक्षा अधिकारियों ने विद्यार्थियों को शिष्टाचार के नात किसी भी नाम के आगे श्री और पीछे जी लगाने की कही। इस पर बच्चे बोले जी सर जी। 

यहां पर यह अधिकारी पहुंचा 
शिक्षा विभाग के उप निदेशक जोगेंद्र सिंह हुड्डा ने राजकीय सीसे स्कूल शाहपुर, जिला शिक्षा अधिकारी उदय प्रताप सिंह राजकीय माध्यमिक विद्यालय शुगर मिल कॉलोनी, समालखा खंड शिक्षा अधिकारी बृजमोहन गोयल राजकीय उच्च विद्यालय भोड़वाल माजरी,

बापौली खंड शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गढ़ी बेसक, इसराना खंड शिक्षा अधिकारी कौशल्या आर्या राजकीय सीसे स्कूल सींक, पानीपत खंड शिक्षा अधिकारी सतपाल सिंह राजकीय सीसे स्कूल कृप्णपुरा, मतलौडा खंड शिक्षा अधिकारी सुदेश कुमार राजकीय स्कूल सिठाना,

जिला परियोजना संयोजक कुलदीप दहिया राजकीय हाई स्कूल वीवर्स कॉलोनी, उप जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल सिंह राजकीय मिडिल स्कूल निजामपुर व मतलौडा खंड शिक्षा अधिकारी सुषमा कुश राजकीय स्कूल लौहारी स्कूल में पहुंचकर आकलन किया। 

बारीकी से विषय को पढ़ें 
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा के संस्थापक सुरेंद्र राठी ने बताया कि कमजोर बच्चों को अब अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। वे पढ़ाई को लेकर गंभीर होंगे तो आसानी से पास हो सकते हैं। बच्चे विषय को बारीकी से समझें और टीचर भी अपने विषयों में कमजोर बच्चों को एक्स्ट्रा टाइम देकर पढ़ाएं। इस समय अभिभावकों की भी जिम्मेदारी बनती है। वे भी बच्चों की पढ़ाई की तरफ ध्यान दें। 



स्कूलों में पहुंचकर बच्चों का लर्निंग स्तर जांचा गया है। कुछ बच्चे सही जवाब दे पाए, जबकि कुछ का रिजल्ट संतोषजनक नहीं मिला। स्कूलों में इस समय इस तरह का रिजल्ट चिंताजनक है। संबंधित क्लास या विषय के टीचर और प्रिंसिपल को ध्यान देने की जरूरत है। जिले के स्कूलों में किए गए दौरे की रिपोर्ट सोमवार तक आ जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट निदेशालय भेजी जाएगी। 
उदय प्रताप सिंह, डीईओ, पानीपत। 
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