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सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं का सिलेबस बदला
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Mon, 30 Jun 2014 12:41 AM IST
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) दिल्ली ने बीच सत्र में ही 10वीं से 12वीं कक्षा का सिलेबस बदल दिया है। बोर्ड के फैसले के बाद गर्मियों की छुट्टियां काट रहे हजाराें विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गई है।
शिक्षाविदों ने बीच सत्र में किसी तरह के बदलाव को गलत बताया है और सहोदय स्कूल कांप्लेक्स ने इसे कुछ परेशानीदायक, लेकिन बच्चों के हक में बताया है।
इस समय शिक्षा सत्र 2014-15 के ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहे हैं। सीबीएसई के स्कूल अगले सप्ताह खुल जाएंगे। कुछ विद्यार्थी छुट्टियों का होमवर्क निपटाने में लगे हुए हैं और कुछ विद्यार्थी होमवर्क पूरा कर फुर्सत में हैं।
विद्यार्थी गर्मियों की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलते ही अपनी आगे की पढ़ाई करने की योजना में हैं। सीबीएसई ने इसी बीच 10वीं से 12वीं कक्षा का सिलेबस बदल दिया है।
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सीबीएसई ने यह किया बदलाव
सीबीएसई 10वीं से 12वीं कक्षा तक का सिलेबस बदला है। इसमें 10वीं व 12वीं कक्षा के हिंदी कोर्स एक व दो को छोड़कर सभी विषयाें के पाठ्यक्रम बदले हैं। सोशल साइंस में भी बदलाव किया है। 12वीं कक्षा में अर्थशास्त्र को छोड़कर अंग्रेजी, इतिहास, केमिस्ट्री, ज्योग्राफी, मॉस मीडिया स्टडीज, पॉलीटिकल साइंस, साइकोलॉजी और ग्राफिक्स डिजाइन में बदलाव किया है। बोर्ड की ओर से 12वीं कक्षा का नॉवेल भी बदला गया है।
विद्यार्थियों को यह होगी दिक्कत
सीबीएसई की ओर से सिलेबस व कोर्स बदलने के फैसले से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। चूंकि सत्र शुरू हुए तीन महीने बीत चुके हैं और विद्यार्थी अपनी किताब लाने के साथ पढ़ाई भी शुरू कर चुके हैं। ऐसे में उनको फिर से नई किताबें लेने के साथ कई विषयों की फिर से तैयारी करनी पड़ेंगी। जून माह में इस तरह का फैसला विद्यार्थियों पर भारी पड़ सकता है।
एक नजर में मिलेगा फायदा
सीबीएसई की मानें तो बोर्ड के बदलाव का फैसला विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद होगा। फिजिक्स के शॉर्ट टाइप प्रश्न ज्यादा आएंगे। इसका विद्यार्थियों को सीधा फायदा मिलेगा। फिजिक्स के प्रैक्टिकल में भी बदलाव किया है। इसमें पहले सभी 15 प्रश्न करने होते थे। बोर्ड के नए नियम में दो पार्ट बनाए हैं। इनके छह-छह प्रश्न हल करने होंगे और तीन प्रश्न ऐच्छिक होंगे। विद्यार्थी इनको अपनी इच्छा से हल कर सकेंगे।
शिक्षाविद भी नहीं लगा पा रहे आइडिया
सीबीएसई के नए बदलाव के चलते शिक्षाविद भी पूरी तरह से आइडिया नहीं लगा पा रहे हैं। एसडी विद्या मंदिर सीनियर विंग की प्रिंसिपल सबिता चौधरी ने बताया कि सीबीएसई ने सिलेबस बदल दिया है। उनके पास इसका सर्कुलर भी आ गया है, लेकिन छुट्टियों के चलते बदले विषय और टॉपिक का पता नहीं चल सका है। सीबीएसई की ओर से इसकी स्थिति जल्द ही स्पष्ट कर दी जाएगी। फिजिक्स टीचर सुरेखा कुमार ने बताया कि 11वीं और 12वीं कक्षा का सिलेबस काफी लंबा था। कई बार तो सिलेबस पूरा भी नहीं हो पाता था। बोर्ड की ओर से सिलेबस बदलने की स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सकी है।
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शिक्षाविदों ने बीच सत्र में किसी तरह के बदलाव को गलत बताया है और सहोदय स्कूल कांप्लेक्स ने इसे कुछ परेशानीदायक, लेकिन बच्चों के हक में बताया है।
इस समय शिक्षा सत्र 2014-15 के ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहे हैं। सीबीएसई के स्कूल अगले सप्ताह खुल जाएंगे। कुछ विद्यार्थी छुट्टियों का होमवर्क निपटाने में लगे हुए हैं और कुछ विद्यार्थी होमवर्क पूरा कर फुर्सत में हैं।
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विद्यार्थी गर्मियों की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलते ही अपनी आगे की पढ़ाई करने की योजना में हैं। सीबीएसई ने इसी बीच 10वीं से 12वीं कक्षा का सिलेबस बदल दिया है।
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सीबीएसई ने यह किया बदलाव
सीबीएसई 10वीं से 12वीं कक्षा तक का सिलेबस बदला है। इसमें 10वीं व 12वीं कक्षा के हिंदी कोर्स एक व दो को छोड़कर सभी विषयाें के पाठ्यक्रम बदले हैं। सोशल साइंस में भी बदलाव किया है। 12वीं कक्षा में अर्थशास्त्र को छोड़कर अंग्रेजी, इतिहास, केमिस्ट्री, ज्योग्राफी, मॉस मीडिया स्टडीज, पॉलीटिकल साइंस, साइकोलॉजी और ग्राफिक्स डिजाइन में बदलाव किया है। बोर्ड की ओर से 12वीं कक्षा का नॉवेल भी बदला गया है।
विद्यार्थियों को यह होगी दिक्कत
सीबीएसई की ओर से सिलेबस व कोर्स बदलने के फैसले से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। चूंकि सत्र शुरू हुए तीन महीने बीत चुके हैं और विद्यार्थी अपनी किताब लाने के साथ पढ़ाई भी शुरू कर चुके हैं। ऐसे में उनको फिर से नई किताबें लेने के साथ कई विषयों की फिर से तैयारी करनी पड़ेंगी। जून माह में इस तरह का फैसला विद्यार्थियों पर भारी पड़ सकता है।
एक नजर में मिलेगा फायदा
सीबीएसई की मानें तो बोर्ड के बदलाव का फैसला विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद होगा। फिजिक्स के शॉर्ट टाइप प्रश्न ज्यादा आएंगे। इसका विद्यार्थियों को सीधा फायदा मिलेगा। फिजिक्स के प्रैक्टिकल में भी बदलाव किया है। इसमें पहले सभी 15 प्रश्न करने होते थे। बोर्ड के नए नियम में दो पार्ट बनाए हैं। इनके छह-छह प्रश्न हल करने होंगे और तीन प्रश्न ऐच्छिक होंगे। विद्यार्थी इनको अपनी इच्छा से हल कर सकेंगे।
शिक्षाविद भी नहीं लगा पा रहे आइडिया
सीबीएसई के नए बदलाव के चलते शिक्षाविद भी पूरी तरह से आइडिया नहीं लगा पा रहे हैं। एसडी विद्या मंदिर सीनियर विंग की प्रिंसिपल सबिता चौधरी ने बताया कि सीबीएसई ने सिलेबस बदल दिया है। उनके पास इसका सर्कुलर भी आ गया है, लेकिन छुट्टियों के चलते बदले विषय और टॉपिक का पता नहीं चल सका है। सीबीएसई की ओर से इसकी स्थिति जल्द ही स्पष्ट कर दी जाएगी। फिजिक्स टीचर सुरेखा कुमार ने बताया कि 11वीं और 12वीं कक्षा का सिलेबस काफी लंबा था। कई बार तो सिलेबस पूरा भी नहीं हो पाता था। बोर्ड की ओर से सिलेबस बदलने की स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सकी है।