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Panipat: सिजेरियन डिलीवरी के दौरान जच्चा बच्चा की मौत, परिजनों का हंगामा, निजी अस्पताल के डॉक्टर पर लगे आरोप

Fri, 05 Apr 2024 04:52 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Fri, 05 Apr 2024 04:52 PM IST
सार

पानीपत में भावना चौक स्थित निजी अस्पताल के डॉक्टर पर आरोप लगे हैं। छह माह की गर्भवती की गुरुवार शाम को अचानक तबीयत बिगड़ी थी। तहसील कैंप थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। सिविल सर्जन से मामले की जांच की मांग की है। 

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Panipat: Death of mother and child during cesarean delivery, uproar by family members
परिवार का फोटो। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा के पानीपत में भावना चौक स्थित निजी अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के दौरान एक जच्चा बच्चा की मौत हो गई। गर्भवती की गुरुवार शाम को अचानक तबीयत बिगड़ी थी। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही बरती है। इसलिए जच्चा बच्चा की मौत हुई है। परिजनों ने यहां निजी अस्पताल में जमकर हंगामा भी किया।

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हंगामे की सूचना पर तहसील कैंप थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत किया। पुलिस ने परिजनों के बयानों पर शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों ने सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा को भी इस मामले की शिकायत दी है।
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तहसील कैंप के विष्णु नगर निवासी जितेंद्र सिंह ने बताया कि वह आठ साल की बेटी हरसिरत कौर व पांच साल के तरुणजीत का पिता है। उसकी पत्नी जसविंद्र कौर (38) छह माह की गर्भवती थी। जसविंद्र को गुरुवार शाम चार बजे अचानक पेट में दर्द हो गया और रक्त रिसाव शुरू हो गया। वह उसे भावना चौक स्थित निजी अस्पताल में लेकर गया।
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यहां डॉक्टर ने काफी देर तक उसका इलाज शुरू नहीं किया। जसविंद्र का रक्तचाप गिर गया। वह डॉक्टर से सर्जरी से डिलीवरी करने की कहते रहे। उसके पहले दो बच्चे भी सर्जरी से हुए थे। डॉक्टर सामान्य डिलीवरी पर अड़ी रही। शाम सात बजे उनसे रक्त मंगाया गया। उन्होंने निजी ब्लड बैंक से रक्त की यूनिट लाकर डॉक्टर को दे दी।

उनको जसविंद्र कौर से मिलने भी नहीं दिया। डॉक्टर ने सर्जरी से डिलीवरी की। कुछ देर बाद उन्हें बताया गया कि अस्पताल में संसाधनों की कमी है। वह जसविंद्र को निजी अस्पताल में ले जाए। जब तक उसकी व जन्मी बच्ची की मौत हो चुकी थी। जसविंद्र की मौत डॉक्टर की लापरवाही से हुई है। डॉक्टर ने देरी से इलाज शुरू किया।

जब पहले दो डिलीवरी सर्जरी से हुई थी तो डॉक्टर ने जबरदस्ती सामान्य डिलीवरी का प्रयास क्यों किया। अगर उसे समय पर इलाज मिलता तो उसकी जान बच सकती थी। उनकी सिविल सर्जन व पुलिस से मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो।


तहसील कैंप पुलिस थाना प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि हंगामे की सूचना पर उनकी टीम अस्पताल में पहुंच गई थी। पुलिस ने परिजनों के बयानों पर शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।

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