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लुधियाना जा रही बस से पांच नाबालिग रेस्क्यू कराए
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पानीपत। बाल तस्करी की सूचना पर बिहार के जिले मधुबनी के गांव सरहरा से पंजाब के लुधियाना जा रहीं चार बसों में से एक को पानीपत में पकड़ा गया। इस बस से पांच नाबालिगों को रेस्क्यू कराया गया। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी), चाइल्ड लाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और पानीपत पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार रात करीब साढ़े 10 बजे पानीपत टोल प्लाजा पर नाकाबंदी कर इस बस को पकड़ा। पांचों बच्चों का मेडिकल कराकर पुनर्वास केंद्र भेज दिया गया है। वीरवार को काउंसलिंग के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीडब्ल्यूसी अधिकारी डॉ. मुकेश आर्य ने बताया कि बुधवार शाम करीब चार बजे चाइल्ड लाइन पर सूचना मिली कि बिहार चार बसें बच्चों को लेकर लुधियाना और राजपुरा के लिए निकली हैं। डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स को जानकारी देने के साथ ही एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट से एएसआई पवन, चाइल्ड लाइन से कोऑर्डिनेटर पूजा मलिक और सीडब्ल्यूसी से डॉ. मुकेश आर्य की संयुक्त टीम बनाई गई।
पानीपत टोल प्लाजा पर बस को रोककर 9 से 14 वर्ष की आयु के पांच बच्चे रेस्क्यू कराए गए। बस में सवार कुछ लोगों ने बच्चों का रिश्तेदार होने का दावा किया, लेकिन सबूत पेश नहीं कर सके। मुकेश आर्य ने बताया कि दिल्ली में पकड़ी गई बस से 12 और सोनीपत से पकड़ी गई बस से 22 बच्चे रेस्क्यू किए गए हैं। चौथी बस की तलाश जारी है।
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- बचपन बचाओ आंदोलन के सदस्यों से मिली थी फोटो-वीडियो
बचपन बचाओ आंदोलन के सदस्यों ने इसकी सूचना देते हुए फोटो और वीडियो मुहैया कराया था। आशंका है कि इन बच्चों से पंजाब में खेतों में काम कराया जाना था। बच्चों की ओर से दिए गए नंबर पर माता-पिता से बात की तो बोले कि उन्होंने ही भेजा है, लेकिन वे माता-पिता ही थे, इसमें संदेह है।
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सीडब्ल्यूसी अधिकारी डॉ. मुकेश आर्य ने बताया कि बुधवार शाम करीब चार बजे चाइल्ड लाइन पर सूचना मिली कि बिहार चार बसें बच्चों को लेकर लुधियाना और राजपुरा के लिए निकली हैं। डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स को जानकारी देने के साथ ही एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट से एएसआई पवन, चाइल्ड लाइन से कोऑर्डिनेटर पूजा मलिक और सीडब्ल्यूसी से डॉ. मुकेश आर्य की संयुक्त टीम बनाई गई।
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पानीपत टोल प्लाजा पर बस को रोककर 9 से 14 वर्ष की आयु के पांच बच्चे रेस्क्यू कराए गए। बस में सवार कुछ लोगों ने बच्चों का रिश्तेदार होने का दावा किया, लेकिन सबूत पेश नहीं कर सके। मुकेश आर्य ने बताया कि दिल्ली में पकड़ी गई बस से 12 और सोनीपत से पकड़ी गई बस से 22 बच्चे रेस्क्यू किए गए हैं। चौथी बस की तलाश जारी है।
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- बचपन बचाओ आंदोलन के सदस्यों से मिली थी फोटो-वीडियो
बचपन बचाओ आंदोलन के सदस्यों ने इसकी सूचना देते हुए फोटो और वीडियो मुहैया कराया था। आशंका है कि इन बच्चों से पंजाब में खेतों में काम कराया जाना था। बच्चों की ओर से दिए गए नंबर पर माता-पिता से बात की तो बोले कि उन्होंने ही भेजा है, लेकिन वे माता-पिता ही थे, इसमें संदेह है।