{"_id":"68fbe021dcbb91bf7109d78f","slug":"paddy-production-and-prices-have-decreased-causing-distress-to-farmers-panipat-news-c-244-1-pnp1006-145990-2025-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: धान की पैदावार व भाव हुआ कम, किसान परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: धान की पैदावार व भाव हुआ कम, किसान परेशान
Sat, 25 Oct 2025 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sat, 25 Oct 2025 01:52 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मतलौडा। पिछले साल की अपेक्षा इस बार धान के भाव और पैदावार भी काफी कम हुई है। जिससे किसानों के चेहरों पर मायूसी छाई हुई है। इतना ही नहीं धान की कटाई के लिए प्रवासी मजदूर नहीं आ रहे हैं। कंबाइन से धान कटवाने पर दाना टूटता है। जिसे मंडी में कम दाम में खरीदा जाता है।
किसान कर्मवीर सिंह ने बताया कि पिछले साल 65 हजार प्रति एकड़ धान की पैदावार हुई थी लेकिन इस बार मात्र 60 हजार प्रति एकड़ की पैदावार हुई है। इस बार पैदावार भी कम है और भाव भी कम है। दोनों तरफ से किसान को मार झेलनी पड़ रही है। कृषि विभाग के खंड कृषि अधिकारी विजेंद्र जागलान ने बताया कि इस बार आगे की फसल की पैदावार तीन से पांच क्विंटल तक प्रति एकड़ कम हुई है। बारिश के साथ ही फसल में बीमारी के चलते पैदावार कम हुई है। उन्होंने कहा कि धान की जो बाद की फसल है। उनकी पैदावार अच्छी रहने की संभावना है।
विज्ञापन
मतलौडा। पिछले साल की अपेक्षा इस बार धान के भाव और पैदावार भी काफी कम हुई है। जिससे किसानों के चेहरों पर मायूसी छाई हुई है। इतना ही नहीं धान की कटाई के लिए प्रवासी मजदूर नहीं आ रहे हैं। कंबाइन से धान कटवाने पर दाना टूटता है। जिसे मंडी में कम दाम में खरीदा जाता है।
किसान कर्मवीर सिंह ने बताया कि पिछले साल 65 हजार प्रति एकड़ धान की पैदावार हुई थी लेकिन इस बार मात्र 60 हजार प्रति एकड़ की पैदावार हुई है। इस बार पैदावार भी कम है और भाव भी कम है। दोनों तरफ से किसान को मार झेलनी पड़ रही है। कृषि विभाग के खंड कृषि अधिकारी विजेंद्र जागलान ने बताया कि इस बार आगे की फसल की पैदावार तीन से पांच क्विंटल तक प्रति एकड़ कम हुई है। बारिश के साथ ही फसल में बीमारी के चलते पैदावार कम हुई है। उन्होंने कहा कि धान की जो बाद की फसल है। उनकी पैदावार अच्छी रहने की संभावना है।
विज्ञापन