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Panipat News: धान की आवक के आगे उठान ढीला, मंडियों में लगने लगी ढेरी
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पानीपत। अनाज मंडियों में धान की आवक तेज हो गई है। इसमें 1509 और मुच्छल किस्म की फसल आने पर यह आवक बढ़ी है। इसके विपरीत धान की उठान ढीली है। ऐसे में मंडियों में धान की बोरियों की ढेरी लगने लगी हैं। आढ़तियों और किसानों ने इसको तेज करने की मांग की है। वहीं प्रशासन ने धान की उठान के साथ पराली जलाने वालों पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले की छह मंडियों में धान की खरीद कार्य चल रहा है। अब पीआर धान की आवक कम हो गई है। जबकि 1509, मुच्छल, 1121 और 1718 किस्म की आवक बढ़ गई है। किसानाें ने धान की कटाई के लिए मजदूर न मिलने पर कंबाइन के साथ कटानी शुरू कर दी हैं। ऐसे में मंडियों में एक साथ आवक बढ़ गई है। मंडियों में करीब 2.50 लाख मीट्रिक टन धान की आवक वीरवार तक हुई। डीलर और मिलरों ने धान की खरीद की। मंडियों में कंबाइन और हाथ से कटाई कर लाई धान की रेट में भी काफी अंतर है। किसानों को 200 से 400 रुपये अंतर देखने को मिल रहा है। मतलौडा निवासी हरबीर और जय सिंह ने बताया कि धान कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। उनको मजबूरीवश कंबाइन से धान की कटाई करानी शुरू की। मंडी में इसके रेट कुछ मिले हैं।
उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि मंडियों में धान की खरीद लगातार की जा रही है। किसानों को यहां किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है। किसान धान की पराली या अवशेष को आग न लगाएं। प्रशासन और विभागीय टीम इन पर नजर रखे हुए हैं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। पराली या अवशेष में आग लगाने वाले किसानों की रेड एंट्री की जाएगी। वे अगले दो साल फसल बेचने को लेकर अपना पंजीकरण तक नहीं करा पाएंगे। इसके अलावा अन्य योजनाओं का भी लाभ नहीं दिया जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि जिले की छह मंडियों में धान की खरीद कार्य चल रहा है। अब पीआर धान की आवक कम हो गई है। जबकि 1509, मुच्छल, 1121 और 1718 किस्म की आवक बढ़ गई है। किसानाें ने धान की कटाई के लिए मजदूर न मिलने पर कंबाइन के साथ कटानी शुरू कर दी हैं। ऐसे में मंडियों में एक साथ आवक बढ़ गई है। मंडियों में करीब 2.50 लाख मीट्रिक टन धान की आवक वीरवार तक हुई। डीलर और मिलरों ने धान की खरीद की। मंडियों में कंबाइन और हाथ से कटाई कर लाई धान की रेट में भी काफी अंतर है। किसानों को 200 से 400 रुपये अंतर देखने को मिल रहा है। मतलौडा निवासी हरबीर और जय सिंह ने बताया कि धान कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। उनको मजबूरीवश कंबाइन से धान की कटाई करानी शुरू की। मंडी में इसके रेट कुछ मिले हैं।
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उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि मंडियों में धान की खरीद लगातार की जा रही है। किसानों को यहां किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है। किसान धान की पराली या अवशेष को आग न लगाएं। प्रशासन और विभागीय टीम इन पर नजर रखे हुए हैं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। पराली या अवशेष में आग लगाने वाले किसानों की रेड एंट्री की जाएगी। वे अगले दो साल फसल बेचने को लेकर अपना पंजीकरण तक नहीं करा पाएंगे। इसके अलावा अन्य योजनाओं का भी लाभ नहीं दिया जाएगा।
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