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आर्गेनिक न्यूरो इलेक्ट्रॉनिक्स से कैंसर को जड़ से मिटा सकते हैं : मिशेल डी लॉरो
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समालखा। इटली के इटेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलोजी (आईआईटी) के सीनियर रिसर्चर मिशेल डी लॉरो ने कहा कि आर्गेनिक न्यूरो इलेक्ट्रॉनिक्स के माध्यम से कैंसर जैसी जटिल बीमारियों को जड़ से खत्म कर सकते हैं। यहां तक कि कैंसर के खात्मे के बाद शारीरिक रूप से कोई दिक्कत भी नहीं आएगी। किसी तरह के दुष्प्रभाव नहीं होंगे। अगर इंजीनियरिंग विंग और मेडिकल के विद्यार्थी मिलकर रिसर्च करें तो दुनिया को कई क्रांतिकारी आविष्कार मिल सकते हैं। डी लॉरो पाइट कॉलेज में छात्र-छात्राओं से रूबरू थे। उन्होंने छात्रों के प्रश्नों के उत्तर दिए और उन्हें प्रेक्टिकली कुछ रिसर्च के बारे में भी बताया। पाइट सीनियर सेकेंडरी स्कूल एनएफएल में भी छात्र-छात्राओं को मिशेल ने प्रेरित किया।
मिशेल ने कहा कि रिसर्च के लिए इससे बेहतर युग नहीं हो सकता। एआई पर दुनिया काम कर रही है। आईटी के क्षेत्र में बड़े बदलाव आ रहे हैं। मेडिकल और इंजीनियरिंग के माध्यम से जिंदगी को आसान बनाया जा सकता है। न्यूरो इलेक्ट्रॉनिक्स के माध्यम से तो टेक्सटाइल क्षेत्र और आगे बढ़ सकता है। इस तरह के कपड़े बनाए जा सकते हैं, जो आपके जीवन की सुरक्षा भी कर सकते हैं और उनमें आग तक नहीं लग सकेगी।
कपड़े बेहद हल्के हो सकते हैं लेकिन इन्हें बुलेट छू भी नहीं सकती। ये तभी होगा, जब अलग-अलग विंग के छात्र मिलकर रिसर्च करें। पाइट के वाइस चेयरमैन राकेश तायल ने कहा कि इंजीनियरिंग और एमबीए-बीबीए के छात्र पाइट में मिलकर आइडिया लैब में काम करते हैं। इसी तरह अलग-अलग संकाय के छात्रों के बीच सामंजस्य है। इससे नए आइडिया सामने आते हैं और स्टार्टअप के लिए राह बनती है।
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निदेशक डॉ. जेएस सैनी ने कहा कि पानीपत एक टेक्सटाइल नगरी है। पाइट और इटली की यूनिवर्सिटी मिलकर टेक्सटाइल के क्षेत्र में काम करेंगे। इस अवसर पर पाइट के बोर्ड सदस्य शुभम तायल, डीन डॉ. बीबी शर्मा, विभाग की अध्यक्ष डॉ. विनय खत्री, डॉ. विनोद दहिया, डॉ. सुमन, डॉ. रेनू, डॉ. अनीता, डॉ. दिनेश मौजूद रहे। इस दौरान डॉ. विनोद और राधिका ने मंच संचालन किया।
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मिशेल ने कहा कि रिसर्च के लिए इससे बेहतर युग नहीं हो सकता। एआई पर दुनिया काम कर रही है। आईटी के क्षेत्र में बड़े बदलाव आ रहे हैं। मेडिकल और इंजीनियरिंग के माध्यम से जिंदगी को आसान बनाया जा सकता है। न्यूरो इलेक्ट्रॉनिक्स के माध्यम से तो टेक्सटाइल क्षेत्र और आगे बढ़ सकता है। इस तरह के कपड़े बनाए जा सकते हैं, जो आपके जीवन की सुरक्षा भी कर सकते हैं और उनमें आग तक नहीं लग सकेगी।
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कपड़े बेहद हल्के हो सकते हैं लेकिन इन्हें बुलेट छू भी नहीं सकती। ये तभी होगा, जब अलग-अलग विंग के छात्र मिलकर रिसर्च करें। पाइट के वाइस चेयरमैन राकेश तायल ने कहा कि इंजीनियरिंग और एमबीए-बीबीए के छात्र पाइट में मिलकर आइडिया लैब में काम करते हैं। इसी तरह अलग-अलग संकाय के छात्रों के बीच सामंजस्य है। इससे नए आइडिया सामने आते हैं और स्टार्टअप के लिए राह बनती है।
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निदेशक डॉ. जेएस सैनी ने कहा कि पानीपत एक टेक्सटाइल नगरी है। पाइट और इटली की यूनिवर्सिटी मिलकर टेक्सटाइल के क्षेत्र में काम करेंगे। इस अवसर पर पाइट के बोर्ड सदस्य शुभम तायल, डीन डॉ. बीबी शर्मा, विभाग की अध्यक्ष डॉ. विनय खत्री, डॉ. विनोद दहिया, डॉ. सुमन, डॉ. रेनू, डॉ. अनीता, डॉ. दिनेश मौजूद रहे। इस दौरान डॉ. विनोद और राधिका ने मंच संचालन किया।