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Panipat News: बीमा कंपनी को क्लेम भुगतान का आदेश
Tue, 21 Jul 2026 02:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 21 Jul 2026 02:43 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर पानीपत। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम विवाद में उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। बीमा कंपनी को उपभोक्ता को बीमारी के इलाज में हुए खर्च 3.76 लाख रुपये का क्लेम नौ प्रतिशत ब्याज के साथ देना होगा। मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए 11 हजार और वाद खर्च के लिए 5500 रुपये का भी भुगतान करना होगा।
शिकायतकर्ता बलदेव राज ने स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ शिकायत दायर की थी। उन्होंने वर्ष 2022-23 के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी, जिसमें उनकी पत्नी और बेटी कवर थीं। जुलाई 2022 में उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ने पर पहले पानीपत और बाद में गुरुग्राम के अस्पताल में इलाज कराया गया, जिस पर 3,76,592 रुपये खर्च हुए।
बीमा कंपनी ने 23 हजार रुपये का भुगतान कर बाकी क्लेम का भुगतान करने से इन्कार कर दिया। कंपनी का कहना था कि मरीज को पहले से हृदय रोग था और यह जानकारी नहीं दी गई।
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आयोग ने दोनों पक्षों के तर्क और रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद पाया कि बीमा कंपनी का क्लेम खारिज करना उचित नहीं है। आयोग ने माना कि पॉलिसी के तहत शिकायतकर्ता इलाज खर्च की प्रतिपूर्ति पाने का हकदार है।
आयोग के चेयरमैन डॉ. आर के डोगरा की पीठ ने आदेश में कहा कि बीमा कंपनी 3,76,592 रुपये की पूरी राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करे।
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शिकायतकर्ता बलदेव राज ने स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ शिकायत दायर की थी। उन्होंने वर्ष 2022-23 के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी, जिसमें उनकी पत्नी और बेटी कवर थीं। जुलाई 2022 में उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ने पर पहले पानीपत और बाद में गुरुग्राम के अस्पताल में इलाज कराया गया, जिस पर 3,76,592 रुपये खर्च हुए।
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बीमा कंपनी ने 23 हजार रुपये का भुगतान कर बाकी क्लेम का भुगतान करने से इन्कार कर दिया। कंपनी का कहना था कि मरीज को पहले से हृदय रोग था और यह जानकारी नहीं दी गई।
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आयोग ने दोनों पक्षों के तर्क और रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद पाया कि बीमा कंपनी का क्लेम खारिज करना उचित नहीं है। आयोग ने माना कि पॉलिसी के तहत शिकायतकर्ता इलाज खर्च की प्रतिपूर्ति पाने का हकदार है।
आयोग के चेयरमैन डॉ. आर के डोगरा की पीठ ने आदेश में कहा कि बीमा कंपनी 3,76,592 रुपये की पूरी राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करे।