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स्कूल में बने तालाब में गिरा छठी कक्षा का बच्चा
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Thu, 24 Dec 2015 12:09 AM IST
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निगम के वार्ड-18 स्थित गांव शोंधापुर के राजकीय हाई स्कूल के हिस्से में बने गंदे पानी के तालाब में छठी कक्षा का बच्चा गिर गया।
ट्यूबवेल आपरेटर ने तालाब में डूब रहे छात्र की जान बचाई। स्कूल में कई सालों से करीब 20 फीट गहरा तालाब है और बच्चा स्कूल में आकर शोच के बाद तालाब में हाथ धोने गया था।
वार्ड पार्षद व स्थानीय लोगों ने अफसोस व्यक्त किया है और प्रशासन पर तालाब को बंद करने में अनदेखी का आरोप लगाया है।
मामला है गांव शोंधापुर स्थित राजकीय हाई स्कूल में बुधवार सुबह का है। जानकारी के अनुसार गांव के राजकीय हाई स्कूल के प्रांगण में करीब 20 फुट गहरे तालाब में छठी कक्षा का छात्र हरिओम गिर गया।
तालाब में गहरा पानी होने के चलते डूबने लगा। टयूबवेल ऑपरेटर राजू लोगों के चिल्लाने की आवाज सुनकर पहुंचा और तालाब में कूद गया।
उने छात्र को सकुशन बाहर निकाल लिया। बताया जा रहा है कि छात्र हरिओम सुबह स्कूल में आ गया और शोच के बाद तालाब में हाथ धोने चला गया। इस समय उसका पैर फिसल गया और सीधे तालाब में गिरळ् गया।
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गांव व आसपास का होता है गंदा पानी जमा
स्कूल के एक हिस्से में लंबे समय से तालाब है। जिसमें की गहराई करीब 20 फीट है और इसमें करीब 15 फीट तक पानी भरा हुआ है।
तालाब के पास जनस्वास्थ्य विभाग का ट्यूबवेल है और इसी एरिया में कंस्ट्रक्शन भी चल रही है। इस तालाब में गांव व आसपास की कॉलोनियों का गंदा पानी जमा होता है।
खुली सरकारी स्कूलों की व्यवस्था की पोल
घटना ने बाद एक बार फिर से सरकारी स्कूलों की व्यवस्था की पोल खुल गई। राजू मौके पर नहीं होता तो बड़ी अनहोनी हो जाती। दरअसल स्कूल में करीब एक हजार विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं।
इन एक हजार बच्चों के लिए स्कूल में तीन शौचालय हैं। एक लड़कियों के लिए और दो लड़कों के लिए है। लड़कों लिए बनाए गए शौचालयों की छत नहीं है।
साथ ही दोनों शौचालय खस्ताहाल हैं। यही हाल लड़कियों के लिए बनाए गए शौचालय का है। अलबत्ता विद्यार्थी शोच खुले में करने को विवश हैं। हाल यह हैं कि इस स्कूल की कई सालों से कोई चारदीवारी तक नहीं बनवाई गई है।
स्कूल के बीच में गंदे पानी का तालाब है और बुधवार को एक बच्चा तालाब में गिर गया था। वे तालाब के भराव को लेकर कई बार डीसी और एडीसी से मिल चुके हैं। तालाब के भराव में करीब साढ़े 11 लाख रुपये खर्च होने हैं। कुछ समय पहले विधायक महिपाल ढांडा ने साढ़े पांच लाख रुपये दिलाए थे, लेकिन अभी भी साढ़े छह लाख रुपये की जरूरत है। उनके प्रयासों के बाद भी प्रशासन आंख बंद किए हुए है। प्रशासन की अनदेखी से हादसा हुआ है।
संजीव दहिया, पार्षद, वार्ड-18 नगर निगम पानीपत।
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ट्यूबवेल आपरेटर ने तालाब में डूब रहे छात्र की जान बचाई। स्कूल में कई सालों से करीब 20 फीट गहरा तालाब है और बच्चा स्कूल में आकर शोच के बाद तालाब में हाथ धोने गया था।
वार्ड पार्षद व स्थानीय लोगों ने अफसोस व्यक्त किया है और प्रशासन पर तालाब को बंद करने में अनदेखी का आरोप लगाया है।
मामला है गांव शोंधापुर स्थित राजकीय हाई स्कूल में बुधवार सुबह का है। जानकारी के अनुसार गांव के राजकीय हाई स्कूल के प्रांगण में करीब 20 फुट गहरे तालाब में छठी कक्षा का छात्र हरिओम गिर गया।
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तालाब में गहरा पानी होने के चलते डूबने लगा। टयूबवेल ऑपरेटर राजू लोगों के चिल्लाने की आवाज सुनकर पहुंचा और तालाब में कूद गया।
उने छात्र को सकुशन बाहर निकाल लिया। बताया जा रहा है कि छात्र हरिओम सुबह स्कूल में आ गया और शोच के बाद तालाब में हाथ धोने चला गया। इस समय उसका पैर फिसल गया और सीधे तालाब में गिरळ् गया।
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गांव व आसपास का होता है गंदा पानी जमा
स्कूल के एक हिस्से में लंबे समय से तालाब है। जिसमें की गहराई करीब 20 फीट है और इसमें करीब 15 फीट तक पानी भरा हुआ है।
तालाब के पास जनस्वास्थ्य विभाग का ट्यूबवेल है और इसी एरिया में कंस्ट्रक्शन भी चल रही है। इस तालाब में गांव व आसपास की कॉलोनियों का गंदा पानी जमा होता है।
खुली सरकारी स्कूलों की व्यवस्था की पोल
घटना ने बाद एक बार फिर से सरकारी स्कूलों की व्यवस्था की पोल खुल गई। राजू मौके पर नहीं होता तो बड़ी अनहोनी हो जाती। दरअसल स्कूल में करीब एक हजार विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं।
इन एक हजार बच्चों के लिए स्कूल में तीन शौचालय हैं। एक लड़कियों के लिए और दो लड़कों के लिए है। लड़कों लिए बनाए गए शौचालयों की छत नहीं है।
साथ ही दोनों शौचालय खस्ताहाल हैं। यही हाल लड़कियों के लिए बनाए गए शौचालय का है। अलबत्ता विद्यार्थी शोच खुले में करने को विवश हैं। हाल यह हैं कि इस स्कूल की कई सालों से कोई चारदीवारी तक नहीं बनवाई गई है।
स्कूल के बीच में गंदे पानी का तालाब है और बुधवार को एक बच्चा तालाब में गिर गया था। वे तालाब के भराव को लेकर कई बार डीसी और एडीसी से मिल चुके हैं। तालाब के भराव में करीब साढ़े 11 लाख रुपये खर्च होने हैं। कुछ समय पहले विधायक महिपाल ढांडा ने साढ़े पांच लाख रुपये दिलाए थे, लेकिन अभी भी साढ़े छह लाख रुपये की जरूरत है। उनके प्रयासों के बाद भी प्रशासन आंख बंद किए हुए है। प्रशासन की अनदेखी से हादसा हुआ है।
संजीव दहिया, पार्षद, वार्ड-18 नगर निगम पानीपत।