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तीन टन से अधिक क्षमता वाले बॉयलर में ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम अनिवार्य
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हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तीन टन से अधिक क्षमता वाले बॉयलर के लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में बोर्ड ने सभी उद्यमियों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इन सबकी मॉनिटरिंग दिल्ली व चंडीगढ़ से सीपीसीबी करेगा। जिन उद्योगों में ये सिस्टम नहीं लगा होगा, उन्हें बंद कर दिया जाएगा।
वायु प्रदूषण पर निगरानी रखने के लिए सीपीसीबी ने सभी जिलों में बड़े व मध्यम दर्जे के उद्योगों की चिमनियों पर ओसीईएमएस लगाने के आदेश दिए थे। हाल ही में बोर्ड ने संबंधित जिलों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से रेड कैटेगरी में आने वाले औद्योगिक इकाइयों की ऑनलाइन ग्राउंड रिपोर्ट जानने के लिए स्टेटस मांगा था। इसमें सामने आया कि 40 प्रतिशत उद्योगों में यह सिस्टम लागू ही नहीं हुआ, जबकि कई ने सीपीसीबी और स्टेट बोर्ड के सर्वर से खुद को नहीं जोड़ा।
पानीपत प्रदूषण के मामले में है 11 वे स्थान पर
केंद्रीय राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हाल ही में देश के सबसे प्रदूषित शहरों की एक लिस्ट जारी की थी। जिसमें पानीपत को देश भर में 11 स्थान दिया गया था। पानीपत गुरुग्राम के बाद प्रदेश में दूसरा सबसे प्रदूषित शहर माना गया है। इसका सबसे बड़ा कारण पानीपत के 20 हजार छोटे-बड़े उद्योग और यहां से गुजरने वाले हर रोज लगभग 80 हजार वाहन हैं। उद्योगों में चोरी छुपे कूड़ा कचरा जलाया जाता है। जिससे निकलने वाला काला धुआं प्रदूषण का मुख्य कारण बन रहा है।
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हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल ऑफिसर कमलजीत सिंह ने बताया कि नियमानुसार प्रदूषण करने वाली इकाइयों में इसका होना जरूरी है ताकि इनकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग हो सके।
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वायु प्रदूषण पर निगरानी रखने के लिए सीपीसीबी ने सभी जिलों में बड़े व मध्यम दर्जे के उद्योगों की चिमनियों पर ओसीईएमएस लगाने के आदेश दिए थे। हाल ही में बोर्ड ने संबंधित जिलों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से रेड कैटेगरी में आने वाले औद्योगिक इकाइयों की ऑनलाइन ग्राउंड रिपोर्ट जानने के लिए स्टेटस मांगा था। इसमें सामने आया कि 40 प्रतिशत उद्योगों में यह सिस्टम लागू ही नहीं हुआ, जबकि कई ने सीपीसीबी और स्टेट बोर्ड के सर्वर से खुद को नहीं जोड़ा।
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पानीपत प्रदूषण के मामले में है 11 वे स्थान पर
केंद्रीय राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हाल ही में देश के सबसे प्रदूषित शहरों की एक लिस्ट जारी की थी। जिसमें पानीपत को देश भर में 11 स्थान दिया गया था। पानीपत गुरुग्राम के बाद प्रदेश में दूसरा सबसे प्रदूषित शहर माना गया है। इसका सबसे बड़ा कारण पानीपत के 20 हजार छोटे-बड़े उद्योग और यहां से गुजरने वाले हर रोज लगभग 80 हजार वाहन हैं। उद्योगों में चोरी छुपे कूड़ा कचरा जलाया जाता है। जिससे निकलने वाला काला धुआं प्रदूषण का मुख्य कारण बन रहा है।
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हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल ऑफिसर कमलजीत सिंह ने बताया कि नियमानुसार प्रदूषण करने वाली इकाइयों में इसका होना जरूरी है ताकि इनकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग हो सके।