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Panipat News: चार में एक पुरुष व पांच में से एक महिला उच्च रक्तचाप से ग्रस्त
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पानीपत। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार हर चार में से एक पुरुष व हर पांच महिलाओं में से एक महिला उच्च रक्तचाप की बीमारी से जूझ रहा है। उच्च रक्तचाप ही हार्ट फेल होने का बड़ा कारण है। खानपान का ध्यान न रखना उच्च रक्तचाप का बड़ा कारण। उच्च रक्तचाप सबसे अधिक गर्भवतियों को प्रभावित करता है। उच्च रक्तचाप के कारण 10 में से एक नवजात सर्जरी से दुनिया में आंख खोल रहा है। कई गर्भवतियों की डिलीवरी के दौरान उच्च रक्तचाप के कारण मौत भी हो जाती है।
अप्रैल 2023 से 30 अप्रैल 2024 तक जिला नागरिक अस्पताल में 4309 नए मरीज आए हैं। डॉक्टरों के अनुसार इससे दुखद पहलू यह कि 15 साल से अधिक आयु वर्ग में 46 प्रतिशत पुरुषों और 33 प्रतिशत महिलाओं ने अपना रक्तचाप कभी चेक नहीं कराया। उच्च रक्तचाप का चार अंगों पर अधिक प्रतिकूल असर पड़ता है। आंखों के रेटिना की अंदरूनी परत खराब हो सकती है। हार्ट फेल होने का खतरा रहता है। ब्रेन स्ट्रोक का बड़ा कारण भी उच्च रक्तचाप है। बढ़ा रक्तचाप किडनी की साल्ट को कंट्रोल करने, शरीर में पानी रोकने की क्षमता को प्रभावित करता है। इससे किडनी को नुकसान पहुंचता है।
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हरी सब्जियाें व मौसमी फलों का करें सेवन
उच्च रक्तचाप से बचने के लिए हरी सब्जियाें व मौसमी फलों का सेवन करें। नमक व तैलीय खाद्य सामग्री का सेवन कम करें। 35 साल से अधिक आयु के लोग वर्ष में दो बार रक्तचाप चेक जरूर कराएं। दवा के साथ डाइट चार्ट पर अमल करें।
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यह है उच्च रक्तचाप
धमनियों के जरिए रक्त को पुश करने में दिल को अधिक ताकत लगानी पड़़ती है तो ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर के एक सीमा से ज्यादा होने को ही उच्च रक्तचाप कहते हैं।
उच्च रक्तचाप के कारण-
-तनाव की अधिकता।
-आनुवंशिक और मोटापा।
-धूम्रपान, शराब सेवन।
-कम नींद लेना।
-चटपटा और तला भोजन सेवन।
-दवाओं का अधिक सेवन।
उच्च रक्तचाप के लक्षण:
-सिरदर्द, चक्कर आना
-सीने में दर्द, बेचैनी
-घबराहट व थकान
-धुंधला दिखना, कमजोरी
-ज्यादा गुस्सा आना
कम रक्तचाप को भी न करें नजरअंदाज-
कम रक्तचाप की स्थिति में हृदय शरीर में औसत मानक से कम खून का प्रवाहित करता है।अत्यधिक थकान, चक्कर आना या बेहोशी, नजर धुंधली होना, बेचैनी और त्वचा ठंडी होना इसके लक्षण हैं। इस स्थिति को भी नजरअंदाज न करें।
वर्जन-
डिप्टी सिविल सर्जन डाॅ. शशि गर्ग ने बताया कि सिविल अस्पताल में एनसीडी (नान क्रोनिक डिजीज) यूनिट खुली हुई है। एक साल में 4309 उच्च रक्तचाप के नए मरीज आए हैं। गर्भवतियों में उच्च रक्तचाप का खतरा अधिक है। उच्च रक्तचाप से बचना है तो खानपान और जीवनशैली में परिवर्तन बहुत जरूरी है। देर रात्रि तक न जागकर, भरपूर नींद लें। व्यायाम करें और तनाव मुक्त रहें।
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अप्रैल 2023 से 30 अप्रैल 2024 तक जिला नागरिक अस्पताल में 4309 नए मरीज आए हैं। डॉक्टरों के अनुसार इससे दुखद पहलू यह कि 15 साल से अधिक आयु वर्ग में 46 प्रतिशत पुरुषों और 33 प्रतिशत महिलाओं ने अपना रक्तचाप कभी चेक नहीं कराया। उच्च रक्तचाप का चार अंगों पर अधिक प्रतिकूल असर पड़ता है। आंखों के रेटिना की अंदरूनी परत खराब हो सकती है। हार्ट फेल होने का खतरा रहता है। ब्रेन स्ट्रोक का बड़ा कारण भी उच्च रक्तचाप है। बढ़ा रक्तचाप किडनी की साल्ट को कंट्रोल करने, शरीर में पानी रोकने की क्षमता को प्रभावित करता है। इससे किडनी को नुकसान पहुंचता है।
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हरी सब्जियाें व मौसमी फलों का करें सेवन
उच्च रक्तचाप से बचने के लिए हरी सब्जियाें व मौसमी फलों का सेवन करें। नमक व तैलीय खाद्य सामग्री का सेवन कम करें। 35 साल से अधिक आयु के लोग वर्ष में दो बार रक्तचाप चेक जरूर कराएं। दवा के साथ डाइट चार्ट पर अमल करें।
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यह है उच्च रक्तचाप
धमनियों के जरिए रक्त को पुश करने में दिल को अधिक ताकत लगानी पड़़ती है तो ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर के एक सीमा से ज्यादा होने को ही उच्च रक्तचाप कहते हैं।
उच्च रक्तचाप के कारण-
-तनाव की अधिकता।
-आनुवंशिक और मोटापा।
-धूम्रपान, शराब सेवन।
-कम नींद लेना।
-चटपटा और तला भोजन सेवन।
-दवाओं का अधिक सेवन।
उच्च रक्तचाप के लक्षण:
-सिरदर्द, चक्कर आना
-सीने में दर्द, बेचैनी
-घबराहट व थकान
-धुंधला दिखना, कमजोरी
-ज्यादा गुस्सा आना
कम रक्तचाप को भी न करें नजरअंदाज-
कम रक्तचाप की स्थिति में हृदय शरीर में औसत मानक से कम खून का प्रवाहित करता है।अत्यधिक थकान, चक्कर आना या बेहोशी, नजर धुंधली होना, बेचैनी और त्वचा ठंडी होना इसके लक्षण हैं। इस स्थिति को भी नजरअंदाज न करें।
वर्जन-
डिप्टी सिविल सर्जन डाॅ. शशि गर्ग ने बताया कि सिविल अस्पताल में एनसीडी (नान क्रोनिक डिजीज) यूनिट खुली हुई है। एक साल में 4309 उच्च रक्तचाप के नए मरीज आए हैं। गर्भवतियों में उच्च रक्तचाप का खतरा अधिक है। उच्च रक्तचाप से बचना है तो खानपान और जीवनशैली में परिवर्तन बहुत जरूरी है। देर रात्रि तक न जागकर, भरपूर नींद लें। व्यायाम करें और तनाव मुक्त रहें।