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पहले दिन जांच में 17 बच्चे मिले मानसिक रोगी
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पानीपत। मदर टेरेसा होम में रोगियों की जांच करते हुए डॉ मोना नागपाल और डॉ आलोक जैन।
- फोटो : Panipat
एक समान दुनिया में मानसिक स्वास्थ्य की थीम पर रविवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के तहत पांच दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम की शुरूआत हुई। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक जैन व मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोना नागपाल ने सेक्टर-12 स्थित मदर टेरेसा होम में बच्चों व बड़ों की जांच की। जांच में 35 पुरुष व महिलाएं और 17 बच्चे मानसिक बीमारियों से ग्रस्त मिले। डॉक्टरों ने इनकी जांच के बाद दवा दी और इनको मानसिक बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया। इन्हें सिविल अस्पताल से लगातार इलाज के लिए प्रेरित किया।
सिविल अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोना नागपाल ने बताया कि सिविल अस्पताल की मानसिक रोग ओपीडी में जनवरी से अब तक 3083 मरीजों ने इलाज कराया है। इनमें 21.63 फीसदी तनाव, 15 फीसदी दौरा रोग से ग्रस्त मिले। इस समय हर आयु वर्ग के लोग मानसिक विकारों से ग्रस्त हैं। खासकर, कोरोना महामारी में मरीज संख्या बढ़ी है। लंबे समय तक शिक्षण संस्थान बंद रहने, ऑनलाइन पढ़ाई के कारण बच्चे भी मानसिक परेशानी झेल रहे हैं। लगभग एक फीसदी आबादी दिमागी बीमारी से पीड़ित हैं। डिप्रेशन, दौरा, एंजाइटी (चिंता), सिर का दर्द, तनाव और माइग्रेन के दर्द से अधिक पीड़ित रहते हैं। अधिकांश लोगों को काउंसलिंग के जरिए ठीक किया जा सकता है। बीमारी पुरानी होने पर दवा देनी पड़ती है। चिकित्सक ने बताया कि परिवार में बच्चा, युवा, बुजुर्ग, किसी भी आयु का व्यक्ति है,उससे बातचीत करते रहें।
पांच दिन के कार्यक्रम
10 अक्टूबर : मदर टेरेसा होम में स्वास्थ्य जांच शिविर
11 अक्टूबर : सेक्टर 13-17 में योग
12 अक्टूबर : युवाओं की जागरूकता रैली
13 अक्टूबर : कार्यालयों में गोष्ठियां
14 अक्टूबर : शिक्षण संस्थानों में आनलाइन सत्र
जनवरी से अब तक पहुंचे मरीज
शरीर में दर्द - 552
दौरा पड़ना- 469
तनाव - 667
माइगग्रेन - 394
चक्कर आना - 96
भूलने की बीमारी -130
शराब के आदी- 55
तंबाकू सेवन - 20
मादक पदार्थ सेवन - 42
मनोविकार - 36
भ्रम की स्थिति - 109
घबराहट - 85
चिता 20
व्यवहार परिवर्तन - 11
मानसिक दिव्यांग - 31
सिरदर्द - 10
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सिविल अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोना नागपाल ने बताया कि सिविल अस्पताल की मानसिक रोग ओपीडी में जनवरी से अब तक 3083 मरीजों ने इलाज कराया है। इनमें 21.63 फीसदी तनाव, 15 फीसदी दौरा रोग से ग्रस्त मिले। इस समय हर आयु वर्ग के लोग मानसिक विकारों से ग्रस्त हैं। खासकर, कोरोना महामारी में मरीज संख्या बढ़ी है। लंबे समय तक शिक्षण संस्थान बंद रहने, ऑनलाइन पढ़ाई के कारण बच्चे भी मानसिक परेशानी झेल रहे हैं। लगभग एक फीसदी आबादी दिमागी बीमारी से पीड़ित हैं। डिप्रेशन, दौरा, एंजाइटी (चिंता), सिर का दर्द, तनाव और माइग्रेन के दर्द से अधिक पीड़ित रहते हैं। अधिकांश लोगों को काउंसलिंग के जरिए ठीक किया जा सकता है। बीमारी पुरानी होने पर दवा देनी पड़ती है। चिकित्सक ने बताया कि परिवार में बच्चा, युवा, बुजुर्ग, किसी भी आयु का व्यक्ति है,उससे बातचीत करते रहें।
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पांच दिन के कार्यक्रम
10 अक्टूबर : मदर टेरेसा होम में स्वास्थ्य जांच शिविर
11 अक्टूबर : सेक्टर 13-17 में योग
12 अक्टूबर : युवाओं की जागरूकता रैली
13 अक्टूबर : कार्यालयों में गोष्ठियां
14 अक्टूबर : शिक्षण संस्थानों में आनलाइन सत्र
जनवरी से अब तक पहुंचे मरीज
शरीर में दर्द - 552
दौरा पड़ना- 469
तनाव - 667
माइगग्रेन - 394
चक्कर आना - 96
भूलने की बीमारी -130
शराब के आदी- 55
तंबाकू सेवन - 20
मादक पदार्थ सेवन - 42
मनोविकार - 36
भ्रम की स्थिति - 109
घबराहट - 85
चिता 20
व्यवहार परिवर्तन - 11
मानसिक दिव्यांग - 31
सिरदर्द - 10

पानीपत। डॉ मोना नागपाल- फोटो : Panipat
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