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Panipat News: श्रम विभाग में लंबे समय से अधिकारी कर रहे थे गबन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Nov 2024 04:41 AM IST
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Officials were embezzling in the Labor Department for a long time
पानीपत। श्रम विभाग में अधिकारी श्रमिकों की योजनाओं में लंबे समय से गबन कर रहे थे। वे इस तरह से करोड़ों रुपये का गबन कर चुके थे। इनके खिलाफ पिछले चार साल से शिकायतें मिल रही थीं। आला अधिकारियों ने जांच टीम भी बनाई और जांच भी की। इन सबके बीच कमेटी की सख्त कार्रवाई की रिपोर्ट के बाद भी घोटाले में शामिल अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि अधिकारियों ने राजनेताओं का आशीर्वाद मिलने के चलते आरोपी अधिकारियों का निलंबन तो दूर उनको तबादला तक नहीं किया। शिकायतकर्ता ने इस योजना में सभी लाभार्थियों की जांच की भी मांग की है।
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शिकायकर्ता एडवोकेट सुभाष चंद्र ने बताया कि श्रम विभाग में श्रमिकों की योजनाओं में लंंबे समय से घोटाला किया जा रहा था। उन्होंने 2020 की शुरुआत में इसकी शिकायत दी थी। एसीएस ने तीन अधिकारियों के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया। इसमें सहायक निदेशक, उप निदेशक व अतिरिक्त निदेशक स्तर के अधिकारी थे। इस कमेटी ने 17 अगस्त 2020 को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी। इसमें योजना में गड़बड़ी मिली थी और अधिकारियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की सिफारिश की थी। इनके अलावा इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात लिखी थी। कमेटी ने इसके साथ उच्च स्तरीय विशेष जांच समिति बनाकर इस योजना में एक साल के मामलों जांच कराने की भी बात कही थी।
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एसआईटी ने तीन महीने की जांच की
उच्चाधिकारियों ने कमेटी की उच्च स्तरीय विशेष जांच समिति बनाकर जांच कराने शुरू की। आरोप है कि एसआईटी ने इसमें एक साल की बजाय तीन महीने के मामलों की जांच की। तीन अप्रैल 2024 को इस मामले में संलिप्त तीन महिला कर्मचारियों समेत छह को नोटिस दिया गया। मुख्य आरोपी हरेंद्र मान और एनके सिंघल को पूर्व कमेटी ने नोटिस दिया था। आरोप है कि उस समय हरेंद्र मान पर पानीपत का अतिरिक्त कार्यभार था। इस मामले की जांच के दौरान उनको पानीपत में सहायक निदेशक लगा दिया। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद सोनीपत के अधिकारी को इसमें कार्रवाई कराने को नोडल अधिकारी नियुक्त किया। इसमें दो अन्य अधिकारी सहयोग में लगाए।
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विभाग छोड़ चुके कर्मचारियों को शामिल रखा
एडवोकेट सुभाष चंद्र ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने कार्रवाई में मनमर्जी से काम किया। इसमें नौकरी छोड़ चुके एनके सिंघल, सागर, सुनील, श्वेता और जयकिशोर को आरोपी साबित किया। उनके खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज करने को पत्र लिखा। श्रम विभाग के कमिश्नर ने 18 अक्तूबर 2024 को पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर इस मामले में मुकदमा दर्ज करने बारे पत्र लिखा। बावजूद इसे मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।



वर्जन :
उन पर योजना में गड़बड़ी करने के आरोप निराधार हैं। वे पहले भी इस बारे में बता चुके हैं। जांच कमेटी और एसआईटी के सामने अपनी पूरी बात रखी है।
हरेंद्र मान, सहायक निदेशक, श्रम विभाग

वर्जन :
पुलिस ने श्रम विभाग के दो अधिकारियों को नामजद कर कई अन्य पर केस दर्ज किया है। पुलिस जल्द ही मामले की जांच करेगी। इसमें आगामी कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
राजबीर, प्रभारी, थाना शहर।
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