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Panipat News: कुपोषितों के लिए संजीवनी बना पोषण पुर्नवास केंद्र, नौ माह में 95 नवजात हुए ठीक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jan 2025 01:14 AM IST
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Nutrition rehabilitation center became a lifesaver for the malnourished, 95 newborns recovered in nine months
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में पिछले साढ़े पांच साल से चल रहा पोषण पुनर्वास केंद्र कुपोषित बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है। अब तक केंद्र में 680 से अधिक बच्चों को नया जीवन मिल चुका है। अप्रैल 2024 से दिसंबर 2024 तक 95 बच्चों को स्वस्थ किया गया। इस साल इस दौरान यहां 120 बच्चों को दाखिल किया गया । तीन बच्चों को यहां से रेफर किया गया है। 22 बच्चों को परिजन डॉक्टर की मर्जी के खिलाफ अपने घर ले गए। पिछले पांच साल में पोषण पुर्नवास केंद्र का डेथ रेशो शून्य है।
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डॉ. रिंपी व चार नर्सिंग ऑफिसर की देखरेख में कुपोषित बच्चों को नया जीवन दिया जा रहा है। जिले में कुपोषित बच्चों को तलाश कर उन्हें जिला अस्पताल में भेजने का जिम्मा आशा कार्यकर्ताओं पर है। स्वास्थ्य विभाग के सामाजिक कार्यकर्ता भी समय-समय पर झुग्गी झोपड़ियों और पिछड़े क्षेत्रों में कैंप लगाकर लोगों को कुपोषण के खिलाफ जागरूक करते हैं। यहां हर माह छह 16-17 बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। बच्चों को इलाज और पौष्टिक भोजन मिलता है। बच्चे की मां उसकी केयर के लिए केंद्र में रहती हैं। उसे भी 100 रुपये प्रतिदिन भत्ता दिया जाता है। 2023 में 35 व 2024 में 40 शिविर लगाकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों को कुपोषण के खिलाफ जागरूक किया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी वर्कर व स्वास्थ्य विभाग की आशा वर्कर अभिभावकों को कुपोषण के शिकार बच्चों को एनआरसी में पहुंचाने के लिए प्रेरित करती हैं। इनमें कुपोषित (मैम) व अतिकुपोषित (सैम) बच्चे शामिल रहते हैं।
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वर्जन-

डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग ने बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र में छह माह से पांच वर्ष आयु तक के कुपोषित, अति-कुपोषित बच्चों को इलाज के लिए भर्ती किया जाता है। इलाज पौष्टिक आहार मिलता है। केंद्र सातों दिन 24 घंटे खुलता है। बच्चे के साथ एक अभिभावक रहेगा। कुपोषण चिंता का बड़ा विषय है। सरकार इसको लेकर गंभीर है। इसलिए समय समय पर जिले में इसको लेकर कैंप भी लगाए जाते हैं। बच्चे के साथ अस्पताल में रहने वाली माता को प्रतिदिन 100 रुपये भत्ता भी दिया जाता है। एनसीआर में कुपोषित बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य देने का प्रयास है। कोई बच्चा कुपोषण की श्रेणी में है तो उसे पोेषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराना चाहिए।
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