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सुपर सकर मशीन नहीं इसलिए मैन्युअली कराई जा रही सीवरेज की सफाई
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पानीपत। इकराम। फाइल फोटो।
- फोटो : Panipat
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नगर निगम के पार्षद शहर के सीवर की सफाई के लिए लंबे समय से सुपर सकर मशीन की मांग करते रहे हैं। इस बारे में पार्षदों ने हाउस की बैठक में भी आवाज उठाई थी और निगम को लिखित में दिया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं कि सीवर की सफाई मैन्युअली नहीं हो सकती, लेकिन प्रशासन के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। ये ही कारण हैं कि शहर की 70 प्रतिशत से अधिक कॉलोनियों में सीवरेज व्यवस्था ठप है। शहर की प्राइवेट सोसाइटी के पास भी इस प्रकार की सुविधा नहीं है। ये ही शुक्रवार को सिविल इंजीनियर समेत तीन की मौत का कारण बना। वहीं सिविल इंजीनियर सुमित मिटान और मजदूर जाहिद अलावा राहगीर की भी शनिवार को इकराम (25) पुत्र मेहरद्दीन निवासी जलालाबाद, शामली के रूप में शिनाख्त हो गई है।
अब इस मामले में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य अंजना पंवार ने भी संज्ञान लिया है। इस घटना पर उन्होंने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कंपनी और टीडीआई मैनेजमेंट की कड़ी निंदा की और जिला आयुक्त से फोन पर बात की।
अंजना पंवार ने मैन्युअल स्कवेनजिंग एक्ट 2013 के तहत आयुक्त को पत्र लिख मृतक सिविल इंजीनियर समेत तीनों के परिवार को 10-10 लाख रुपये की मुआवजे की मांग की है। उन्होंने मृतक के परिवार से भी बातचीत की और कहा कि वह सोमवार को परिवार के इस गम में शामिल होने के लिए पानीपत आएंगी और उनसे मिलेंगी।
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बोर्ड ने किया शव का पोस्टमार्टम, जांच के लिए विसरा भेजा
तीनों मृतकों के शव का दो डॉक्टर राजीव मान और डॉक्टर राघवेंद्र के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। डॉक्टर राजीव मान ने बताया कि मौत का कारण जानने के लिए तीनों मृतकों के शव का विसरा मधुबन लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खुलासा होगा कि तीनों की मौत का असल कारण जहरीली गैस है या सीवरेज के पानी में डूबना है। फिलहाल संभावना जताई जा रही है कि मिथैन गैस के प्रभाव से इनकी मौत हुई है।
पुलिस ने परिजनों को सूचना दी, बोले- अस्पताल में भर्ती है आ जाओ
मृतक इकराम के पिता मेहद्दीन ने बताया कि वह शुक्रवार को शाम सात बजे से बेटे को फोन लगा रहे थे, लेकिन उसका फोन स्विच ऑफ था। रात नौ बजे पुलिस ने उनके पास कॉल किया और कहा कि इकराम सीवरेज टैंक में गिर गया है, आ जाओ। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह सुबह अस्पताल पहुंचे तो उसे बेटे के मृत होने का पता चला। पिता ने बताया कि इकराम सबसे छोटा था। उसे बड़ी बेटी गुलशारा और बेटा इमरान हैं।
टीडीआई में बिजली ठेकेदार के पास काम करता था युवक
मृतक इकराम के दोस्त सादिक ने बताया कि डेढ़ माह पहले इकराम पानीपत आया था। इकराम रात को उसी के पास सेक्टर 25 स्थित इंडो फार्म के पास केलों के स्टोर में आकर सोता था। सचिन नामक ठेकेदार ने टीडीआई में निर्माणाधीन मकान में बिजली वायरिंग का ठेका लिया हुआ था। इकराम ठेकेदार सचिन के पास काम करता था। सचिन ने इकराम को मकान पर काम करने के लिए भेजा था। जब वह सीवरेज टैंक के पास से गुजरा तो उसे चीखने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद वह भी नीचे उतरे सिविल इंजीनियर और मजदूर को बचाने के लिए सीवरेज में उतर गया और उसकी मौत हो गई।
प्रदेशभर में पांच साल के अंदर तीन दर्जन तक हो चुकी मौत
डॉ. आंबेडकर नव निर्माण समिति के अध्यक्ष मनोज जोगी ने बताया कि एक्ट के अनुसार किसी विशेष परिस्थिति में सीवर सफाई करने उतरे मजदूर के लिए मौके पर एंबुलेंस होनी चाहिए। सुरक्षा के लिए ऑक्सीजन मास्क, रबड़ के जूते, सेफ्टी बेल्ट आदि उपकरण होने चाहिए। हरियाणा में 21 दिसंबर 2020 तक बीते पांच साल में सेफ्टिक टैंक की सफाई करते हुए 31 लोगों की मौत हो चुकी है।
कंपनी के मालिक, ठेकेदार और अधिकारी पर केस दर्ज : एसएचओ
मृतक इंजीनियर के चाचा के बयानों पर कंपनी के मालिक, ठेकेदार व अधिकारी पर केस दर्ज कर लिया है। उनको जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं। मामले की जांच शुरू हो गई है। जो भी जांच में दोषी होगा उन पर कार्रवाई होगी।
मंजीत छिल्लर, थाना प्रभारी चांदनी बाग थाना पुलिस
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अब इस मामले में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य अंजना पंवार ने भी संज्ञान लिया है। इस घटना पर उन्होंने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कंपनी और टीडीआई मैनेजमेंट की कड़ी निंदा की और जिला आयुक्त से फोन पर बात की।
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अंजना पंवार ने मैन्युअल स्कवेनजिंग एक्ट 2013 के तहत आयुक्त को पत्र लिख मृतक सिविल इंजीनियर समेत तीनों के परिवार को 10-10 लाख रुपये की मुआवजे की मांग की है। उन्होंने मृतक के परिवार से भी बातचीत की और कहा कि वह सोमवार को परिवार के इस गम में शामिल होने के लिए पानीपत आएंगी और उनसे मिलेंगी।
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बोर्ड ने किया शव का पोस्टमार्टम, जांच के लिए विसरा भेजा
तीनों मृतकों के शव का दो डॉक्टर राजीव मान और डॉक्टर राघवेंद्र के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। डॉक्टर राजीव मान ने बताया कि मौत का कारण जानने के लिए तीनों मृतकों के शव का विसरा मधुबन लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खुलासा होगा कि तीनों की मौत का असल कारण जहरीली गैस है या सीवरेज के पानी में डूबना है। फिलहाल संभावना जताई जा रही है कि मिथैन गैस के प्रभाव से इनकी मौत हुई है।
पुलिस ने परिजनों को सूचना दी, बोले- अस्पताल में भर्ती है आ जाओ
मृतक इकराम के पिता मेहद्दीन ने बताया कि वह शुक्रवार को शाम सात बजे से बेटे को फोन लगा रहे थे, लेकिन उसका फोन स्विच ऑफ था। रात नौ बजे पुलिस ने उनके पास कॉल किया और कहा कि इकराम सीवरेज टैंक में गिर गया है, आ जाओ। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह सुबह अस्पताल पहुंचे तो उसे बेटे के मृत होने का पता चला। पिता ने बताया कि इकराम सबसे छोटा था। उसे बड़ी बेटी गुलशारा और बेटा इमरान हैं।
टीडीआई में बिजली ठेकेदार के पास काम करता था युवक
मृतक इकराम के दोस्त सादिक ने बताया कि डेढ़ माह पहले इकराम पानीपत आया था। इकराम रात को उसी के पास सेक्टर 25 स्थित इंडो फार्म के पास केलों के स्टोर में आकर सोता था। सचिन नामक ठेकेदार ने टीडीआई में निर्माणाधीन मकान में बिजली वायरिंग का ठेका लिया हुआ था। इकराम ठेकेदार सचिन के पास काम करता था। सचिन ने इकराम को मकान पर काम करने के लिए भेजा था। जब वह सीवरेज टैंक के पास से गुजरा तो उसे चीखने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद वह भी नीचे उतरे सिविल इंजीनियर और मजदूर को बचाने के लिए सीवरेज में उतर गया और उसकी मौत हो गई।
प्रदेशभर में पांच साल के अंदर तीन दर्जन तक हो चुकी मौत
डॉ. आंबेडकर नव निर्माण समिति के अध्यक्ष मनोज जोगी ने बताया कि एक्ट के अनुसार किसी विशेष परिस्थिति में सीवर सफाई करने उतरे मजदूर के लिए मौके पर एंबुलेंस होनी चाहिए। सुरक्षा के लिए ऑक्सीजन मास्क, रबड़ के जूते, सेफ्टी बेल्ट आदि उपकरण होने चाहिए। हरियाणा में 21 दिसंबर 2020 तक बीते पांच साल में सेफ्टिक टैंक की सफाई करते हुए 31 लोगों की मौत हो चुकी है।
कंपनी के मालिक, ठेकेदार और अधिकारी पर केस दर्ज : एसएचओ
मृतक इंजीनियर के चाचा के बयानों पर कंपनी के मालिक, ठेकेदार व अधिकारी पर केस दर्ज कर लिया है। उनको जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं। मामले की जांच शुरू हो गई है। जो भी जांच में दोषी होगा उन पर कार्रवाई होगी।
मंजीत छिल्लर, थाना प्रभारी चांदनी बाग थाना पुलिस

पानीपत। सिविल अस्पताल स्थित शव गृह के बाहर मौजूद मृतक इकराम के परिजन।- फोटो : Panipat

पानीपत। सेक्टर-29 में ओवरफ्लो हुआ नाला व खुला हुआ जिससे हादसे होने का भी डर है।- फोटो : Panipat