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Panipat News: सड़कों पर छिड़काव हुआ न जेनरेटर सेट हुए बंद, एक्यूआई 500 पहुंचा
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पानीपत। टेक्सटाइल नगरी की हवा बेहद जहरीली हो चुकी है। बुधवार को माइक्रोसाॅफ्ट की एमएसएन साइट के अनुसार बुधवार को पानीपत का एक्यूआई 500 पहुंच गया है। यह सेहत के लिए बेहद हानिकारक है। यह ह्दय रोगी, सांस के रोगी व गर्भवतियों के लिए बेहद खतरनाक है। एमएसएन साइट के अनुसार शहर में 2.5 की मात्रा 318 पहुंच गई है। कार्बन की मात्रा 200 से अधिक है। पीएम-10 की मात्रा 400 से अधिक है। नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा 100 से अधिक है।
उल्लेखनीय है कि इसका मुख्य कारण शहर के स्कूलों, कॉलेज व उद्योगों में चल रहे जेनरेटर सेट हैं। उद्योगों में प्रतिबंधित फ्यूल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने ग्रैप ट के तहत सड़कों व पेड़ पौधों पर छिड़काव का काम शुरू नहीं किया। बुधवार सुबह स्मॉग छाई रही। लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई। आंखों में जलन महसूस हुई। आने वाले दिनों में वायु की गुणवत्ता और अधिक खराब हो सकती है। वहीं दूसरी ओर सीपीसीबी का सर्वर काफी डाउन चल रहा है। पिछले छह दिन से एक्यूआई 185 व 187 के बीच प्रदर्शित किया जा रहा है। जबकि करनाल का एक्यूआई 378, कैथल का 454 व सोनीपत का एक्यूआई 425 दर्ज किया गया है।
ग्रैप- 2 लागू हुए 15 दिन हो चुके हैं। अब तक ग्रैप के नियम सख्ती से लागू नहीं हुए है। सड़कों पर पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। उद्योगों का भी अब तक निरीक्षण शुरू नहीं किया गया है। डीजी सेटर सरेआम चलाए जा रहे हैं। इसलिए आने वाले दिनों में एक्यूआई का स्तर और अधिक बढ़ेगा। जैसे जैसे तापमान में गिरावट आएगी वैसे स्मॉग बनेगी। अब हवा में धूएं व कार्बन की मात्रा बढ़ रही है।
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पर्यावरण मामलों के विशेषज्ञ वरुण गुलाटी ने बताया कि पानीपत का एक्यूआई सही प्रदर्शित नहीं किया जा रहा है। शहर की हवा बेहद खराब है। सुबह शाम स्मॉग बन रही है। यह सेहत के लिए बेहद हानिकारण है। प्रशासन ने अपना काम सही से नहीं किया जा रहा है। उद्योगों का भी निरीक्षण नहीं किया जा रहा है। आने वाले दिनों में हवा का दबाव अधिक बढ़ेगा। धूल के कण हवा में नहीं उठ पाएंगे। स्मॉग का खतरा गहराएगा। हवा में कार्बन व नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा भी बढ़ेगी।
वर्जन-
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि ग्रैप- 2 के तहत काम किया जा रहा है। जेनरेटर सेट चलते मिलने पर कार्रवाई होगी। उद्योगों में प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग मिला तो कार्रवाई होगी।
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उल्लेखनीय है कि इसका मुख्य कारण शहर के स्कूलों, कॉलेज व उद्योगों में चल रहे जेनरेटर सेट हैं। उद्योगों में प्रतिबंधित फ्यूल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने ग्रैप ट के तहत सड़कों व पेड़ पौधों पर छिड़काव का काम शुरू नहीं किया। बुधवार सुबह स्मॉग छाई रही। लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई। आंखों में जलन महसूस हुई। आने वाले दिनों में वायु की गुणवत्ता और अधिक खराब हो सकती है। वहीं दूसरी ओर सीपीसीबी का सर्वर काफी डाउन चल रहा है। पिछले छह दिन से एक्यूआई 185 व 187 के बीच प्रदर्शित किया जा रहा है। जबकि करनाल का एक्यूआई 378, कैथल का 454 व सोनीपत का एक्यूआई 425 दर्ज किया गया है।
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ग्रैप- 2 लागू हुए 15 दिन हो चुके हैं। अब तक ग्रैप के नियम सख्ती से लागू नहीं हुए है। सड़कों पर पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। उद्योगों का भी अब तक निरीक्षण शुरू नहीं किया गया है। डीजी सेटर सरेआम चलाए जा रहे हैं। इसलिए आने वाले दिनों में एक्यूआई का स्तर और अधिक बढ़ेगा। जैसे जैसे तापमान में गिरावट आएगी वैसे स्मॉग बनेगी। अब हवा में धूएं व कार्बन की मात्रा बढ़ रही है।
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पर्यावरण मामलों के विशेषज्ञ वरुण गुलाटी ने बताया कि पानीपत का एक्यूआई सही प्रदर्शित नहीं किया जा रहा है। शहर की हवा बेहद खराब है। सुबह शाम स्मॉग बन रही है। यह सेहत के लिए बेहद हानिकारण है। प्रशासन ने अपना काम सही से नहीं किया जा रहा है। उद्योगों का भी निरीक्षण नहीं किया जा रहा है। आने वाले दिनों में हवा का दबाव अधिक बढ़ेगा। धूल के कण हवा में नहीं उठ पाएंगे। स्मॉग का खतरा गहराएगा। हवा में कार्बन व नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा भी बढ़ेगी।
वर्जन-
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि ग्रैप- 2 के तहत काम किया जा रहा है। जेनरेटर सेट चलते मिलने पर कार्रवाई होगी। उद्योगों में प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग मिला तो कार्रवाई होगी।