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Panipat News: न कोई पंजीयन न रिकॉर्ड, नौनिहालों की जान से खिलवाड़

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 22 Apr 2024 05:07 AM IST
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No registration, no records, playing with the lives of young children
पानीपत। बसों ही नहीं स्कूलों में आने वाले दूसरे प्राइवेट वाहनों में भी विद्यार्थियों की जान जोखिम में डाली जा रही है। ऑटो, ई-रिक्शा और जुगाड़ के वाहनों में इनको ठूंस-ठूंसकर लाया जाता है। प्रशासन या आरटीए का इनकी तरफ कोई ध्यान नहीं है। कभी कभार कार्रवाई होने लगे तो दो टाइम की रोटी की दुहाई देकर बचने लग जाते हैं। इस से ऑटो व ई-रिक्शा व दूसरे वाहनों में नौनिहालों की जान के साथ सरेआम खिलवाड़ की जा रही है।
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महेंद्रगढ़ में स्कूल बस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जिला में स्कूल बसों पर शिकंजा कसा जा रहा है। इन बसों की हर रोज चेकिंग की जा रही है, लेकिन दूसरे वाहनों की तरफ अब तक बड़े स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई है। जानकारों की माने तो कुछ स्कूलों ने नियमों में फेल बसों को बंद कर दूसरे प्राइवेट वाहन लगा दिए हैं। या फिर ऑटो व ई-रिक्शा में विद्यार्थियों को ला रहे हैं।
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पुलिस, आरटीए और एसडीएम कार्यालय में फंसे
छोटे वाहन, ऑटो व ई-रिक्शा पर कार्रवाई पुलिस, आरटीए और एसडीएम कार्यालय के बीच फंसकर रह गई हैं। कई स्कूलों में प्राइवेट लोगों ने ट्रांसपोर्ट के लिए गाड़ी लगा रखी हैं। इनका स्कूल में पंजीकरण भी नहीं हैं और न ही इन पर रंग पीला किया गया है। इन वाहनों का पंंजीकरण एसडीएम कार्यालय में है। आरटीए इन पर कार्रवाई नहीं करता। पुलिस भी एसडीएम या आरटीए का कार्यक्षेत्र बताकर कई बार पीछे हट जाती है। वहीं एसडीएम कार्यालय अभी इन पर कार्रवाई नहीं कर रहा है। ऐसे में वाहन चालक मस्ती कर रहे हैं।
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स्कूलों में नहीं रिकॉर्ड
प्राइवेट वाहनों का स्कूलों के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। न ही इन लोगों ने वाहनों पर पीला रंग करा रखा है। अधिकतर वाहन चालक अभिभावकों के साथ संपर्क में रहते हैं। वे अभिभावकों से ही बच्चे के किराया लेते हैं। ईको, ऑटो व ई-रिक्शा में सुबह व दाेपहर को छुट्टी के समय स्कूलों के बाहर लंबी लाइन लग जाती है। इनमें छोटे बच्चों को बिना सीट बेल्ट या अन्य जरूरी उपकरण के बैठाकर ले आते हैं।


वर्जन :
स्कूल बसों की लगातार जांच की जा रही है। इन बसों में कई नियमों की अनदेखी मिल रही हैं। ऐसी बस मालिक व स्कूल संचालक पर कार्रवाई की जाती है। ईको, ऑटो व रिक्शा पर भी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को भी इस बारे में लिखा जाएगा।
डॉ. नीरज जिंदल, आरटीए, पानीपत।
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