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हरियाली के लिए करना होगा इंतजार
कैथ्ाल
Updated Sun, 06 Oct 2013 11:42 PM IST
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हरियाणा के जिले कैथल में जिले में शायद पौधरोपण की आवश्यकता ही नहीं है या वन विभाग कैथल में पौधे लगाने की आवश्यकता ही नहीं समझ रहा है।
यही कारण है कि विभाग की ओर से मंजूर किया जाने वाला बजट इस बार घटकर लगभग आधा रह गया है। ऐसे में प्रदूषित होते पर्यावरण और शहर में लगातार हो रही वृक्षों की कटाई की भरपाई पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।
वन विभाग के अनुसार पिछले वर्ष कैथल जिले में 19 लाख पौधे लगाए गए थे। इसमें से विभाग की ओर से 14 लाख पौधे लोगों को वितरित किए गए थे। जबकि 5 लाख पौधे विभाग ने स्वयं लगाए थे। यह अलग जांच का विषय है कि ये पौधे कागजों में ही लगाए गए या इनमें से अब कितने बचे हैं।
इस बार बजट रह गया आधा
पौधरोपण के लिए इस बार लोगों में वितरित करने के लिए छह लाख पौधे का टारगेट दिया गया है। विभाग की ओर से स्वयं बीते साल के मुकाबले 4 लाख 25 हजार पौधे लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
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यह बजट स्थानीय अधिकारियों की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर कम हुआ है या फिर विभाग मुख्यालय स्तर पर लिया गया फैसला है। लेकिन विभाग के इस फैसले से जिले में हरियाली के प्रयास लगभग आधे रह जाएंगे। वन विभाग की ओर से धड़ल्ले से सड़कों से पौधे को काटने की मंजूरी तो दी जा रही है।
लेकिन इनकी जगह पौधरोपण को लेकर विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा है। यही वजह है कि जिले के कई सड़कों के किनारे से हरियाली गायब होती जा रही है।
‘विभाग की ओर से जो मंजूरी दी गई है। उसी अनुसार पौधरोपण करवाया गया है। पौधरोपण का टारगेट कम क्यों हुआ है? इस बारे मेें मुझे जानकारी नहीं है। इस बार छह लाख पौधे लोगों के माध्यम से तो 4.25 लाख पौधे विभाग की ओर से स्वयं लगाए जाएंगे। लोगों को एक रुपये प्रति पौधे के हिसाब से पौधे दिए जाएंगे।’
ओमप्रकाश शर्मा, जिला वन अधिकारी
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यही कारण है कि विभाग की ओर से मंजूर किया जाने वाला बजट इस बार घटकर लगभग आधा रह गया है। ऐसे में प्रदूषित होते पर्यावरण और शहर में लगातार हो रही वृक्षों की कटाई की भरपाई पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।
वन विभाग के अनुसार पिछले वर्ष कैथल जिले में 19 लाख पौधे लगाए गए थे। इसमें से विभाग की ओर से 14 लाख पौधे लोगों को वितरित किए गए थे। जबकि 5 लाख पौधे विभाग ने स्वयं लगाए थे। यह अलग जांच का विषय है कि ये पौधे कागजों में ही लगाए गए या इनमें से अब कितने बचे हैं।
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इस बार बजट रह गया आधा
पौधरोपण के लिए इस बार लोगों में वितरित करने के लिए छह लाख पौधे का टारगेट दिया गया है। विभाग की ओर से स्वयं बीते साल के मुकाबले 4 लाख 25 हजार पौधे लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
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यह बजट स्थानीय अधिकारियों की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर कम हुआ है या फिर विभाग मुख्यालय स्तर पर लिया गया फैसला है। लेकिन विभाग के इस फैसले से जिले में हरियाली के प्रयास लगभग आधे रह जाएंगे। वन विभाग की ओर से धड़ल्ले से सड़कों से पौधे को काटने की मंजूरी तो दी जा रही है।
लेकिन इनकी जगह पौधरोपण को लेकर विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा है। यही वजह है कि जिले के कई सड़कों के किनारे से हरियाली गायब होती जा रही है।
‘विभाग की ओर से जो मंजूरी दी गई है। उसी अनुसार पौधरोपण करवाया गया है। पौधरोपण का टारगेट कम क्यों हुआ है? इस बारे मेें मुझे जानकारी नहीं है। इस बार छह लाख पौधे लोगों के माध्यम से तो 4.25 लाख पौधे विभाग की ओर से स्वयं लगाए जाएंगे। लोगों को एक रुपये प्रति पौधे के हिसाब से पौधे दिए जाएंगे।’
ओमप्रकाश शर्मा, जिला वन अधिकारी