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अनाज मंडी में गेहूं का उठान नहीं
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पानीपत। सभी अनाज मंडियों में अब गेहूं की फसल खरीद का काम तेजी से चल रहा है लेकिन उठान का काम काफी धीमा है। फसल खरीद आसानी से होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है, लेकिन आढ़तियों को खरीद करने से पहले अब सोचना पड़ रहा है। आढ़तियों ने बताया कि मंडी भर चुकी है। एजेंसियों को उठान के लिए कह रहे हैं, लेकिन पिछले 12 दिन में एक बार भी उठान नहीं हो सका है।
गेहूं रखने की जगह नहीं, मंडी सचिव से लगाई गुहार
मंडी में फसल रखने की जगह नहीं बची है। पिछले 12 दिन से लगातार खरीद होने से मंडी भर चुकी है। उठान न होने से आढ़ती गेहूं खरीद तो कर रहे हैं, लेकिन रखने की जगह न होने से परेशान भी हो रहे हैं। आढ़तियों ने मार्केट कमेटी की सचिव आशा से अपील की है कि एजेंसियों से बात कर उठान करवाएं ताकि फसल रखने के लिए जगह मिले।
पानीपत की दोनों मंडियों में 2 लाख 97 हजार क्विंटल फसल पड़ी
पानीपत की दोनों मंडियों में 2 लाख 97 हजार क्विंटल की फसल पड़ी हैस जिसका उठान नहीं हो पा रहा है। पानीपत मंडी में एक लाख 85 हजार क्विंटल फसल है और बाबरपुर मंडी में 1 लाख 12 हजार क्विंटल फसल खुले आसमान के नीचे है।
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आढ़तियों का कहना:
मंडी लगभग पूरी भर चुकी है। मंडी में फसल रखने की जगह नहीं बची है। जिससे किसानों को परेशानी नहीं हो रही है, लेकिन हम आढ़तियों को हो रही है। मंडी भरने के बाद खरीद भी रुक जाएगी, जिससे किसानों को भी कुछ दिन में परेशानी होने वाली है। - विकास गर्ग, आढ़ती
एजेंसियों को मंडी में फसल का उठान करना चाहिए। अभी तक एक बार भी मंडी में फसल का उठान नहीं हुआ है। यदि बारिश आ गई तो हजारों क्विंटल गेहूं की फसल खराब हो जाएगी, जिससे सरकार को तो नुकसान होगा ही, किसान भी परेशान होगा। - डीसी गोयल, आढ़ती
तीनों एजेंसियों को रोज उठान के लिए कॉल किया जाता है, लेकिन अभी तक उठान शुरू नहीं किया गया है। प्रयास है कि किसानों या फिर आढ़तियों को परेशानी न हो।- आशा, सचिव, मार्केट कमेटी
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गेहूं रखने की जगह नहीं, मंडी सचिव से लगाई गुहार
मंडी में फसल रखने की जगह नहीं बची है। पिछले 12 दिन से लगातार खरीद होने से मंडी भर चुकी है। उठान न होने से आढ़ती गेहूं खरीद तो कर रहे हैं, लेकिन रखने की जगह न होने से परेशान भी हो रहे हैं। आढ़तियों ने मार्केट कमेटी की सचिव आशा से अपील की है कि एजेंसियों से बात कर उठान करवाएं ताकि फसल रखने के लिए जगह मिले।
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पानीपत की दोनों मंडियों में 2 लाख 97 हजार क्विंटल फसल पड़ी
पानीपत की दोनों मंडियों में 2 लाख 97 हजार क्विंटल की फसल पड़ी हैस जिसका उठान नहीं हो पा रहा है। पानीपत मंडी में एक लाख 85 हजार क्विंटल फसल है और बाबरपुर मंडी में 1 लाख 12 हजार क्विंटल फसल खुले आसमान के नीचे है।
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आढ़तियों का कहना:
मंडी लगभग पूरी भर चुकी है। मंडी में फसल रखने की जगह नहीं बची है। जिससे किसानों को परेशानी नहीं हो रही है, लेकिन हम आढ़तियों को हो रही है। मंडी भरने के बाद खरीद भी रुक जाएगी, जिससे किसानों को भी कुछ दिन में परेशानी होने वाली है। - विकास गर्ग, आढ़ती
एजेंसियों को मंडी में फसल का उठान करना चाहिए। अभी तक एक बार भी मंडी में फसल का उठान नहीं हुआ है। यदि बारिश आ गई तो हजारों क्विंटल गेहूं की फसल खराब हो जाएगी, जिससे सरकार को तो नुकसान होगा ही, किसान भी परेशान होगा। - डीसी गोयल, आढ़ती
तीनों एजेंसियों को रोज उठान के लिए कॉल किया जाता है, लेकिन अभी तक उठान शुरू नहीं किया गया है। प्रयास है कि किसानों या फिर आढ़तियों को परेशानी न हो।- आशा, सचिव, मार्केट कमेटी