{"_id":"6abc2edda2e6f2865b0241db","slug":"nine-colonies-to-be-regularized-revised-proposal-sent-for-approval-panipat-news-c-244-1-pnp1001-165102-2026-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: नौ कॉलोनियां होंगी वैध, मंजूरी के लिए भेजा संशोधित प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: नौ कॉलोनियां होंगी वैध, मंजूरी के लिए भेजा संशोधित प्रस्ताव
विज्ञापन
बबैल रोड स्थित मनमोहन नगर। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। शहर में अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया धीमी है, जबकि इसी अवधि में नई अवैध कॉलोनियां भी सामने आई हैं। नगर निगम ने पिछले वर्ष 21 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का प्रस्ताव शहरी स्थानीय निकाय विभाग को भेजा था। जांच के बाद इनमें से दो कॉलोनियां पहले से स्वीकृत मिलीं, जबकि 10 निर्धारित मानदंड पूरे नहीं कर पाईं। शेष नौ कॉलोनियों में मिली तकनीकी और दस्तावेजी कमियों को दूर कर नगर निगम ने इनके प्रस्ताव दोबारा मंजूरी के लिए भेजे हैं। दूसरी ओर, निगम के रिकॉर्ड में शहर में 35 नई अवैध कॉलोनियां दर्ज हुई हैं।
नगर निगम ने 21 कॉलोनियों को सिविक एमेनिटीज (नागरिक सुविधाएं) घोषित करने के लिए हरियाणा मैनेजमेंट ऑफ सिविक एमेनिटीज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेफिशिएंट म्यूनिसिपल एरिया (स्पेशल प्रोविजन) एक्ट-2016 और संशोधित एक्ट-2021 के तहत प्रस्ताव तैयार किया था। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की जांच में दो कॉलोनियां पहले से स्वीकृत मिलीं। अन्य 10 कॉलोनियां निर्धारित मानदंड पूरे नहीं कर सकीं, इसलिए इन्हें नियमितीकरण की प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। शेष बचीं नौ कॉलोनियों के प्रस्तावों में तकनीकी और दस्तावेजी कमियां मिली थीं।
लेआउट प्लान में सुधार कर दोबारा भेजे प्रस्ताव
निदेशालय की जांच में कुछ कॉलोनियों के अलग-अलग हिस्सों में बंटे होने, खाली जमीन का निर्धारित मानक से अधिक होने या कुल क्षेत्रफल मानक से कम होने जैसी कमियां सामने आईं। कई प्रस्तावों में अक्षांश-देशांतर (लैटीट्यूड-लॉन्गीट्यूड) का स्पष्ट ब्योरा, अप्रोच रोड की स्थिति और जीआईएस/सैटेलाइट इमेजरी का मिलान भी नहीं था।
विज्ञापन
नगर निगम की टाउन प्लानिंग विंग ने नौ कॉलोनियों के लेआउट प्लान दोबारा तैयार किए। इनमें खसरा नंबर, सीमाओं का अंकन, अप्रोच रोड और सैटेलाइट मैप को सुपरइम्पोज कर आपत्तियों का समाधान किया गया है। अब संशोधित प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजे गए हैं।
ये नौ कॉलोनियां
कॉलोनी
क्षेत्रफल (एकड़)
विकास नगर-1
38.40
विराट नगर फेज-3
21.09
विर्क नगर
14.02
गाबा कॉलोनी
11.58
गोपाल कॉलोनी
9.01
गुर्जर कॉलोनी
3.13
ज्योति नगर
2.37
एकता विहार कॉलोनी
1.73
साईं कॉलोनी एक्सटेंशन
1.30
वैध होने पर मिलती हैं बुनियादी सुविधाएं
किसी अनधिकृत कॉलोनी के नियमित घोषित होने के बाद नगर निगम वहां बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए सरकारी बजट से काम करा सकता है। इनमें पक्की सड़कें, पानी की पाइपलाइन, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, सफाई और कूड़ा उठान जैसी सुविधाएं शामिल हैं। आरक्षित स्थानों पर पार्क और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। नियमितीकरण के बाद संपत्ति की वैध रजिस्ट्री और बैंक से होम लोन मिलने की प्रक्रिया भी आसान होती है।
वहीं, अनधिकृत कॉलोनियों में सड़क, सीवर और पानी जैसी सुविधाओं के विकास में कानूनी अड़चन रहती है। इससे बारिश में जलभराव, कच्चे रास्तों पर कीचड़ और जल निकासी की समस्या बनी रहती है। जमीन की रजिस्ट्री और बैंक ऋण लेने में भी दिक्कत आती है।
मुख्य मार्गों के आसपास सबसे अधिक अवैध कॉलोनियां
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में 35 अवैध कॉलोनियां हैं। इनमें असंध रोड पर पांच, जाटल रोड पर तीन, सनौली रोड पर पांच, काबड़ी रोड पर छह, कुटानी रोड पर आठ और गोहाना रोड पर छह कॉलोनियां शामिल हैं। इसके अलावा शहर के अंदरूनी हिस्सों में भी कॉलोनियां काटी गई हैं।
वर्जन
नियमित की जाने वाली कॉलोनियों में नागरिकों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिकता है। शहर में बिना अनुमति काटी जा रही अवैध कॉलोनियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक के साथ उच्चस्तरीय बैठक में चर्चा हुई है। अवैध प्लॉटिंग करने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम
विज्ञापन
पानीपत। शहर में अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया धीमी है, जबकि इसी अवधि में नई अवैध कॉलोनियां भी सामने आई हैं। नगर निगम ने पिछले वर्ष 21 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का प्रस्ताव शहरी स्थानीय निकाय विभाग को भेजा था। जांच के बाद इनमें से दो कॉलोनियां पहले से स्वीकृत मिलीं, जबकि 10 निर्धारित मानदंड पूरे नहीं कर पाईं। शेष नौ कॉलोनियों में मिली तकनीकी और दस्तावेजी कमियों को दूर कर नगर निगम ने इनके प्रस्ताव दोबारा मंजूरी के लिए भेजे हैं। दूसरी ओर, निगम के रिकॉर्ड में शहर में 35 नई अवैध कॉलोनियां दर्ज हुई हैं।
नगर निगम ने 21 कॉलोनियों को सिविक एमेनिटीज (नागरिक सुविधाएं) घोषित करने के लिए हरियाणा मैनेजमेंट ऑफ सिविक एमेनिटीज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेफिशिएंट म्यूनिसिपल एरिया (स्पेशल प्रोविजन) एक्ट-2016 और संशोधित एक्ट-2021 के तहत प्रस्ताव तैयार किया था। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की जांच में दो कॉलोनियां पहले से स्वीकृत मिलीं। अन्य 10 कॉलोनियां निर्धारित मानदंड पूरे नहीं कर सकीं, इसलिए इन्हें नियमितीकरण की प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। शेष बचीं नौ कॉलोनियों के प्रस्तावों में तकनीकी और दस्तावेजी कमियां मिली थीं।
विज्ञापन
लेआउट प्लान में सुधार कर दोबारा भेजे प्रस्ताव
निदेशालय की जांच में कुछ कॉलोनियों के अलग-अलग हिस्सों में बंटे होने, खाली जमीन का निर्धारित मानक से अधिक होने या कुल क्षेत्रफल मानक से कम होने जैसी कमियां सामने आईं। कई प्रस्तावों में अक्षांश-देशांतर (लैटीट्यूड-लॉन्गीट्यूड) का स्पष्ट ब्योरा, अप्रोच रोड की स्थिति और जीआईएस/सैटेलाइट इमेजरी का मिलान भी नहीं था।
विज्ञापन
नगर निगम की टाउन प्लानिंग विंग ने नौ कॉलोनियों के लेआउट प्लान दोबारा तैयार किए। इनमें खसरा नंबर, सीमाओं का अंकन, अप्रोच रोड और सैटेलाइट मैप को सुपरइम्पोज कर आपत्तियों का समाधान किया गया है। अब संशोधित प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजे गए हैं।
ये नौ कॉलोनियां
कॉलोनी
क्षेत्रफल (एकड़)
विकास नगर-1
38.40
विराट नगर फेज-3
21.09
विर्क नगर
14.02
गाबा कॉलोनी
11.58
गोपाल कॉलोनी
9.01
गुर्जर कॉलोनी
3.13
ज्योति नगर
2.37
एकता विहार कॉलोनी
1.73
साईं कॉलोनी एक्सटेंशन
1.30
वैध होने पर मिलती हैं बुनियादी सुविधाएं
किसी अनधिकृत कॉलोनी के नियमित घोषित होने के बाद नगर निगम वहां बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए सरकारी बजट से काम करा सकता है। इनमें पक्की सड़कें, पानी की पाइपलाइन, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, सफाई और कूड़ा उठान जैसी सुविधाएं शामिल हैं। आरक्षित स्थानों पर पार्क और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। नियमितीकरण के बाद संपत्ति की वैध रजिस्ट्री और बैंक से होम लोन मिलने की प्रक्रिया भी आसान होती है।
वहीं, अनधिकृत कॉलोनियों में सड़क, सीवर और पानी जैसी सुविधाओं के विकास में कानूनी अड़चन रहती है। इससे बारिश में जलभराव, कच्चे रास्तों पर कीचड़ और जल निकासी की समस्या बनी रहती है। जमीन की रजिस्ट्री और बैंक ऋण लेने में भी दिक्कत आती है।
मुख्य मार्गों के आसपास सबसे अधिक अवैध कॉलोनियां
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में 35 अवैध कॉलोनियां हैं। इनमें असंध रोड पर पांच, जाटल रोड पर तीन, सनौली रोड पर पांच, काबड़ी रोड पर छह, कुटानी रोड पर आठ और गोहाना रोड पर छह कॉलोनियां शामिल हैं। इसके अलावा शहर के अंदरूनी हिस्सों में भी कॉलोनियां काटी गई हैं।
वर्जन
नियमित की जाने वाली कॉलोनियों में नागरिकों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिकता है। शहर में बिना अनुमति काटी जा रही अवैध कॉलोनियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक के साथ उच्चस्तरीय बैठक में चर्चा हुई है। अवैध प्लॉटिंग करने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम