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Panipat News: एनएचएम कर्मचारी अब 16 तक रहेंगे हड़ताल पर
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पानीपत। नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारी अब 16 अगस्त तक हड़ताल पर रहेंगे। अगर 16 अगस्त तक उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वह अपनी हड़ताल को और आगे बढ़ा सकते हैं। एनएचएम कर्मचारी संघ ने रविवार को आर्य कॉलेज में व्यापारी सम्मेलन में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। यहां उन्होंने कर्मचारियों से उनकी परेशानी जानी और कांग्रेस सरकार बनने पर उनकी सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है। साथ ही उनकी मांगों को विपक्ष के तौर पर सरकार के समक्ष उठाने का भरोसा दिया है।
पिछले 15 दिन से जिले के 350 एनएचएम कर्मचारी 12 दिन से हड़ताल पर हैं। इनमें 12 डॉक्टर, 33 स्टाफ नर्स, एंबुलेंस चालक, क्लर्क , डाटा एंटी ऑपरेशन समेत स्वास्थ्य विभाग के कई प्रोजेक्ट के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। इनके हड़ताल पर होने से स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमराई हुई हैं। एंटी लार्वा एक्टिविटी व टीकाकरण कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। एसएनसीयू से डॉक्टर के अभाव से नवजातों को रेफर किया जा रहा है। एसएनसीयू वार्ड के तीन डॉक्टर एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत हैं। सामाजिक कार्यकर्ता हड़ताल में शामिल हैं। इसकी पोषण संबंधी कार्यक्रम फिलहाल बंद पड़े हैं। एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से सबसे अधिक एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित है। जिला नागरिक अस्पताल से ही एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। फील्ड में एंबुलेंस के पहिये पूरी तरह से जाम हैं। अगर जिले में कहीं भी कोई हादसा होता है या किसी को एंबुलेंस की जरूरत होती है तो जिला नागरिक अस्पताल से एंबुलेंस भेजनी पड़ती है। ऐसे में एंबुलेंस को घटनास्थल पर पहुंचने में आधा घंटा से भी अधिक वक्त लग रहा है। एनएचएम संघ के जिलाध्यक्ष अमित मलिक ने कहा कि 15 दिन बाद भी सरकार का रुख नरम नहीं हुआ है। आज तक उनको सातवां पे-स्केल नहीं दिया गया है।
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पिछले 15 दिन से जिले के 350 एनएचएम कर्मचारी 12 दिन से हड़ताल पर हैं। इनमें 12 डॉक्टर, 33 स्टाफ नर्स, एंबुलेंस चालक, क्लर्क , डाटा एंटी ऑपरेशन समेत स्वास्थ्य विभाग के कई प्रोजेक्ट के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। इनके हड़ताल पर होने से स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमराई हुई हैं। एंटी लार्वा एक्टिविटी व टीकाकरण कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। एसएनसीयू से डॉक्टर के अभाव से नवजातों को रेफर किया जा रहा है। एसएनसीयू वार्ड के तीन डॉक्टर एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत हैं। सामाजिक कार्यकर्ता हड़ताल में शामिल हैं। इसकी पोषण संबंधी कार्यक्रम फिलहाल बंद पड़े हैं। एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से सबसे अधिक एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित है। जिला नागरिक अस्पताल से ही एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। फील्ड में एंबुलेंस के पहिये पूरी तरह से जाम हैं। अगर जिले में कहीं भी कोई हादसा होता है या किसी को एंबुलेंस की जरूरत होती है तो जिला नागरिक अस्पताल से एंबुलेंस भेजनी पड़ती है। ऐसे में एंबुलेंस को घटनास्थल पर पहुंचने में आधा घंटा से भी अधिक वक्त लग रहा है। एनएचएम संघ के जिलाध्यक्ष अमित मलिक ने कहा कि 15 दिन बाद भी सरकार का रुख नरम नहीं हुआ है। आज तक उनको सातवां पे-स्केल नहीं दिया गया है।
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