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एनएचएआई लगाएगा सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट, एक मिनट में बनेगी 1200 लीटर ऑक्सीजन
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जिले में ऑक्सीजन की किल्लत खत्म करने के लिए अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण आगे आया है। प्राधिकरण ने सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट बनाने का फैसला किया है। यह प्लांट अगले 10 दिन में बनकर तैयार हो जाएगा।
यह प्लांट अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट के पास ही बनेगा। इस प्लांट में प्रति मिनट 1200 लीटर ऑक्सीजन तैयार की जाएगी। जिले के निजी अस्पतालों को भी यहां से ऑक्सीजन मिलेगी। इसका नक्शा तैयार हो चुका है। इस पर काम शुरू हो कर दिया गया है। ऑक्सीजन प्लांट को तैयार करने का टेंडर वेलस्पन कंपनी को दिया गया है। कंपनी के इंजीनियर सुकांत ने अस्पताल दौरा किया और जगह चिह्नित कर ली है। प्लांट का काम शुरू कर दिया गया है। छह दिन में प्लांट तैयार हो जाएगा। इसके बाद तकनीकी टीम काम शुरू करेगी और ऑक्सीजन निर्माण के लिए उपकरण लगाए जाएंगे।
समालखा के सरकारी अस्पताल में भी लगाया जा रहा प्लांट
कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सतपाल सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार का एक सर्कुलर मिला था। जिसमें पानीपत सिविल अस्पताल और समालखा के सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट तैयार करने की जिम्मेदारी एनएचएआई को मिली है। प्लांट बनाने के लिए मात्र 30- 40 वर्ग मीटर जगह ही चाहिए थी। दोनों अस्पतालों में भूमि मुहैया करा दी गई है और प्लांट का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। सिविल अस्पताल में 1200 और समालखा अस्पताल में 200 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन तैयार करने की क्षमता होगी। प्रदेश में 50 ऑक्सीजन प्लांट बनाए जाएंगे। इन ऑक्सीजन प्लांट के निर्माण को लेकर शुरुआत कर दी गई है। गुरुग्राम में 6 प्लांट तैयार किए गए हैं। इसके अलावा महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और नूंह में भी प्लांट लगाए जा रहे हैं।
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अभी सिविल अस्पताल में छह हजार लीटर क्षमता वाला प्लांट
फिलहाल सिविल अस्पताल में छह हजार लीटर क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट हैं। इस प्लांट से सिविल अस्पताल में ही ऑक्सीजन सप्लाई होती है। ये मरीजों की क्षमता के अनुसार छोटा प्लांट हैं। इसको हर तीन दिन में रिफिल किया जाता है। जबकि समालखा में बना प्लांट दो साल बाद भी चालू नहीं हो पाया है।
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नए प्लांट से निजी अस्पतालों को भी दे सकेंगे ऑक्सीजन
सिविल अस्पताल में प्लांट तैयार होने के बाद यहां से निजी अस्पतालों को भी ऑक्सीजन दी जा सकेगी। इस प्लांट पर काम शुरू हो चुका है। ये जल्द तैयार हो जाएगा। समालखा में भी प्लांट का निर्माण शुरू किया जा रहा है।
- डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन
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यह प्लांट अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट के पास ही बनेगा। इस प्लांट में प्रति मिनट 1200 लीटर ऑक्सीजन तैयार की जाएगी। जिले के निजी अस्पतालों को भी यहां से ऑक्सीजन मिलेगी। इसका नक्शा तैयार हो चुका है। इस पर काम शुरू हो कर दिया गया है। ऑक्सीजन प्लांट को तैयार करने का टेंडर वेलस्पन कंपनी को दिया गया है। कंपनी के इंजीनियर सुकांत ने अस्पताल दौरा किया और जगह चिह्नित कर ली है। प्लांट का काम शुरू कर दिया गया है। छह दिन में प्लांट तैयार हो जाएगा। इसके बाद तकनीकी टीम काम शुरू करेगी और ऑक्सीजन निर्माण के लिए उपकरण लगाए जाएंगे।
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समालखा के सरकारी अस्पताल में भी लगाया जा रहा प्लांट
कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सतपाल सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार का एक सर्कुलर मिला था। जिसमें पानीपत सिविल अस्पताल और समालखा के सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट तैयार करने की जिम्मेदारी एनएचएआई को मिली है। प्लांट बनाने के लिए मात्र 30- 40 वर्ग मीटर जगह ही चाहिए थी। दोनों अस्पतालों में भूमि मुहैया करा दी गई है और प्लांट का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। सिविल अस्पताल में 1200 और समालखा अस्पताल में 200 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन तैयार करने की क्षमता होगी। प्रदेश में 50 ऑक्सीजन प्लांट बनाए जाएंगे। इन ऑक्सीजन प्लांट के निर्माण को लेकर शुरुआत कर दी गई है। गुरुग्राम में 6 प्लांट तैयार किए गए हैं। इसके अलावा महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और नूंह में भी प्लांट लगाए जा रहे हैं।
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अभी सिविल अस्पताल में छह हजार लीटर क्षमता वाला प्लांट
फिलहाल सिविल अस्पताल में छह हजार लीटर क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट हैं। इस प्लांट से सिविल अस्पताल में ही ऑक्सीजन सप्लाई होती है। ये मरीजों की क्षमता के अनुसार छोटा प्लांट हैं। इसको हर तीन दिन में रिफिल किया जाता है। जबकि समालखा में बना प्लांट दो साल बाद भी चालू नहीं हो पाया है।
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नए प्लांट से निजी अस्पतालों को भी दे सकेंगे ऑक्सीजन
सिविल अस्पताल में प्लांट तैयार होने के बाद यहां से निजी अस्पतालों को भी ऑक्सीजन दी जा सकेगी। इस प्लांट पर काम शुरू हो चुका है। ये जल्द तैयार हो जाएगा। समालखा में भी प्लांट का निर्माण शुरू किया जा रहा है।
- डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन