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Panipat News: शहर की नई वार्डबंदी को मिली मंजूरी
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पानीपत। शहर की नई वार्डबंदी के प्रस्ताव पर निदेशालय की हरी झंडी मिल गई है। निदेशालय स्तर पर वार्डबंदी का प्रारुप सही माना है। इसका अगले सप्ताह फाइनल नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इसके साथ जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में बीसी और महिला वार्डों का ड्रा किया जाएगा।
एससी वार्ड जनसंख्या के आधार पर तय किए जाएंगे। इसके साथ शहर में निगम चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नगर निगम द्वारा शहर की नई वार्डबंदी में 26 वार्ड बनाए गए हैं। इनमें 14 शहरी विधानसभा क्षेत्र और 12 पानीपत ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के हैं। शहरी और ग्रामीण विधानसभा के वार्ड अलग-अलग करने में कई वार्डों के क्षेत्र में काफी बदलाव आया था। इसके आधार पर नगर निगम ने गत दिनों प्रारुप बनाकर पहले एडहॉक कमेटी के पास भेजा था। एडहॉक कमेटी ने प्राथमिक प्रारुप को मानने से इनकार कर दिया था।
इसके बाद कुछ बदलाव किए गए। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज के बीच कई दौर की बैठक की गई। इसके बाद वार्डबंदी को कुछ बदलाव करते हुए तय किया। नगर निगम अधिकारियों ने जनवरी के पहले सप्ताह में इसको शहरी स्थानीय निकाय विभाग के पास भेजा था। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने दावे और आपत्तियों के लिए पांच दिन का समय दिया था। बीसी वार्ड एक तिहाई से कम नहीं होने चाहिए। वहीं एससी वार्ड जनसंख्या के आधार पर तय किए जाएंगे।
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दावे, आपत्तियां निराधार बताई ः नई वार्डबंदी को लेकर दावे और आपत्तियां सुनने के लिए नगर निगम की संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया गया था। नगर निगम में इन पांच दिनों में 44 दावे और आपत्तियां दर्ज की थी।
इनमें 38 को सही माना था। कमेटी ने 10 जनवरी को इनकी व्यक्तिगत रूप से सुनवाई की थी। यहां 13 लोग सुनवाई में पहुंचे थे। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में वार्डबंदी में किसी प्रकार का बदलाव न करने की सिफारिश दी थी। कमेटी का कहना था कि अधिकतर दावे और आपत्तियां मतदाता सूची को लेकर हैं।
मतदाता सूची पर काम शुरू ः नगर निगम ने अब शहर की मतदाता सूची बनाना शुरू कर दी है। इसमें प्रत्येक वार्ड की अलग-अलग मतदाता सूची बनाई जा रही है। इसके साथ बूथों को भी तय किया जा रहा है। नगर निगम फरवरी के अंत या फिर मार्च के पहले पखवाड़े में चुनाव मानकर चल रहा है। मतदाता सूची को लेकर भी लोगों के दावे और आपत्ति मांगी जाएंगी। भाजपा में मेयर के लिए लगी लाइन ः निगम में मेयर का पद इस बार सामान्य वर्ग का है। ऐसे में मेयर के पद को लेकर हर रोज सूची बढ़ती जा रही है।
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एससी वार्ड जनसंख्या के आधार पर तय किए जाएंगे। इसके साथ शहर में निगम चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नगर निगम द्वारा शहर की नई वार्डबंदी में 26 वार्ड बनाए गए हैं। इनमें 14 शहरी विधानसभा क्षेत्र और 12 पानीपत ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के हैं। शहरी और ग्रामीण विधानसभा के वार्ड अलग-अलग करने में कई वार्डों के क्षेत्र में काफी बदलाव आया था। इसके आधार पर नगर निगम ने गत दिनों प्रारुप बनाकर पहले एडहॉक कमेटी के पास भेजा था। एडहॉक कमेटी ने प्राथमिक प्रारुप को मानने से इनकार कर दिया था।
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इसके बाद कुछ बदलाव किए गए। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज के बीच कई दौर की बैठक की गई। इसके बाद वार्डबंदी को कुछ बदलाव करते हुए तय किया। नगर निगम अधिकारियों ने जनवरी के पहले सप्ताह में इसको शहरी स्थानीय निकाय विभाग के पास भेजा था। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने दावे और आपत्तियों के लिए पांच दिन का समय दिया था। बीसी वार्ड एक तिहाई से कम नहीं होने चाहिए। वहीं एससी वार्ड जनसंख्या के आधार पर तय किए जाएंगे।
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दावे, आपत्तियां निराधार बताई ः नई वार्डबंदी को लेकर दावे और आपत्तियां सुनने के लिए नगर निगम की संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया गया था। नगर निगम में इन पांच दिनों में 44 दावे और आपत्तियां दर्ज की थी।
इनमें 38 को सही माना था। कमेटी ने 10 जनवरी को इनकी व्यक्तिगत रूप से सुनवाई की थी। यहां 13 लोग सुनवाई में पहुंचे थे। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में वार्डबंदी में किसी प्रकार का बदलाव न करने की सिफारिश दी थी। कमेटी का कहना था कि अधिकतर दावे और आपत्तियां मतदाता सूची को लेकर हैं।
मतदाता सूची पर काम शुरू ः नगर निगम ने अब शहर की मतदाता सूची बनाना शुरू कर दी है। इसमें प्रत्येक वार्ड की अलग-अलग मतदाता सूची बनाई जा रही है। इसके साथ बूथों को भी तय किया जा रहा है। नगर निगम फरवरी के अंत या फिर मार्च के पहले पखवाड़े में चुनाव मानकर चल रहा है। मतदाता सूची को लेकर भी लोगों के दावे और आपत्ति मांगी जाएंगी। भाजपा में मेयर के लिए लगी लाइन ः निगम में मेयर का पद इस बार सामान्य वर्ग का है। ऐसे में मेयर के पद को लेकर हर रोज सूची बढ़ती जा रही है।