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Panipat News: जीएसटी की नई दर लागू, पुराने रेट पर बिक रहा सामान
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जीएसटी की नई दर लागू कर दी हैं। बाजार में अब भी अधिकतर सामान पुराने रेट पर दिया जा रहा है। ऐसे में लोगों को रेट कम होने के बाद भी इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है। कराधान विभाग अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है। ऐसे में लोगों को हर्जाना भुगतना पड़ रहा है।
जीएसटी की नई दर सोमवार को लागू कर दी हैं। दैनिक प्रयोग में आने वाले सामान के साथ टेक्सटाइल के उत्पादों में काफी छूट मिली है। बाजार में पहले से प्रिंट किए रेट के आधार पर ही अधिकतर सामान दिया जा रहा है। दुकानदार बिल लेने पर जीएसटी नई दर लगाते हैं। नहीं हो उसी रेट पर सामान देते हैं। कपड़ों की खरीदारी में लोगों को किसी प्रकार की छूट नजर नहीं आती।
दुकानदार अपने हिसाब से रेट तय कर रहे हैं और मोल भाव कर लोगों को सूट दे रहे हैं। इसी तरह गारमेंट के कपड़ों पर है। मतलौडा के अजमेर और अजय ने बताया कि वे बाजार में रेडीमेंट कपड़े लेने आए हैं।
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यहां जीएसटी में छूट नजर नहीं आ रही हैं। दुकानदार अपने हिसाब से रेट तय कर ले रहे हैं। बिल लेने पर जीएसटी का हिसाब बताया जाता है।
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पानीपत। जीएसटी की नई दर लागू कर दी हैं। बाजार में अब भी अधिकतर सामान पुराने रेट पर दिया जा रहा है। ऐसे में लोगों को रेट कम होने के बाद भी इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है। कराधान विभाग अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है। ऐसे में लोगों को हर्जाना भुगतना पड़ रहा है।
जीएसटी की नई दर सोमवार को लागू कर दी हैं। दैनिक प्रयोग में आने वाले सामान के साथ टेक्सटाइल के उत्पादों में काफी छूट मिली है। बाजार में पहले से प्रिंट किए रेट के आधार पर ही अधिकतर सामान दिया जा रहा है। दुकानदार बिल लेने पर जीएसटी नई दर लगाते हैं। नहीं हो उसी रेट पर सामान देते हैं। कपड़ों की खरीदारी में लोगों को किसी प्रकार की छूट नजर नहीं आती।
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दुकानदार अपने हिसाब से रेट तय कर रहे हैं और मोल भाव कर लोगों को सूट दे रहे हैं। इसी तरह गारमेंट के कपड़ों पर है। मतलौडा के अजमेर और अजय ने बताया कि वे बाजार में रेडीमेंट कपड़े लेने आए हैं।
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यहां जीएसटी में छूट नजर नहीं आ रही हैं। दुकानदार अपने हिसाब से रेट तय कर ले रहे हैं। बिल लेने पर जीएसटी का हिसाब बताया जाता है।