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Panipat News: हैंडबॉल में अपनी पहचान बना रही अहर गांव की नेहा
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नेहा।
पानीपत। जिले के अहर गांव की नेहा हैंडबॉल खेल में अपनी पहचान बना रही हैं। अपनी मेहनत और लगन से नेहा हैंडबॉल में राष्ट्रीय स्तर तक पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने जिला स्तर पर आठ स्वर्ण और दो रजत पदक अपने नाम किए हैं। राज्य स्तर पर एक स्वर्ण और राष्ट्रीय स्तर पर दो कांस्य पदक हासिल किए हैं, इसके साथ ही नवंबर में गुरुग्राम में आयोजित हरियाणा ओलिंपिक में रजत पदक अपने नाम किया। वे तीन बार इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं। तीनों बार रजत पदक जीता है।
नेहा के पिता ईशम सिंह खेती करते हैं और मां सीमा देवी गृहिणी हैं। माता-पिता ने बेटी की खेल में रुचि, मेहनत और सफलताओं को देखते हुए हमेशा उनका समर्थन किया। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद माता-पिता ने नेहा को खेल की हर संभव सहयोग दे रहे हैं। नेहा पानीपत के आर्य पीजी कॉलेज से एमए की पढ़ाई कर रही हैं। नेहा पिछले तीन वर्ष से कोच शीतल की देखरेख में हैंडबॉल का प्रशिक्षण ले रही हैं। कोच शीतल ने बताया कि नेहा में शुरू से ही खेल के लिए गंभीर रही हैं। वे अभ्यास को पूरा समय देती हैं।
नेहा ने बताया कि गांव की बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए परिवार का सहयोग जरूरी है। हैंडबॉल के इस सफर में मेरी कोच और परिवार का साथ हमेशा मेरे साथ रहा है। माता-पिता ने कभी भी किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी। कोच ने हमेशा ही अच्छे मार्गदर्शन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उनको देश के लिए खेलना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा फहराना है।
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नेहा के पिता ईशम सिंह खेती करते हैं और मां सीमा देवी गृहिणी हैं। माता-पिता ने बेटी की खेल में रुचि, मेहनत और सफलताओं को देखते हुए हमेशा उनका समर्थन किया। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद माता-पिता ने नेहा को खेल की हर संभव सहयोग दे रहे हैं। नेहा पानीपत के आर्य पीजी कॉलेज से एमए की पढ़ाई कर रही हैं। नेहा पिछले तीन वर्ष से कोच शीतल की देखरेख में हैंडबॉल का प्रशिक्षण ले रही हैं। कोच शीतल ने बताया कि नेहा में शुरू से ही खेल के लिए गंभीर रही हैं। वे अभ्यास को पूरा समय देती हैं।
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नेहा ने बताया कि गांव की बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए परिवार का सहयोग जरूरी है। हैंडबॉल के इस सफर में मेरी कोच और परिवार का साथ हमेशा मेरे साथ रहा है। माता-पिता ने कभी भी किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी। कोच ने हमेशा ही अच्छे मार्गदर्शन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उनको देश के लिए खेलना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा फहराना है।
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