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Panipat News: नीरज को चार साल से ग्रोइन इंजरी, स्वर्ण पदक में भी बनी बाधक
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पानीपत। ओलंपिक में लगातार दूसरी बार पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले नीरज चोपड़ा पिछले करीब चार साल से ग्रोइन इंजरी से ग्रस्त हैं। उनकी जांघ में यह इंजरी कई बार परेशानी खड़ी कर चुकी है। शायद यही कारण रहा कि नीरज चोपड़ा पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक से चूक गए और एक ही थ्रो ठीक से कर पाए। बाकी थ्रो में ग्रोइन इंजरी के कारण बार-बार लड़खड़ा गए। इसके चलते नीरज चोपड़ा कई बार फाउल भी हुए। परिजनों ने पेरिस से आने के बाद उनका नियमित इलाज कराने की बात कही है।
पानीपत के खंडरा गांव के लाडले नीरज चोपड़ा ने पेरिस ओलंपिक में 89.45 मीटर भाला फेंककर रजत पदक जीता। इससे पहले परिजनों और ग्रामीणों को स्वर्ण पदक का भरोसा था। नीरज ने भी क्वालीफाइंग राउंड में बेहतरीन प्रदर्शन कर इसे मजबूत भी किया था, लेकिन शुक्रवार की रात हुए फाइनल मुकाबले में देशवासियों को चांदी से ही संतोष करना पड़ा। मुकाबले के बाद नीरज के चाचा भीम चोपड़ा ने रात को ही फोन पर बात की। इसमें नीरज ने उनको बताया कि ग्रोइन इंंजरी के चलते दर्द बढ़ गया है। भीम चोपड़ा ने बताया कि नीरज को करीब चार साल से ग्रोइन इंजरी है। यह ज्यादा मेहनत करने से और बढ़ जाती है। इसका स्थायी इलाज भी नहीं है। उन्होंने बताया कि नीरज ने चाइना में आयोजित एशियाई खेलों के बाद आराम भी नहीं किया है। वे इसके 10-15 दिन बाद ही घर से पेरिस ओलंपिक की तैयारी के लिए विदेश चले गए थे। यहां लगातार अभ्यास किया, जबकि ग्रोइन इंजरी में आराम सबसे जरूरी है। उन्होंने बताया कि अब पेरिस से आने के बाद इसका इलाज कराया जाएगा।
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पिता बोले - इंजरी के बारे में किया है जिक्र
नीरज लगातार मेहनत कर देश को मेडल दिला रहे हैं। उन्होंने पहले भी एक वीडियो में ग्रोइन इंजरी के बारे में बताया है। अब वे इसका इलाज कराएंगे। नीरज के आने पर उनका स्वागत किया जाएगा। देश के लिए चांदी जीतने की खुशी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी चूरमा खिलाएंगे। नीरज की मां सरोज देवी ने बताया कि स्वर्ण और रजत में कोई अंतर नहीं है। बेटे के पदक लाने की खुशी है।
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वापस लौटने पर नीरज की शादी पर भी करेंगे चरचा : सरोज देवी
नीरज की मां सरोज देवी का कहना है कि नीरज के वापस लौटने पर उसकी शादी के संबंध में चरचा करेंगे। उसकी सहमति के बाद ही इस दिशा में सोचा जाएगा। परिवार उनकी शादी करने के लिए तैयार है, लेकिन नीरज अभी लगातार खेलना चाहते हैं।
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लगातार अभ्यास और अधिक जोर लगाने से होती है ग्रोइन इंंजरी : डॉ. अजय
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव एवं सेक्टर-18 स्थित होप अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अजय जागलान ने बताया कि ग्रोइन इंजरी जांघ के अंदर होती है। कई खिलाड़ियाें में इस तरह की इंजरी मिलती है। यह लगातार अभ्यास करने या फिर खेल के दौरान एक साथ अधिक जोर लगाने पर होती है। हल्की इंजरी होने पर फिजियोथेरेपी से इलाज किया जा सकता है, जबकि अधिक समस्या बढ़ने पर ऑपरेशन किया जा सकता है।
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पानीपत के खंडरा गांव के लाडले नीरज चोपड़ा ने पेरिस ओलंपिक में 89.45 मीटर भाला फेंककर रजत पदक जीता। इससे पहले परिजनों और ग्रामीणों को स्वर्ण पदक का भरोसा था। नीरज ने भी क्वालीफाइंग राउंड में बेहतरीन प्रदर्शन कर इसे मजबूत भी किया था, लेकिन शुक्रवार की रात हुए फाइनल मुकाबले में देशवासियों को चांदी से ही संतोष करना पड़ा। मुकाबले के बाद नीरज के चाचा भीम चोपड़ा ने रात को ही फोन पर बात की। इसमें नीरज ने उनको बताया कि ग्रोइन इंंजरी के चलते दर्द बढ़ गया है। भीम चोपड़ा ने बताया कि नीरज को करीब चार साल से ग्रोइन इंजरी है। यह ज्यादा मेहनत करने से और बढ़ जाती है। इसका स्थायी इलाज भी नहीं है। उन्होंने बताया कि नीरज ने चाइना में आयोजित एशियाई खेलों के बाद आराम भी नहीं किया है। वे इसके 10-15 दिन बाद ही घर से पेरिस ओलंपिक की तैयारी के लिए विदेश चले गए थे। यहां लगातार अभ्यास किया, जबकि ग्रोइन इंजरी में आराम सबसे जरूरी है। उन्होंने बताया कि अब पेरिस से आने के बाद इसका इलाज कराया जाएगा।
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पिता बोले - इंजरी के बारे में किया है जिक्र
नीरज लगातार मेहनत कर देश को मेडल दिला रहे हैं। उन्होंने पहले भी एक वीडियो में ग्रोइन इंजरी के बारे में बताया है। अब वे इसका इलाज कराएंगे। नीरज के आने पर उनका स्वागत किया जाएगा। देश के लिए चांदी जीतने की खुशी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी चूरमा खिलाएंगे। नीरज की मां सरोज देवी ने बताया कि स्वर्ण और रजत में कोई अंतर नहीं है। बेटे के पदक लाने की खुशी है।
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वापस लौटने पर नीरज की शादी पर भी करेंगे चरचा : सरोज देवी
नीरज की मां सरोज देवी का कहना है कि नीरज के वापस लौटने पर उसकी शादी के संबंध में चरचा करेंगे। उसकी सहमति के बाद ही इस दिशा में सोचा जाएगा। परिवार उनकी शादी करने के लिए तैयार है, लेकिन नीरज अभी लगातार खेलना चाहते हैं।
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लगातार अभ्यास और अधिक जोर लगाने से होती है ग्रोइन इंंजरी : डॉ. अजय
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव एवं सेक्टर-18 स्थित होप अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अजय जागलान ने बताया कि ग्रोइन इंजरी जांघ के अंदर होती है। कई खिलाड़ियाें में इस तरह की इंजरी मिलती है। यह लगातार अभ्यास करने या फिर खेल के दौरान एक साथ अधिक जोर लगाने पर होती है। हल्की इंजरी होने पर फिजियोथेरेपी से इलाज किया जा सकता है, जबकि अधिक समस्या बढ़ने पर ऑपरेशन किया जा सकता है।