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Panipat News: नाम का नशा मुक्ति केंद्र, यहां दाखिल रहते हैं डेंगू व अन्य बीमारियों से ग्रस्त मरीज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Nov 2024 02:35 AM IST
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Name of drug de-addiction center, dengue people are admitted here
पानीपत। शहर में कुछ युवा शौकियां तौर पर नशे का सेवन करते हैं। फिर वह धीरे धीरे इस दलदल में फंस जाते हैं। जो युवा नशा छोड़ नया जीवन जीना शुरू करना चाहते हैं, ऐसे लोगों पर शासन या प्रशासन का कोई खास ध्यान नहीं है। जिले में सरकारी नशा मुक्ति केंद्र नाम मात्र का ही है। यहां एक मनोरोग विशेषज्ञ को छोड़ दें तो नशा मुक्ति केंद्र के लिए न तो कोई काउंसलर है और न ही नर्सिंग ऑफिसर।
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जिला नागरिक अस्पताल के चौथे तल पर एक कमरे में छह बेड लगाकर उसे नशा मुक्ति केंद्र का नाम दिया गया है। इसमें आमतौर पर डेंगू या अन्य बीमारियों से ग्रस्त मरीज दाखिल होते हैं। पिछले दो माह से यहां एक भी नशे का आदती युवा भर्ती नहीं हुआ है। एक साल में यहां महज 44 रोगी ही भर्ती हुए हैं। 42 करोड़ की लागत से बनी जिला नागरिक अस्पताल की बिल्डिंग में नशा मुक्ति केंद्र के लिए जगह ही नहीं है। चौथे तल पर औपचारिकता पूरी करने के लिए बने वार्ड में फिलहाल तीन बुखार से ग्रस्त मरीज दाखिल हैं। यहां न तो कोई काउंसलर है और न ही नर्सिंग ऑफिसर। अगर किसी नशे के आदती युवा को यहां दाखिल किया जाता है तो वह अपनी मर्जी से उठकर बाहर जा सकता है। उनको रोकने के लिए यहां सुरक्षाकर्मी तक नहीं है।
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नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों के लिए खाने व मनोरंजन की व्यवस्था होती है। मरीजों के लिए टीवी, वीडियो गेम ,कैरमबोर्ड जैसे व्यवस्था होनी चाहिए लेकिन यहां उपरोक्त वस्तुएं उपलब्ध नहीं है।
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यह तीन निजी नशा मुक्ति केंद्र
असंध रोड स्थित डॉ. गौरव, गोहाना रोड स्थित डॉ. डीके व डॉ. वरुण अरोड़ा की ओर से नशा मुक्ति केंद्र संचालित हैं। आरटीओस अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र खुलने की प्रक्रिया चल रही है।


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सिर्फ होती है ओपीडी

जिला नागरिक अस्पताल में एक मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोना नागपाल हैं। यहां वह स्टाफ व वार्ड में सुविधाओं की कमी के कारण नशा रोगियों को दाखिल नहीं करतीं। इस साल अब तक नशा रोगियों की 1172 ओपीडी हुई है। इनमें सबसे ज्यादा 598 एल्कोहलिक थे। 62 अफीम, 60 हेरोइन, तीन कोकीन, 135 तंबाकू, तीन इंजेक्शन व 355 अन्य प्रकार के नशे के आदती थे।

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एम्स की मदद से खुलेगा नशा मुक्ति

अब जिला नागरिक अस्पताल एम्स की मदद से नशा मुक्ति केंद्र खोलने की प्रक्रिया चल रही है। एम्स के अधिकारियों से बैठक हो चुकी है। एम्स यहां पर डॉक्टरों व काउंसलर की भर्ती भी कर रहा है। दिसंबर में यहां नशा मुक्ति केंद्र शुरू हो सकता है। इसके लिए लाइसेंस भी अप्लाई किया गया है।



वर्जन-
जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल में जल्द नया नशा मुक्ति केंद्र शुरू हो रहा है। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। एम्स के डॉक्टरों की इसमें मदद ली जा रही है। काउंसलर की भर्ती की जा रही है। यहां मरीजों के लिए तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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