फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   My last wish is Yashpal make a film on my book...

मेरी आखिरी इच्छा है, मेरी किताब पर फिल्म बना दो यशपाल...

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Apr 2022 02:24 AM IST
विज्ञापन
My last wish is Yashpal make a film on my book...
पानीपत। यशपाल शर्मा। - फोटो : Panipat
पानीपत। ‘मेरी आखिरी इच्छा है, मेरी किताब पर फिल्म बना दो यशपाल...।’ यह बात हास्य अभिनेता दरियाव सिंह मलिक ने बॉलीवुड अभिनेता यशपाल शर्मा से की थी। उन्होंने यशपाल शर्मा से उनकी किताब पर फिल्म बनाने के लिए कहा था। यह उनका आखिरी सपना था, जो पूरा नहीं हो सका। वह चाहते थे कि किताब पर बनी फिल्म का मुख्य किरदार यशपाल शर्मा ही निभाएं। एक्टर यशपाल शर्मा ने दरियाव सिंह मलिक के निधन पर कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि आखिरी सपना पूरा नहीं कर पाए।
विज्ञापन

जिस भी महफिल में ‘चंद्रावल’ फिल्म में मुख्य कलाकार दरियाव सिंह मलिक बैठते थे, हंसी के फव्वारे छूटते थे। जिले के रंगमंच कलाकारों का कहना है कि दरियाव सिंह मलिक के निधन से न केवल हरियाणा फिल्म जगत पर बल्कि पूरे राष्ट्रीय फिल्म जगत पर गहरा असर पड़ा है। फिल्म ‘चंद्रावल’ अपने आप में एक युग था, जिसकी मिसाल रंगमंच कलाकारों को आज भी दी जाती है। प्रोफेसर डॉ. रामनिवास का कहना है कि सरकारी दफ्तर में काम करने वाला इंसान बिना किसी ट्रेनिंग के इतनी अच्छी एक्टिंग करता था कि उनको राष्ट्रपति ने भी सम्मानित किया।
विज्ञापन

बोले कलाकार-
सोचा ही नहीं था कि दरियाव सिंह मलिक इतनी जल्दी छोड़कर चले जाएंगे। उनसे मिलकर प्रोत्साहित होता था। आखिरी मुलाकात 25 दिसंबर को हुई थी। वह बुजुर्ग बेशक से हो गए थे, लेकिन हमेशा ही हंसी-मजाक करते थे। उनका स्वभाव बिल्कुल बच्चों की तरह था। हर सप्ताह कॉल करते थे। फिल्म न बन पाने का अफसोस है। मैंने कई बार विभिन्न फिल्म निदेशकों से फिल्म बनाने की बात की थी। वह दो से तीन बार मंच से बोल चुके थे, यशपाल तुझसे बड़ी उम्मीदें हैं, मेरी फिल्म तू ही बनाएगा। - यशपाल शर्मा, अभिनेता
विज्ञापन
विज्ञापन

82 साल की उम्र में भी 21 साल के युवा जैसी सोच थी
82 साल के दरियाव सिंह मलिक की 21 साल के युवा जैसी सोच थी। वह हमेशा फिल्म जगत को लेकर नए आइडिया बताते थे। वह किसी महफिल में बैठ जाते थे तो कभी भी बुजुर्गों जैसी बातें नहीं करते थे वह युवाओं की तरह मजाक करते रहते थे। काफी समय उनके साथ गुजरा। उनके जैसी एक्टिंग करने वाला कलाकार आजतक हरियाणा में पैदा नहीं हुआ है और न ही शायद कभी हो पाएगा। उस समय संसाधनों की कमी के होते हुए भी अच्छा किरदार निभाया। वह युवाओं से कहते थे कि संस्कृति को कभी मत भूलना। - डॉ. रामनिवास, प्रोफेसर व एचओडी रंगमंच आर्य कॉलेज
दरियाव सिंह मलिक ने अपनी एक्टिंग से हरियाणा फिल्म जगत का इतिहास बदल दिया। ‘चंद्रावल’ पहली फिल्म थी जिसने विदेश तक हरियाणवी भाषा और फिल्म जगत को अलग पहचान दिलवाई थी। उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता है। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। - विकास कुमार, गायक

‘चंद्रावल’ फिल्म देखना हर हरियाणवीं का सपना था। वह फिल्म केवल दरियाव सिंह मलिक की एक्टिंग के लिए देखी जाती थी। उन्होंने अपनी फिल्म से सबको लोटपोट कर दिया था। जिसके ऊपर आज तक गाने आ रहे है। वह हरियाणा फिल्म जगत में खुद एक धरोहर थे। अब हमें उनकी यादों को संभाल कर रखना है। - विशाल भौरिया, हरियाणवीं फिल्म कलाकार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed