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Panipat News: नगर निगम ने दस साल में रोड, पार्क, सीवर और लाइटों पर खर्च किए 357 करोड़
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पानीपत। नगर निगम अधिकारियों ने पिछले नौ साल में शहर की सड़कों, पार्क, सीवर और स्ट्रीट लाइटों के काम पर पर करीब 357.55 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं। जिसमें अकेले शहर की सड़कों, गलियों की मरम्मतों पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। जबकि आज भी शहर की सड़कों के हालात खस्ता हैं। शहर की ऐसी कोई भी सड़क नहीं है जिसमें गड्ढ़े न हों। नई नई सड़कें भी टूट रही हैं। जबकि अगर शहर के पार्कों के निर्माण से लेकर रखरखाव की बात की जाए तो इस पर भी करीब 54 करोड़ खर्च हुए हैं। जबकि पार्कों के हालात भी दयनीय हैं। कई पार्क तो बिल्कुल उजड़े पड़े हैं। जिनमें कुर्सी, झूले, लाइटें तो दूर पार्क के नाम की घास तक भी नहीं है।
इसके अलावा शहर के सीवरेज सिस्टम पर 98 करोड़ खर्च गए हैं। जबकि शहर के बदहाल सीवरेज सिस्टम से पूरे शहर के लोग वाकिफ हैं। विशेष तौर पर कच्चा कैंप एरिया, तहसील कैंप एरिया की 20 से ज्यादा कॉलोनी सीवरेज सिस्टम की समस्या से जूझ रही हैं। इसके अलावा स्ट्रीट लाइटों पर भी निगम करीब 4.76 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। जबकि आज भी शहर मेें ज्यादातर स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। गौरतलब है कि इनके अलावा वर्ष 2023- 2024 में भी निगम ने ऐसे ही विकास कार्याें पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं और आगामी वित्तीय वर्ष में करोड़ों रुपये के खर्च की योजना बनाई है।
इस खर्च से संबंधित जानकारी भारतीय क्रांतिकारी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलबाग देशवाल ने निगम से आरटीआई के माध्यम से ली है। जिसमें उन्होंने एक मई 2014 से लेकर एक मई 2023 तक इन मदों पर खर्च किए गए बजट की जानकारी ली है। उनका आरोप है कि निगम ने ये जानकारी देने में भी कई माह का समय लगा दिया। बावजूद अब ये जानकारी उनको मिली है और ये जानकारी भी आधी अधूरी है। उन्होंने निगम अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और शहर के लोगों से जागरूक होने की अपील की है। उनका आरोप है कि आखिर सैकड़ों करोड़ का बजट निगम ने कहां खर्च किया है। आज भी सैकड़ों करोड़ रुपये की सड़कें, पार्क आदि खस्ताहाल हैं। मरम्मत व रखरखाव के नाम पर शहर की जनता के खून पसीने की गाढी कमाई को निगम अधिकारी मिलीभगत से चट कर गए हैं। उन्होंने इसकी शिकायत सीएम को भी सोशल मीडिया के माध्यम से भेजी है और सरकार से निगम के इस बजट की जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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इस पर निगम एक्सईएन प्रदीप कल्याण का कहना है कि पिछले नौ-दस साल में निगम क्षेत्र का विस्तार भी हुआ है। प्रतिवर्ष की बात करें तो हर वर्ष 30 से 35 करोड़ ओवरऑल विकास पर खर्च हो ही जाते हैं। शहर की कुल सड़कों व गलियों आदि की बात करें तो इनकी लंबाई करीब एक हजार किलोमीटर बनती है।
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इसके अलावा शहर के सीवरेज सिस्टम पर 98 करोड़ खर्च गए हैं। जबकि शहर के बदहाल सीवरेज सिस्टम से पूरे शहर के लोग वाकिफ हैं। विशेष तौर पर कच्चा कैंप एरिया, तहसील कैंप एरिया की 20 से ज्यादा कॉलोनी सीवरेज सिस्टम की समस्या से जूझ रही हैं। इसके अलावा स्ट्रीट लाइटों पर भी निगम करीब 4.76 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। जबकि आज भी शहर मेें ज्यादातर स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। गौरतलब है कि इनके अलावा वर्ष 2023- 2024 में भी निगम ने ऐसे ही विकास कार्याें पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं और आगामी वित्तीय वर्ष में करोड़ों रुपये के खर्च की योजना बनाई है।
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इस खर्च से संबंधित जानकारी भारतीय क्रांतिकारी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलबाग देशवाल ने निगम से आरटीआई के माध्यम से ली है। जिसमें उन्होंने एक मई 2014 से लेकर एक मई 2023 तक इन मदों पर खर्च किए गए बजट की जानकारी ली है। उनका आरोप है कि निगम ने ये जानकारी देने में भी कई माह का समय लगा दिया। बावजूद अब ये जानकारी उनको मिली है और ये जानकारी भी आधी अधूरी है। उन्होंने निगम अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और शहर के लोगों से जागरूक होने की अपील की है। उनका आरोप है कि आखिर सैकड़ों करोड़ का बजट निगम ने कहां खर्च किया है। आज भी सैकड़ों करोड़ रुपये की सड़कें, पार्क आदि खस्ताहाल हैं। मरम्मत व रखरखाव के नाम पर शहर की जनता के खून पसीने की गाढी कमाई को निगम अधिकारी मिलीभगत से चट कर गए हैं। उन्होंने इसकी शिकायत सीएम को भी सोशल मीडिया के माध्यम से भेजी है और सरकार से निगम के इस बजट की जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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इस पर निगम एक्सईएन प्रदीप कल्याण का कहना है कि पिछले नौ-दस साल में निगम क्षेत्र का विस्तार भी हुआ है। प्रतिवर्ष की बात करें तो हर वर्ष 30 से 35 करोड़ ओवरऑल विकास पर खर्च हो ही जाते हैं। शहर की कुल सड़कों व गलियों आदि की बात करें तो इनकी लंबाई करीब एक हजार किलोमीटर बनती है।