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Panipat News: मां ने बढ़ाया हौसला, अमित राठी बने सहायक आयुक्त
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पानीपत। संघ लोक सेवा आयोग ने ईपीएफओ में सहायक भविष्य निधि आयुक्त के 159 पदों के लिए हुई परीक्षा का परिणाम सोमवार शाम को जारी कर दिए। इनमें पानीपत की शुगर मिल कॉलोनी निवासी अंकित राठी ने यूपीएससी ईपीएफओ में 50 वां रैंक हासिल किया। मंगलवार को दिन भर उनको बधाइयां देने वालों का तांता लगा रहा। माता-पिता ने बेटे को मिठाई खिलाकर उसका मुंह मीठा कराया।
27 वर्षीय अंकित राठी ने कहा कि यह उसका पहला ही प्रयास था। उसे अच्छे परिणाम की उम्मीद तो जरूर थी, लेकिन इतना बेहतर परिणाम अप्रत्याशित था।आईएएस परीक्षा के लिए मैंने जो तैयारी की थी, उस अनुभव ने उसे इस परीक्षा में मदद की। इस परीक्षा के लिए उसने कड़ी मेहनत की ताकि देश के विकास में योगदान दे सकूं। परीक्षा के पहले चरण में सब्जेटिव एग्जाम था, उसके बाद इंटरव्यू था। उसे दो साल की मेहनत का अच्छा परिणाम मिला है। इसके सफलता के पीछे उसके माता-पिता का बड़ा हाथ है। उन्होंने हमेशा उसे प्रोत्साहित किया है। वह 2019 से यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। वह चार बार प्री एग्जाम पास कर चुके हैं लेकिन हर बार मेंन्स में असफल होते रहे। 2022 में आए परिणाम में फिर असफल होने पर उनका मनोबल टूट गया था। वह बहुत परेशान हुआ। उसने अपनी परेशानी मां नीना राठी को बताई। मां ने कहा कि बेटा हिम्मत नहीं हारते। परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। इसके बाद उसको उनकी बात से उत्साह मिला। मां नीना राठी ने बताया कि वह बेटे अंकित की पढ़ाई के बारे में अपने सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल भाई सतीश से बात करती थी। सतीश हमेशा अंकित का हौसला बढ़ाते थे। अंकित के पिता सुरेंद्र राठी शुगर मिल पानीपत में अकाउंटेंट हैं। मां नीना राठी मार्केट कमेटी में कार्यरत हैं। बड़ा भाई अक्षित राठी कनाडा की एक कंपनी में एसोसिएट हैं।
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27 वर्षीय अंकित राठी ने कहा कि यह उसका पहला ही प्रयास था। उसे अच्छे परिणाम की उम्मीद तो जरूर थी, लेकिन इतना बेहतर परिणाम अप्रत्याशित था।आईएएस परीक्षा के लिए मैंने जो तैयारी की थी, उस अनुभव ने उसे इस परीक्षा में मदद की। इस परीक्षा के लिए उसने कड़ी मेहनत की ताकि देश के विकास में योगदान दे सकूं। परीक्षा के पहले चरण में सब्जेटिव एग्जाम था, उसके बाद इंटरव्यू था। उसे दो साल की मेहनत का अच्छा परिणाम मिला है। इसके सफलता के पीछे उसके माता-पिता का बड़ा हाथ है। उन्होंने हमेशा उसे प्रोत्साहित किया है। वह 2019 से यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। वह चार बार प्री एग्जाम पास कर चुके हैं लेकिन हर बार मेंन्स में असफल होते रहे। 2022 में आए परिणाम में फिर असफल होने पर उनका मनोबल टूट गया था। वह बहुत परेशान हुआ। उसने अपनी परेशानी मां नीना राठी को बताई। मां ने कहा कि बेटा हिम्मत नहीं हारते। परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। इसके बाद उसको उनकी बात से उत्साह मिला। मां नीना राठी ने बताया कि वह बेटे अंकित की पढ़ाई के बारे में अपने सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल भाई सतीश से बात करती थी। सतीश हमेशा अंकित का हौसला बढ़ाते थे। अंकित के पिता सुरेंद्र राठी शुगर मिल पानीपत में अकाउंटेंट हैं। मां नीना राठी मार्केट कमेटी में कार्यरत हैं। बड़ा भाई अक्षित राठी कनाडा की एक कंपनी में एसोसिएट हैं।
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