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अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला पानीपत
Updated Thu, 27 Aug 2015 11:51 PM IST
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सिविल अस्पताल में बच्ची के जन्म के तुरंत बाद जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। परिजनों ने दोनों की मौत पर रोष प्रकट किया।
चिकित्सा अधिकारियों ने भी महिला और नवजात बच्ची की मौत होने की बात तो मानी है। लेकिन इस मामले की शिकायत न मिलने की बात कही है।
सिविल अस्पताल में मां और नवजात बच्ची की मौत होने का मामला वीरवार तड़के का है। ददलाना निवासी रितु और उसी नवजात बच्ची की तड़के करीब तीन बजे मौत हो गई। परिवार में दोनों की मौत होते ही मातम छा गया और परिवार के लोग सिविल अस्पताल पहुंचे।
ददलाना निवासी परिजनों ने बताया कि राजेंद्र की पत्नी रितु को बीती देर रात करीब 11 बजे डिलीवरी के लिए सिविल अस्पताल लेकर आए थे। वह उस वक्त तक ठीक थी। वीरवार तड़के करीब ढाई बजे रितु ने बच्ची को जन्म दिया। रितु ने बच्ची के जन्म देने के कुछ देर बाद ही दम तोड़ दिया और उसके बाद बच्ची की भी मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि यह रितु की पहली डिलीवरी थी और वे परिवार में खुशियां आने की आस लगाए बैठे थे। परिजन दोनों के शवों को पोस्टमार्टम कराए बिना ही ले गए।
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सिविल अस्पताल में वीरवार को लगातार दूसरे दिन मरीज की मौत हो गई। ऐसे में अस्पताल में इलाज पर फिर से अंगुली उठने लगी है।
इससे पहले भी अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लग चुके हैं। बुधवार को ही पप्पू कॉलोनी निवासी जसवंत की तीन वर्षीय लड़की लक्ष्मी की एंबुलेंस न मिलने पर मौत हो गई थी। परिजन लक्ष्मी को डायरिया का इलाज कराने को सिविल अस्पताल में लेकर गए थे।
लेबर वार्ड में एक महिला और उसकी नवजात बच्ची की मौत होने की जानकारी मिली थी। उनके पास परिजनों की कोई शिकायत नहीं आई और न ही शवों का पोस्टमार्टम कराया। इसकी कोई शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
एसके गुप्ता, एमएस, सिविल अस्पताल पानीपत
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चिकित्सा अधिकारियों ने भी महिला और नवजात बच्ची की मौत होने की बात तो मानी है। लेकिन इस मामले की शिकायत न मिलने की बात कही है।
सिविल अस्पताल में मां और नवजात बच्ची की मौत होने का मामला वीरवार तड़के का है। ददलाना निवासी रितु और उसी नवजात बच्ची की तड़के करीब तीन बजे मौत हो गई। परिवार में दोनों की मौत होते ही मातम छा गया और परिवार के लोग सिविल अस्पताल पहुंचे।
ददलाना निवासी परिजनों ने बताया कि राजेंद्र की पत्नी रितु को बीती देर रात करीब 11 बजे डिलीवरी के लिए सिविल अस्पताल लेकर आए थे। वह उस वक्त तक ठीक थी। वीरवार तड़के करीब ढाई बजे रितु ने बच्ची को जन्म दिया। रितु ने बच्ची के जन्म देने के कुछ देर बाद ही दम तोड़ दिया और उसके बाद बच्ची की भी मौत हो गई।
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परिजनों ने बताया कि यह रितु की पहली डिलीवरी थी और वे परिवार में खुशियां आने की आस लगाए बैठे थे। परिजन दोनों के शवों को पोस्टमार्टम कराए बिना ही ले गए।
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सिविल अस्पताल में वीरवार को लगातार दूसरे दिन मरीज की मौत हो गई। ऐसे में अस्पताल में इलाज पर फिर से अंगुली उठने लगी है।
इससे पहले भी अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लग चुके हैं। बुधवार को ही पप्पू कॉलोनी निवासी जसवंत की तीन वर्षीय लड़की लक्ष्मी की एंबुलेंस न मिलने पर मौत हो गई थी। परिजन लक्ष्मी को डायरिया का इलाज कराने को सिविल अस्पताल में लेकर गए थे।
लेबर वार्ड में एक महिला और उसकी नवजात बच्ची की मौत होने की जानकारी मिली थी। उनके पास परिजनों की कोई शिकायत नहीं आई और न ही शवों का पोस्टमार्टम कराया। इसकी कोई शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
एसके गुप्ता, एमएस, सिविल अस्पताल पानीपत