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Panipat News: डाकिया बेटे की मौत की सूचना पर मां की भी सदमे में गई जान
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इसराना। जौंधन कलां गांव में डाकिया बेटे की मौत की सूचना के बाद मां की भी सदमे में मौत हो गई। परिजनों ने दोनों का संस्कार एक ही चिता में किया। बेटे यश (22) की उत्तराखंड में मंगलवार को मौत हो गई थी।
वह बनार स्थित पोस्ट ऑफिस से श्यामा गांव जाते समय रास्ते में भालू के दिखने पर साइकिल से नियंत्रण खोने के कारण खाई में गिर गया था। उनकी मंगलवार को अस्पताल में मौत हो गई थी। परिवार में दोनों की मौत के बाद मातम पसरा हुआ है।
जौंधन कलां गांव के नरेश कुमार ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करता है। उसके पास दो लड़की और एक लड़का है। उनका बेटा यश (22) 12वीं कक्षा तक पढ़ा है। उसकी नौ महीने पहले डाक विभाग में उत्तराखंड में बतौर पोस्टमैन नौकरी लगी थी। उनको उम्मीद थी कि उसका बेटा उनके बुढ़ापे का सहारा बनेगा। वह अब बनार स्थित पोस्ट ऑफिस में तैनात था। यश मंगलवार को डाक लेकर साइकिल पर ही श्यामा गांव जा रहा था।
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इसी दौरान रास्ते में भालू आ गया। वह उससे बचने का प्रयास किया तो साइकिल अनियंत्रित हो गया और वह नीचे गहरी खाई में गिर गया। उसको एक अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां उसकी मंगलवार को मौत हो गई। उन्होंने उनका पोस्टमार्टम कराया। वे उसको लेकर आ रहे थे। इसी बीच बुधवार की शाम को उनकी मां नीलम (45) की सदमे के चलते मौत हो गई। मां-बेटे की मौत के बाद परिवार में भी मातम पसर गया है।
वीरवार को दोनों के शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। पिता नरेश की आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं। उन्होंने बताया कि पत्नी और बेटे की मौत के बाद उसका सारी खुशियां उजड़ गईं।
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वह बनार स्थित पोस्ट ऑफिस से श्यामा गांव जाते समय रास्ते में भालू के दिखने पर साइकिल से नियंत्रण खोने के कारण खाई में गिर गया था। उनकी मंगलवार को अस्पताल में मौत हो गई थी। परिवार में दोनों की मौत के बाद मातम पसरा हुआ है।
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जौंधन कलां गांव के नरेश कुमार ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करता है। उसके पास दो लड़की और एक लड़का है। उनका बेटा यश (22) 12वीं कक्षा तक पढ़ा है। उसकी नौ महीने पहले डाक विभाग में उत्तराखंड में बतौर पोस्टमैन नौकरी लगी थी। उनको उम्मीद थी कि उसका बेटा उनके बुढ़ापे का सहारा बनेगा। वह अब बनार स्थित पोस्ट ऑफिस में तैनात था। यश मंगलवार को डाक लेकर साइकिल पर ही श्यामा गांव जा रहा था।
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इसी दौरान रास्ते में भालू आ गया। वह उससे बचने का प्रयास किया तो साइकिल अनियंत्रित हो गया और वह नीचे गहरी खाई में गिर गया। उसको एक अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां उसकी मंगलवार को मौत हो गई। उन्होंने उनका पोस्टमार्टम कराया। वे उसको लेकर आ रहे थे। इसी बीच बुधवार की शाम को उनकी मां नीलम (45) की सदमे के चलते मौत हो गई। मां-बेटे की मौत के बाद परिवार में भी मातम पसर गया है।
वीरवार को दोनों के शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। पिता नरेश की आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं। उन्होंने बताया कि पत्नी और बेटे की मौत के बाद उसका सारी खुशियां उजड़ गईं।