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Panipat News: कुष्ठ रोग के झुग्गियों में सबसे अधिक केस
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पानीपत। जिले में कुष्ठ रोग खोज अभियान संपन्न हो चुका है। सोमवार को 14 दिन तक चले अभियान की रिपोर्ट सिविल सर्जन कार्यालय व मुख्यालय भेज दी गई है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की 400 टीमों ने 283144 घरों में दस्तक दी है। 1392306 लोगों की जांच की जा चुकी है। इनमें से कुष्ठ रोग के 20 कंफर्म रोगी मिले हैं। अभियान के दौरान 8090 संदिग्ध रोगी मिले हैं। इन्हें जांच के लिए जिला नागरिक अस्पताल में रेफर किया गया है। यहां इनकी जांच होगी। जिले में अब कुष्ठ रोग का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इसका बड़ा कारण जागरूकता का अभाव है। 14 दिन चले अभियान के दौरान सबसे अधिक कुष्ठ रोगी ईंट भट्ठों व झुग्गी झोपड़ियों में मिले हैं। यहां विशेष तौर पर लोगों को कुष्ठ रोग के खिलाफ जागरूक किया है। जिले में अब तक 12 लोग कुष्ठ रोग के कारण अपंग हो चुके हैं।
कुष्ठ रोग नसों, त्वचा, नाक की परत को करता है प्रभावित-
कुष्ठ रोग एक दीर्घकालिक, प्रगतिशील जीवाणु संक्रमण है जो माइकोबैक्टीरियम लेप्री जीवाणु के कारण होता है । यह मुख्य रूप से हाथ-पैर की नसों, त्वचा, नाक की परत और ऊपरी श्वसन पथ को प्रभावित करता है। कुष्ठ रोग को हेन्सन रोग के नाम से भी जाना जाता है। कुष्ठ रोग त्वचा पर अल्सर, तंत्रिका क्षति और मांसपेशियों में कमजोरी पैदा करता है। यदि इसका इलाज नहीं किया गया, तो यह गंभीर विकृति और महत्वपूर्ण विकलांगता का कारण बन सकता है।
वर्जन-
कुष्ठ रोग खोज अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. ललित वर्मा ने बताया कि अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग लगभग 400 टीमों का गठन किया गया है। ये दो सदस्यीय टीम होगी इसमें एक पुरुष व एक महिला कर्मचारी शामिल था।। जिले भर में घर घर जाकर सर्वे किया गया। कुष्ठ रोगियों को चिह्नित कर उनका नागरिक अस्पताल में इलाज किया गया। टीमों की निगरानी के लिए 165 सुपरवाइजर लगाए गए थे। जिले में अब कुष्ठ रोग के 85 मरीज हो गए हैं।
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कुष्ठ रोग नसों, त्वचा, नाक की परत को करता है प्रभावित-
कुष्ठ रोग एक दीर्घकालिक, प्रगतिशील जीवाणु संक्रमण है जो माइकोबैक्टीरियम लेप्री जीवाणु के कारण होता है । यह मुख्य रूप से हाथ-पैर की नसों, त्वचा, नाक की परत और ऊपरी श्वसन पथ को प्रभावित करता है। कुष्ठ रोग को हेन्सन रोग के नाम से भी जाना जाता है। कुष्ठ रोग त्वचा पर अल्सर, तंत्रिका क्षति और मांसपेशियों में कमजोरी पैदा करता है। यदि इसका इलाज नहीं किया गया, तो यह गंभीर विकृति और महत्वपूर्ण विकलांगता का कारण बन सकता है।
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वर्जन-
कुष्ठ रोग खोज अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. ललित वर्मा ने बताया कि अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग लगभग 400 टीमों का गठन किया गया है। ये दो सदस्यीय टीम होगी इसमें एक पुरुष व एक महिला कर्मचारी शामिल था।। जिले भर में घर घर जाकर सर्वे किया गया। कुष्ठ रोगियों को चिह्नित कर उनका नागरिक अस्पताल में इलाज किया गया। टीमों की निगरानी के लिए 165 सुपरवाइजर लगाए गए थे। जिले में अब कुष्ठ रोग के 85 मरीज हो गए हैं।
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