{"_id":"636c0baeb15e267b904b8dbb","slug":"more-than-three-hundred-pending-files-of-property-tax-level-2-people-s-uproar-panipat-news-knl1269918141","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रॉपर्टी टैक्स लेवल-2 की तीन सौ से अधिक फाइलें पेंडिंग, लोगों का हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रॉपर्टी टैक्स लेवल-2 की तीन सौ से अधिक फाइलें पेंडिंग, लोगों का हंगामा
विज्ञापन
पानीपत। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव को लेकर नगर निगम के सभी जूनियर इंजीनियरों की ड्यूटी ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम की रखवाली में लगी है। इससे प्रॉपर्टी टैक्स लेवल-2 की 300 से ज्यादा फाइलें लंबित हैं। इसे लेकर बुधवार को निगम के ताऊ देवी लाल कॉम्प्लेक्स में शहरवासियों और निगम जनप्रतिनिधियों ने हंगामा किया। इस पर आयुक्त ने लेवल-2 को तीन भागों में बांटकर तीन एक्सईएन और तीन जेई की ड्यूटी लगाई। बृहस्पतिवार से इन पर काम शुरू होगा।
जिन लोगों को तहसील कार्यालय से अपनी संपत्तियों की रजिस्टरी करवानी है और जिनकी फाइलें याशी सर्वे लागू होने के बाद गलत डाटा दिखा रही हैं, उनको तत्काल प्रभाव से इन प्रॉपर्टी आईडी और एनडीसी की जरूरत है तो ऐसे केस उप निगम आयुक्त देखेंगे।
वार्ड नंबर 18 की सतकरतार कॉलोनी निवासी गोपीचंद ने दो एनडीसी दिखाई। पुरानी सही थी और नई गलत। अब रजिस्टरी करवाने का नंबर आया तो ऑनलाइन रिकॉर्ड में ये गलत मिली, जिससे रजिस्टरी रुक गई। इसके पैसे भी निगम को भरे, अब चक्कर काट रहे हैं। न रजिस्टरी हो पा रही है, न समाधान निकल रहा है।
विज्ञापन
दूसरी ओर वार्ड पांच के न्यू रमेश नगर निवासी हरविंद्र सिंह ने भी दो एनडीसी दिखाई। बताया कि पहले निगम को शुल्क जमा करवाने के बाद उनकी एनडीसी सही थी। याशी से डाटा बदला तो एनडीसी का रिकॉर्ड भी बदल गया। उन्होंने रजिस्टरी के लिए बैंक से लोन ले लिया है, लेकिन उनकी एनडीसी की वजह से न उनकी रजिस्टरी हो पा रही है न चक्कर कम हो रहे हैं। दोनों ने बताया कि इसके लिए निगम के क्षेत्रीय कराधान अधिकारी से मिले, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
जिन लोगों को तहसील कार्यालय से अपनी संपत्तियों की रजिस्टरी करवानी है और जिनकी फाइलें याशी सर्वे लागू होने के बाद गलत डाटा दिखा रही हैं, उनको तत्काल प्रभाव से इन प्रॉपर्टी आईडी और एनडीसी की जरूरत है तो ऐसे केस उप निगम आयुक्त देखेंगे।
विज्ञापन
वार्ड नंबर 18 की सतकरतार कॉलोनी निवासी गोपीचंद ने दो एनडीसी दिखाई। पुरानी सही थी और नई गलत। अब रजिस्टरी करवाने का नंबर आया तो ऑनलाइन रिकॉर्ड में ये गलत मिली, जिससे रजिस्टरी रुक गई। इसके पैसे भी निगम को भरे, अब चक्कर काट रहे हैं। न रजिस्टरी हो पा रही है, न समाधान निकल रहा है।
विज्ञापन
दूसरी ओर वार्ड पांच के न्यू रमेश नगर निवासी हरविंद्र सिंह ने भी दो एनडीसी दिखाई। बताया कि पहले निगम को शुल्क जमा करवाने के बाद उनकी एनडीसी सही थी। याशी से डाटा बदला तो एनडीसी का रिकॉर्ड भी बदल गया। उन्होंने रजिस्टरी के लिए बैंक से लोन ले लिया है, लेकिन उनकी एनडीसी की वजह से न उनकी रजिस्टरी हो पा रही है न चक्कर कम हो रहे हैं। दोनों ने बताया कि इसके लिए निगम के क्षेत्रीय कराधान अधिकारी से मिले, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।