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महापंचायत के लिए 25 हजार से ज्यादा किसान पहुंचे मुजफ्फरनगर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Sep 2021 01:53 AM IST
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More than 25 thousand farmers reached Muzaffarnagar for Mahapanchayat
तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर रविवार को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में महापंचायत हुई। जिसमें भाग लेने के लिए पानीपत से करीब 25 हजार किसानों के पहुंचने का किसान संगठनों ने दावा किया। किसान संगठनों के प्रधान शनिवार की दोपहर ही मुजफ्फरनगर पहुंच गए थे, वहीं जिले के गांवों से रविवार की सुबह पांच बजे महिलाएं और पुरुष रवाना हुए। महापंचायत खत्म होने के बाद दोपहर तीन बजे से जिले में वापसी भी शुरू हो गई।
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भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के प्रधान सुधीर जाखड़ और भारतीय किसान यूनियन मान गुट के प्रधान सोनू मालपुरिया एक दिन पहले ही मुजफ्फरनगर पहुंच गए थे। शनिवार की दोपहर से ही किसानों ने महापंचायत के लिए जाना शुरू कर दिया था। बड़ी संख्या में किसानों की रवानगी रविवार की सुबह पांच बजे से शुरू हुई। रविवार दोपहर 12 बजे से शुरू होने वाली महापंचायत के लिए किसान सुबह 11 बजे से पहले मुजफ्फरनगर पहुंच गए थे।
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मुजफ्फरनगर महापंचायत में शामिल होने के बाद जिले के किसानों का दोपहर तीन बजे से पानीपत आना शुरू हो गया। किसानों ने बताया कि मुजफ्फरनगर से बाहर आते ही यातायात धीमा जो जाता है, कुछ जगहों पर जाम लगने से परेशानी पेश आई।
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भारतीय किसान यूनियन ने पानीपत से मुजफ्फरनगर रोड पर 200 से ज्यादा युवा किसान स्वयंसेवकों को तैनात किया था। इन पर किसानों को जाम से निकालने और उनके भोजन की जिम्मेदारी थी। इनकी तैनाती चढ़ूनी गुट पानीपत ने की थी।
मुजफ्फरनगर महापंचायत में पहुुंचकर किसानों ने एकजुटता दिखाई है। किसानों ने बताया कि कृषि कानूनों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पानीपत से किसान शांतिपूर्ण तरीके से महापंचायत में शामिल होकर लौटे।

-सुधीर जाखड़, प्रधान, भारतीय किसान यूनियन, चढ़ूनी
पानीपत के किसानों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर कृषि कानूनों के प्रति अपना विरोध जताया है। इतने महीनों से किसानों का विरोध चल रहा है, लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है। देश भर के किसानों ने महापंचायत मेें कहा कि कृषि कानून स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
-रतन मान, प्रदेशाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन
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