फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Monsoon is passing in drought, difficulty in planting paddy

Panipat News: सूखे में बीत रहा मानसून, धान की रोपाई में परेशानी, बिजली आपूर्ति भी अपर्याप्त

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jul 2024 06:32 AM IST
विज्ञापन
Monsoon is passing in drought, difficulty in planting paddy
पानीपत। इस बार उम्मीदानुसार बारिश नहीं हो रही है। पिछले 15 दिन से जिले में एकाध स्थान पर बारिश हुई है। किसान बेहद परेशान है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी पूरी नहीं हो रही है। इसलिए धान को पर्याप्त पानी भी नहीं मिल रहा है। इससे परेशान होकर शनिवार को गढ़ी भलौर गांव में किसानों ने बिजली घर पर ताला भी जड़ दिया था।
विज्ञापन

जिले में 30 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में धान रोपाई हो चुकी है लेकिन जिले का मतलौडा क्षेत्र बारिश से अछूता बना हुुआ है। एक दो बार हल्की बूंदाबांदी को छोड़ क्षेत्र के किसान बारिश को तरस रहे हैं। क्षेत्र में बारिश ने लंबा इंतजार दिखाया है जिससे धान रोपाई को लेकर किसानों के पसीने छूट रहे हैं। किसानों का कहना है कि बिजली की कम वोल्टेज आने से खेत तैयार नहीं हो पा रहे। बिजली के बार-बार कट लग रहे हैं। प्रचंड गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने से ट्रांसफार्मर गरमा रहे हैं। बिजली की कमी व बारिश के इंतजार में रोपित धान के खेत सूख रहे हैं। रविवार को भी अधिकतर समय बादल छाए रहने के बावजूद दिनभर उमसभरी गर्मी का असर बना रहा जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। सुुबह के समय घनघोर घटा छाने के बावजूद छिंटपूट बूंदाबांदी के बाद बादल बिखर गए। वहीं, रविवार को बादल छाए रहे, उमस से जीवन जीवन प्रभावित रहा। रविवार को अधिकतम तापमान 37 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। वातावरण में नमी की मात्रा 70 प्रतिशत बनी रही। जिससे किसानों का बारिश का इंतजार और लंबा हो गया। किसान टकटकी लगाए आसमान में छाए बादलों को देखते रहे। बारिश की संभावना को देखते हुए किसान धान रोपाई की तैयारियों में लगे हुए हें। अधिकतर किसान अपने खेतों की जुताई कर चुके हैं। उन्हें तेज बारिश होने का इंतजार है। बारिश के साथ ही क्षेत्र में धान रोपाई का कार्य रफ्तार पकड़ेगा।
विज्ञापन


किसान रणबीर जागलान ने बताया कि वह आठ एकड़ धान की खेती करता है। उसने खेत कर रखे हैं। अब बारिश का इंतजार कर रहा है। बारिश होने के बाद वह धान रोपाई शुरू कर देगा। किसान रोहताश कुमार ने बताया कि जब तक और अधिक बारिश नहीं होगी, खेतों मे पानी न भरेगा, तब तक रोपाई कार्य मेे प्रगति की संभावना कम है। इसलिए बादलों की आवाजाही के बीच किसानों को तेज बारिश का इंतजार है। आगामी दिनों बारिश की संभावना से धान रोपाई में तेजी आएगी। धान रोपाई को लेकर किसानों को शुरुआती चरण में मजदूरों की कमी झेलनी पड़ सकती है। अभी तक प्रवासी मजदूरों का बहुत कम हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन








वर्जन-



जिले में करीब 75 हजार हेक्टेयर में धान की फसल लगाई जाएगी। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक आगामी दिनों बारिश के प्रबल आसार बने हुए हैं जिसके बाद धान रोपाई में तेजी आएगी। नीचे गिर रहे जल स्तर को बचाने व खेती के खर्च कम करने व अधिक मुनाफे के लिए जिले के विभिन्न गांवों में जाकर टीमों ने किसानों को सीधी बुआई के लिए प्रेरित किया है।



- डॉ. आदित्य डबास, उपनिदेशक, कृषि विभाग, पानीपत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed