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कैश की किल्लत पेंशन धारकों पर पड़ रही भारी
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
Updated Fri, 23 Dec 2016 12:23 AM IST
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नोटबंदी के चलते दूसरे महीने भी कैश किल्लत बुजुर्गों पर भारी पड़ रही है। जिले के अधिकतर बैंक में बुजुर्ग पेंशनधारक पेंशन की टेंशन में भटक रहे हैं। पेंशनधारक सुबह ही बैंक के बाहर पहुंच जाते हैं, मगर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। गुरुवार को भी सवेरे से बैंक के बाहर खड़े बुजुर्गों को बिना पेंशन के लिए ही लौटना पड़ा।
कैंप क्षेत्र के सिंडिकेट बैंक में कैश नहीं आया, जिसकी वजह से बुजुर्गों को पेंशन नहीं मिल पाई। जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बुधवार को कैश नहीं आया था और गुरुवार को दोपहर 12 बजे कैश आया। मगर यहां तकनीकि खराबी की वजह से पेंशनधारकों को नहीं बांटी जा सकी। जिस कारण पेंशन धारकों को यूं ही लौटना पड़ा। ऐसी ही स्थिति जिले के अन्य बैंकों में भी है। जहां से बुजुर्गों को धक्का मुक्की के बीच पेंशन मिल रही है। उधर, एसबीआई व पीएनीबी में उपभोक्ताओं को दो से चार हजार रुपये देकर भेजा दिया गया।
फोटो 9, 10 व 11
बाक्स:
तीन दिन लगाए पेंशन के लिए चक्कर: प्रेम
वीना नगर निवासी प्रेम कुमार ने बताया कि 14 दिसंबर को पेंशन लेने के लिए आए थे। कैश न आने की वजह से वापस जाना पड़ा। 19 को फिर बैंक में पहुंचे, यहां बोर्ड लगा था। तब भी कैश नहीं आया।
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गुरुवार को फिर से बैंक में आया। सुबह दस बजे बैंक में पता लगा कि बैंक में कैश नहीं है। उन्हें दोपहर तक कैश आने की संभावना जताई। वह बैंक के बाहर ही बैठ गया। दोपहर बाद चार बजे उन्हें पेंशन मिली।
फोटो 5
बाक्स:
दूसरे दिन भी जाना पड़ रहा है खाली हाथ:
पुराना हमीदा निवासी सलोचना, चमन देवी, मीना व गुलाब नगर निवासी कमलावती ने बताया कि उनकी पेंशन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में आती है। बुधवार को भी बैंक में कैश नहीं आया था। गुरुवार सुबह नौ बजे बैंक में पहुंच गए थे।
दस बजे पता चला कि आज भी बैंक में कैश नहीं आया है। ऐसे मेें उन्हें अब शुक्रवार को बुलाया गया है। यदि शुक्रवार को पेंशन नहीं मिली तो उनकी समस्या बढ़ जाएगी। क्योंकि बैंक में अगले दो दिन बैंक बंद रहेंगे।
फोटो 6
बाक्स:
तीन दिन बाद भी नहीं मिली पेंशन: शिवरती
पटेल नगर निवासी शिवरती अपने बेटे राहुल के साथ पेंशन के लिए आई थी।
शिवरती ने बताया कि लगातार तीन दिन से बैंक आ रहे हैं, मगर यहां उन्हें कैश नहीं मिला। गुरुवार को भी पेंशन नहीं मिली। अब उन्हें सीधे सोमवार को पेंशन लेने के लिए बुलाया गया है।
फोटो 7
बाक्स:
दूसरे दिन भी नहीं मिली पेंशन:
कैंप निवासी कौशल्या देवी व लाजवंती ने बताया कि उनकी पेंशन आ गई है, लेकिन मिल नहीं रही।
दो दिन से बैंक के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन बैंक में कैश नहीं आया। गुरुवार को सुबह दस बजे ही बैंक में पहुंच गई थी। उन्हें बताया गया कि 12 बजे तक कैश आएगा। इसलिए वह बैंक में ही बैठ गई। दो बजे तक इंतजार करती रही, तब उन्हें बताया गया कि कंप्यूटर में तनकीकि खराबी आ गई है और उनका नाम नहीं हो रहा है। उन्हें पेंशन नही मिलेगी।
फोटो 8
बाक्स:
केनरा बैंक में जमा नहीं हुआ कैश:
बैंक में कैश जमा करवाने के आरबीआई ने नियम बदल दिए हैं, मगर बैंक अधिकारी मनमर्जी कर रहे हैं ।गांधी नगर निवासी सुदेश अपने खाते में पांच हजार रुपये (पुराने नोट) जमा करवाने के लिए केनरा बैंक की कमानी चौक शाखा में गई थी।
सुदेश ने बताया कि उसका बैंक में जनधन खाता है। मगर यहां बैंक अधिकारी ने पैसे जमा करवाने के लिए पहचान पत्र की मांग की। वह घर से पहचान पत्र लेकर आई, लेकिन फिर उन्हें बताया गया कि कैश जमा नहीं करवा सकती, क्योंकि उनका जनधन खाता है। सुदेश ने बताया कि नोटबंदी के बाद से अब तक खाते में कुछ भी जमा नहीं करवाया है। उसके बाद उन्हें खाते में सिर्फ पांच हजार रुपये भी कैश जमा नहीं हुआ। जिससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी।
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कैंप क्षेत्र के सिंडिकेट बैंक में कैश नहीं आया, जिसकी वजह से बुजुर्गों को पेंशन नहीं मिल पाई। जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बुधवार को कैश नहीं आया था और गुरुवार को दोपहर 12 बजे कैश आया। मगर यहां तकनीकि खराबी की वजह से पेंशनधारकों को नहीं बांटी जा सकी। जिस कारण पेंशन धारकों को यूं ही लौटना पड़ा। ऐसी ही स्थिति जिले के अन्य बैंकों में भी है। जहां से बुजुर्गों को धक्का मुक्की के बीच पेंशन मिल रही है। उधर, एसबीआई व पीएनीबी में उपभोक्ताओं को दो से चार हजार रुपये देकर भेजा दिया गया।
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फोटो 9, 10 व 11
बाक्स:
तीन दिन लगाए पेंशन के लिए चक्कर: प्रेम
वीना नगर निवासी प्रेम कुमार ने बताया कि 14 दिसंबर को पेंशन लेने के लिए आए थे। कैश न आने की वजह से वापस जाना पड़ा। 19 को फिर बैंक में पहुंचे, यहां बोर्ड लगा था। तब भी कैश नहीं आया।
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गुरुवार को फिर से बैंक में आया। सुबह दस बजे बैंक में पता लगा कि बैंक में कैश नहीं है। उन्हें दोपहर तक कैश आने की संभावना जताई। वह बैंक के बाहर ही बैठ गया। दोपहर बाद चार बजे उन्हें पेंशन मिली।
फोटो 5
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दूसरे दिन भी जाना पड़ रहा है खाली हाथ:
पुराना हमीदा निवासी सलोचना, चमन देवी, मीना व गुलाब नगर निवासी कमलावती ने बताया कि उनकी पेंशन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में आती है। बुधवार को भी बैंक में कैश नहीं आया था। गुरुवार सुबह नौ बजे बैंक में पहुंच गए थे।
दस बजे पता चला कि आज भी बैंक में कैश नहीं आया है। ऐसे मेें उन्हें अब शुक्रवार को बुलाया गया है। यदि शुक्रवार को पेंशन नहीं मिली तो उनकी समस्या बढ़ जाएगी। क्योंकि बैंक में अगले दो दिन बैंक बंद रहेंगे।
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तीन दिन बाद भी नहीं मिली पेंशन: शिवरती
पटेल नगर निवासी शिवरती अपने बेटे राहुल के साथ पेंशन के लिए आई थी।
शिवरती ने बताया कि लगातार तीन दिन से बैंक आ रहे हैं, मगर यहां उन्हें कैश नहीं मिला। गुरुवार को भी पेंशन नहीं मिली। अब उन्हें सीधे सोमवार को पेंशन लेने के लिए बुलाया गया है।
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दूसरे दिन भी नहीं मिली पेंशन:
कैंप निवासी कौशल्या देवी व लाजवंती ने बताया कि उनकी पेंशन आ गई है, लेकिन मिल नहीं रही।
दो दिन से बैंक के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन बैंक में कैश नहीं आया। गुरुवार को सुबह दस बजे ही बैंक में पहुंच गई थी। उन्हें बताया गया कि 12 बजे तक कैश आएगा। इसलिए वह बैंक में ही बैठ गई। दो बजे तक इंतजार करती रही, तब उन्हें बताया गया कि कंप्यूटर में तनकीकि खराबी आ गई है और उनका नाम नहीं हो रहा है। उन्हें पेंशन नही मिलेगी।
फोटो 8
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केनरा बैंक में जमा नहीं हुआ कैश:
बैंक में कैश जमा करवाने के आरबीआई ने नियम बदल दिए हैं, मगर बैंक अधिकारी मनमर्जी कर रहे हैं ।गांधी नगर निवासी सुदेश अपने खाते में पांच हजार रुपये (पुराने नोट) जमा करवाने के लिए केनरा बैंक की कमानी चौक शाखा में गई थी।
सुदेश ने बताया कि उसका बैंक में जनधन खाता है। मगर यहां बैंक अधिकारी ने पैसे जमा करवाने के लिए पहचान पत्र की मांग की। वह घर से पहचान पत्र लेकर आई, लेकिन फिर उन्हें बताया गया कि कैश जमा नहीं करवा सकती, क्योंकि उनका जनधन खाता है। सुदेश ने बताया कि नोटबंदी के बाद से अब तक खाते में कुछ भी जमा नहीं करवाया है। उसके बाद उन्हें खाते में सिर्फ पांच हजार रुपये भी कैश जमा नहीं हुआ। जिससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी।