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Panipat News: मोहित का दावा- कोर्ट ने 51 वोटों से मानी जीत
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इसराना। बुआना लाखु गांव के सरपंच चुनाव के विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। मोहित मलिक का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट ने उनके हक में फैसला सुनाया है और 51 वोटों से जीत मानी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गांव में मोहित पक्ष में खुशी की लहर है और उन्हें घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा है। वहीं, कुलदीप पक्ष का कहना है कि अभी उनके पास आदेश नहीं आया। सुप्रीम कोर्ट का जो आदेश होगा उसका स्वागत किया जाएगा।
बुआना लाखू गांव में दो नवंबर 2022 को सरपंच का चुनाव हुआ था। चुनाव अधिकारी ने उस समय पहले कुलदीप सिंह और फिर मोहित को विजेता घोषित कर दिया था। इस मामले में प्रशासन के स्तर पर जांच की गई जिसमें मोहित को 51 वोट से विजयी घोषित किया गया। इनसे पहले कुलदीप को सरपंच घोषित कर दिया था। चुनाव आयोग ने पहले विजेता के प्रमाणपत्र को रद्द कर दिया था।
इस तरह से मामला पहले जिला कोर्ट पहुंचा जहां बूथ नंबर 69 पर गिनती में गड़बड़ी सामने आई थी। कोर्ट ने मोहित के पक्ष में फैसला दे दिया था। लेकिन हाईकोर्ट ने वोटों की दोबारा गणना पर रोक लगा दी थी। जिसके बाद मोहित ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। एक अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई की थी। साथ ही छह अगस्त को प्रशासनिक अधिकारियों को ईवीएम मशीन की सुप्रीम कोर्ट के सामने गिनती कराने के आदेश दिए थे। 11 अगस्त को गणना हुई। मोहित का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए 51 वोटों से विजयी घोषित किया है।
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मोहित मलिक ने कहा की सच्चाई की जीत हुई है। इसी दौरान एक महीने पहले दिल का दौरा पड़ने से मेरे ताऊजी का भी निधन हो गया था। जो मेरे परिवार के लिए किसी सदमे से कम नहीं था। आज फिर खुशी आई हैं जो सच्चाई की जीत है।
विकास के लिए किया काम : कुलदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने गांव के विकास के लिए पूरा काम किया है। गरीबों को प्लाॅटों के कब्जे दिलवाए, तालाबों के गंदे पानी की सफाई करवाई, अमृत सरोवर बनवाए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया जाएगा। उनके पास इसके आदेश की कॉपी नहीं आई है।
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बुआना लाखू गांव में दो नवंबर 2022 को सरपंच का चुनाव हुआ था। चुनाव अधिकारी ने उस समय पहले कुलदीप सिंह और फिर मोहित को विजेता घोषित कर दिया था। इस मामले में प्रशासन के स्तर पर जांच की गई जिसमें मोहित को 51 वोट से विजयी घोषित किया गया। इनसे पहले कुलदीप को सरपंच घोषित कर दिया था। चुनाव आयोग ने पहले विजेता के प्रमाणपत्र को रद्द कर दिया था।
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इस तरह से मामला पहले जिला कोर्ट पहुंचा जहां बूथ नंबर 69 पर गिनती में गड़बड़ी सामने आई थी। कोर्ट ने मोहित के पक्ष में फैसला दे दिया था। लेकिन हाईकोर्ट ने वोटों की दोबारा गणना पर रोक लगा दी थी। जिसके बाद मोहित ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। एक अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई की थी। साथ ही छह अगस्त को प्रशासनिक अधिकारियों को ईवीएम मशीन की सुप्रीम कोर्ट के सामने गिनती कराने के आदेश दिए थे। 11 अगस्त को गणना हुई। मोहित का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए 51 वोटों से विजयी घोषित किया है।
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मोहित मलिक ने कहा की सच्चाई की जीत हुई है। इसी दौरान एक महीने पहले दिल का दौरा पड़ने से मेरे ताऊजी का भी निधन हो गया था। जो मेरे परिवार के लिए किसी सदमे से कम नहीं था। आज फिर खुशी आई हैं जो सच्चाई की जीत है।
विकास के लिए किया काम : कुलदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने गांव के विकास के लिए पूरा काम किया है। गरीबों को प्लाॅटों के कब्जे दिलवाए, तालाबों के गंदे पानी की सफाई करवाई, अमृत सरोवर बनवाए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया जाएगा। उनके पास इसके आदेश की कॉपी नहीं आई है।