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Panipat News: दुराचार के आरोपी नाबालिग को 14 माह की सजा
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पानीपत। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने तीन साल की बच्चे के साथ अप्राकृतिक दुराचार के एक मामले में नाबालिग आरोपी को दोषी ठहराते हुए 14 महीने की सजा सुनाई है। इस मामले में दोषी आठ महीने की सजा काट चुका है। बाकी छह महीने की सजा और काटनी होगी।
मामला सनौली थाना के अंतर्गत 20 मई 2023 का है। जानकारी के अनुसार एक युवक ने तीन साल की एक बच्चे के साथ अप्राकृतिक दुराचार कर दिया था। पीड़ित बच्चे के माता-पिता ने अपने तीन वर्षीय बच्चे के साथ अप्राकृतिक दुराचार होने की रिपोर्ट थाने में की थी।
पुलिस ने इसमें मुकदमा दर्ज आईपीसी की धारा 377 व पॉक्सो-6 में मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस जांच में आरोपी 15 वर्षीय नाबालिग मिला।
एफएसएल की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। पुलिस ने आरोपी नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में माता-पिता अपने बयान बदलने लगे। उन्होंने कोर्ट में पेश होकर उनकी बच्चे के साथ कुछ नहीं होने की बात कही। जबकि एफएसएल में अपराध होने की पुष्टि हुई। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट पुनित लिंबा ने बताया कि एफएसएल की रिपोर्ट पर दोषी को 14 महीने की सजा सुनाई है। जिसमें आठ मास की सजा काट चुका है और उसे बाकी छह महीने प्रोबेशन पर रखा है।
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माता-पिता का सारा फर्ज बोर्ड अदा करेगा ः बोर्ड ने पीड़ित को न्याय देते हुए प्रदेश सरकार को लिखा है। पीड़ित को तीन लाख रुपये की राशि 18 साल की उम्र तक उनके खाते में एफडीआर के रूप में जमा कराने को कहा है।
साथ ही कहा कि ऐसे मामले में बच्चा बहुत छोटा है, जो कि अपने न्याय के लिए बयान देने योग्य नहीं था। बच्चे के अभिभावक ने अपने बयान को बदल दिया, जो कि गलत है।
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मामला सनौली थाना के अंतर्गत 20 मई 2023 का है। जानकारी के अनुसार एक युवक ने तीन साल की एक बच्चे के साथ अप्राकृतिक दुराचार कर दिया था। पीड़ित बच्चे के माता-पिता ने अपने तीन वर्षीय बच्चे के साथ अप्राकृतिक दुराचार होने की रिपोर्ट थाने में की थी।
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पुलिस ने इसमें मुकदमा दर्ज आईपीसी की धारा 377 व पॉक्सो-6 में मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस जांच में आरोपी 15 वर्षीय नाबालिग मिला।
एफएसएल की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। पुलिस ने आरोपी नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में माता-पिता अपने बयान बदलने लगे। उन्होंने कोर्ट में पेश होकर उनकी बच्चे के साथ कुछ नहीं होने की बात कही। जबकि एफएसएल में अपराध होने की पुष्टि हुई। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट पुनित लिंबा ने बताया कि एफएसएल की रिपोर्ट पर दोषी को 14 महीने की सजा सुनाई है। जिसमें आठ मास की सजा काट चुका है और उसे बाकी छह महीने प्रोबेशन पर रखा है।
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माता-पिता का सारा फर्ज बोर्ड अदा करेगा ः बोर्ड ने पीड़ित को न्याय देते हुए प्रदेश सरकार को लिखा है। पीड़ित को तीन लाख रुपये की राशि 18 साल की उम्र तक उनके खाते में एफडीआर के रूप में जमा कराने को कहा है।
साथ ही कहा कि ऐसे मामले में बच्चा बहुत छोटा है, जो कि अपने न्याय के लिए बयान देने योग्य नहीं था। बच्चे के अभिभावक ने अपने बयान को बदल दिया, जो कि गलत है।