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Panipat News: काम का दबाव और पारिवारिक कलह से बिगड़ रहा मानसिक स्वास्थ्य
Sat, 10 Oct 2026 03:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sat, 10 Oct 2026 03:24 AM IST
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स्वीटी सांगवान
पानीपत। औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र होने से जिले में मानसिक रोगी बढ़ गए हैं। पिछले पूरे साल में जहां 11140 मरीज मिले थे, वहीं इस साल सात महीने से पहले ही 8794 मरीज मिल चुके हैं। इससे डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं। चिकित्सक मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ने का मुख्य कारण काम का दबाव और पारिवारिक कलह बता रहे हैं। चिकित्सक लोगों को झाड़-फूंक में समय व्यर्थ न करके बीमारी के शुरुआती लक्षणों में ही चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दे रहे हैं।
जानकाररआज के समय में लोगों में सहनशीलता कम होती जा रही है और काम का दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में व्यक्ति स्वयं और अपने रिश्तों को नहीं संभाल पा रहा है। काम का तनाव और आर्थिक अनिश्चितता की वजह से व्यक्ति डिप्रेशन और एंग्जायटी का शिकार हो रहा है। वहीं किशोरों और युवाओं में स्मार्टफोन की लत और सोशल मीडिया पर तुलनात्मक जीवनशैली के कारण अकेलापन बढ़ गया है।
जिला नागरिक अस्पताल में मनोरोग काउंसलर विनोद ने बताया कि अस्पताल में हर पांचवां व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान होकर पहुंच रहा है। अस्पताल में व्यक्ति नींद की कमी और हीनभावना की शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। युवा नशे या मोबाइल की लत से, पढ़ाई के कारण दबाव में आकर कई बार आत्महत्या तक का प्रयास कर रहे हैं वहीं कामकाजी लोग काम के दबाव के कारण या काम के कारण परिवार में कलह होने से कारण या परिवार को समय न दे पाने के कारण मानसिक रूप से परेशान रहने लगते हैं जो आगे चलकर मानसिक रोगी बन रहे हैं। अस्पताल में पहले व्यक्ति की काउंसलिंग की जाती है और उसके बाद दवा चलाकर उनका इलाज किया जाता है साथ ही उन्हें इससे बचाव के लिए योग व अन्य उपायों के बारे में बताया जाता है। अस्पताल में लोगों को जागरूक करने के लिए शनिवार को जागरूकता कार्यक्रम किया जाएगा।
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मानसिक रोग के कारण और बचाव के उपाय
जिला नागरिक अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोना नागपाल ने बताया कि मानसिक रोग के कई कारण हो सकते हैं। यह आनुवांशिक, मनोवैज्ञानिक, मनो-सामाजिक, आर्थिक तनाव, पारिवारिक कलह, गंभीर बीमारी या सिर पर चोट लगने से, तनाव के कारण, नशे और गलत धारणाओं के कारण, घबराहट, पैनिक अटैक, फोगिया, ओसीडी ( एक काम बार-बार करना हो सकते हैं। इनसे बचाव के लिए व्यक्ति को हर रोज योग व व्यायाम करना चाहिए। अंधविश्वास से बचे, समय पर चिकित्सक से परामर्श करे, मोबाइल से दूरी बनाकर रखे, स्वयं को व्यस्त रखना चाहिए और यह बीमारी होने पर बच्चों की शादी न करे। संवाद
साल नए फॉलोअप कुल मरीज
2025 3996 7144 11140
2026 1995 6799 8794
अप्रैल से अब तक के मरीज
महीना मरीज संख्या
अप्रैल 2127
मई 2004
जून 1730
जुलाई 2583
अगस्त 2244
सितंबर 2102
अक्तूबर 563 ( आठ दिन में )
वर्जन :
आज के समय में व्यक्ति को अपनी जीवनशैली में योग को अपनाना चाहिए। इससे मानसिक शांति मिलती है और यह हमारे लिए लाभदायक सिद्ध होता है। इसके साथ ही व्यक्ति को अपने और अपने परिवार के लिए समय निकालना चाहिए ताकि वह मन की बातें किसी से कर सके और अंदर ही अंदर परेशान न हो।
डॉ. मोना नागपाल, मनोरोग विशेषज्ञ जिला नागरिक अस्पताल।
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पानीपत। औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र होने से जिले में मानसिक रोगी बढ़ गए हैं। पिछले पूरे साल में जहां 11140 मरीज मिले थे, वहीं इस साल सात महीने से पहले ही 8794 मरीज मिल चुके हैं। इससे डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं। चिकित्सक मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ने का मुख्य कारण काम का दबाव और पारिवारिक कलह बता रहे हैं। चिकित्सक लोगों को झाड़-फूंक में समय व्यर्थ न करके बीमारी के शुरुआती लक्षणों में ही चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दे रहे हैं।
जानकाररआज के समय में लोगों में सहनशीलता कम होती जा रही है और काम का दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में व्यक्ति स्वयं और अपने रिश्तों को नहीं संभाल पा रहा है। काम का तनाव और आर्थिक अनिश्चितता की वजह से व्यक्ति डिप्रेशन और एंग्जायटी का शिकार हो रहा है। वहीं किशोरों और युवाओं में स्मार्टफोन की लत और सोशल मीडिया पर तुलनात्मक जीवनशैली के कारण अकेलापन बढ़ गया है।
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जिला नागरिक अस्पताल में मनोरोग काउंसलर विनोद ने बताया कि अस्पताल में हर पांचवां व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान होकर पहुंच रहा है। अस्पताल में व्यक्ति नींद की कमी और हीनभावना की शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। युवा नशे या मोबाइल की लत से, पढ़ाई के कारण दबाव में आकर कई बार आत्महत्या तक का प्रयास कर रहे हैं वहीं कामकाजी लोग काम के दबाव के कारण या काम के कारण परिवार में कलह होने से कारण या परिवार को समय न दे पाने के कारण मानसिक रूप से परेशान रहने लगते हैं जो आगे चलकर मानसिक रोगी बन रहे हैं। अस्पताल में पहले व्यक्ति की काउंसलिंग की जाती है और उसके बाद दवा चलाकर उनका इलाज किया जाता है साथ ही उन्हें इससे बचाव के लिए योग व अन्य उपायों के बारे में बताया जाता है। अस्पताल में लोगों को जागरूक करने के लिए शनिवार को जागरूकता कार्यक्रम किया जाएगा।
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मानसिक रोग के कारण और बचाव के उपाय
जिला नागरिक अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोना नागपाल ने बताया कि मानसिक रोग के कई कारण हो सकते हैं। यह आनुवांशिक, मनोवैज्ञानिक, मनो-सामाजिक, आर्थिक तनाव, पारिवारिक कलह, गंभीर बीमारी या सिर पर चोट लगने से, तनाव के कारण, नशे और गलत धारणाओं के कारण, घबराहट, पैनिक अटैक, फोगिया, ओसीडी ( एक काम बार-बार करना हो सकते हैं। इनसे बचाव के लिए व्यक्ति को हर रोज योग व व्यायाम करना चाहिए। अंधविश्वास से बचे, समय पर चिकित्सक से परामर्श करे, मोबाइल से दूरी बनाकर रखे, स्वयं को व्यस्त रखना चाहिए और यह बीमारी होने पर बच्चों की शादी न करे। संवाद
साल नए फॉलोअप कुल मरीज
2025 3996 7144 11140
2026 1995 6799 8794
अप्रैल से अब तक के मरीज
महीना मरीज संख्या
अप्रैल 2127
मई 2004
जून 1730
जुलाई 2583
अगस्त 2244
सितंबर 2102
अक्तूबर 563 ( आठ दिन में )
वर्जन :
आज के समय में व्यक्ति को अपनी जीवनशैली में योग को अपनाना चाहिए। इससे मानसिक शांति मिलती है और यह हमारे लिए लाभदायक सिद्ध होता है। इसके साथ ही व्यक्ति को अपने और अपने परिवार के लिए समय निकालना चाहिए ताकि वह मन की बातें किसी से कर सके और अंदर ही अंदर परेशान न हो।
डॉ. मोना नागपाल, मनोरोग विशेषज्ञ जिला नागरिक अस्पताल।